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गोरखपुर समेत चार जिलों की 20 फर्म के खिलाफ वारंट

Thu, 18 Feb 2016 01:55 AM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 18 Feb 2016 01:55 AM IST
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warrant against 20 firm of four district
बार-बार की चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों का भविष्य निधि न जमा करने वाले फर्म मालिकों के खिलाफ कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) महकमे ने सख्ती की है। चार जिलों के 20 से अधिक फर्म मालिकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह ने संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को कार्रवाई के आदेश के साथ ही गिरफ्तारी के लिए पत्र भेजा है।
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कार्रवाई की जद में बलिया के दो और गोरखपुर व देवरिया के एक-एक सिनेमा हॉल के मालिक भी हैं। सर्वाधिक 1.31 करोड़ रुपये का बकाया महराजगंज के गड़ौरा चीनी मिल मालिक पर है। बकाये को लेकर इस चीनी मिल के मालिकों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है।
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गोरखपुर के जिन फर्म मालिकों पर कार्रवाई हुई है उनमें दुर्गा ब्रीडिंग फर्म के प्रोपराइटर अनुज पोददर, प्रकाश ऑटो मोबाइल वर्कशाप की प्रोपराइटर भारतीय गर्ग और नारायणी टॉकिज उरुवां के लाइसेंसी अरुण कुमार त्रिपाठी शामिल हैं। इसी तरह देवरिया सूरज टॉकिज के कामेश्वर सिंह, बलिया के आराधना टॉकिज के रवींद्र कुमार सिंह और नारायणी टॉकिज के लाइसेंसी विनोद कुमार दुबे शामिल हैं।
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बता दें कि महकमे ने जिन भी फर्म के खिलाफ कार्रवाई की है, उनपर करीब एक से दो दशक पहले तक का कर्मचारियों का बकाया है। इनमें तीन लाख रुपये से लेकर सवा करोड़ रुपये तक के बकायेदार शामिल हैं। बकाये का आकलन होने के बाद इन्हें कई बार महकमे की तरफ से नोटिस भेजा गया। कुछ के बैंक खाते भी सीज किए गए मगर इसके बाद भी कर्मचारियों के भविष्य निधि का अंश नहीं जमा कराया गया। फर्म मालिकों की मनमानी को देखते हुए ही महकमे ने सभी के खिलाफ वारंट जारी कर पुलिस को एक महीने के भीतर इनकी गिरफ्तारी करने को कहा है। यदि इस दौरान संबंधित फर्म बकाये की रकम जमा कर देती है तो वे वे कार्रवाई से बच जाएंगे।  

मालिक-     फर्म                       बकाया     अवधि

भारतीय गर्ग - प्रकाश ऑटो मोबाइल, गोरखपुर - 7.72 लाख - अप्रैल 96-जुलाई 2003
अनुज पोद्दार - दुर्गा ब्रीडिंग फर्म, गोरखपुर - 3.74 लाख - अक्टूबर2001-अप्रैल 05
कामेश्वर सिंह - सूरज टॉकिज देवरिया - 9.99 लाख - अप्रैल 1988- दिसंबर 2008
डीपीएन त्रिपाठी - जेएचबी सुगर, गड़ौरा - 1.31 करोड़ - सितंबर 2009- मार्च 2013
रामधीर सिंह - ज्योति पैलेस, रानीगंज बलिया - 4.13 लाख - जून 1992- दिसंबर 2004
अरुण त्रिपाठी - नारायणी टॉकिज, उरुवां, गोरखपुर - 5.40 लाख - मार्च 1993-अगस्त 2003
रविंद्र सिंह - आराधना टॉकिज, बलिया - 4.68 लाख - मई 1992 -अगस्त 2003
विनोद दुबे - नारायणी टॉकिज, बलिया - 4.19 लाख - जनवरी 1993- अगस्त 2003
मीर हसन - रहमान फेब्रिकेशन, देवरिया - 4.15 लाख - मई 1996- अगस्त 2003

कर्मचारियों के भविष्य निधि की रकम न जमा करने पर सभी को नोटिस भेजा गया था। चेतावनी भी दी गई थी मगर संबंधित फर्म ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। इसके बाद भी अगर किसी फर्म के मालिक ने बकाया नहीं जमा किया तो उसकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है। यही नहीं, बकाया जमा करने के बाद जुर्माना और ब्याज का आकलन होगा। फिर उसकी वसूली के  लिए भी कार्रवाई की जाएगी।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर, गोरखपुर जोन
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