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पिता-पुत्री का शव देख फफक पड़ा हर कोई
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Tue, 22 Nov 2016 01:34 AM IST
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पुखरायां ट्रेन हादसे में राजाराम और नीलिमा की मौत की खबर से घर में मातम छा गया।
- फोटो : Amar Ujala
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कानपुर रेल हादसे में जान गंवाने वाले मानबेला के राजाराम और उनकी 23 साल की बेटी नीलिमा की लाश मंगलवार को जैसे ही उनके आवास पहुंची, कोहराम मच गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि भतीजे की शादी में आ रहे राजाराम और उनकी बेटी अब नहीं रहे। हर कोई दोनों की लाश को देखकर फफक पड़ा। पति और बेटी की लाश देख राजराम की पत्नी शांति, बड़ी बेटी बबिता और बेटा विमलेश आपा खो बैठे।
वॉलीबाल के बेहतरीन खिलाड़ी राजाराम तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। वह उज्जैन में रेलवे की दूरसंचार सेवा में कार्यरत थे और पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे के साथ उज्जैन के गाउघाट रेलवे कालोनी में रहते थे। 23 नवंबर को उनके भतीजे की शादी है, जिसमें शामिल होने उनकी पत्नी, एक बेटी और बेटा छह नवंबर को ही आ गए थे। स्कूल में टीचर सबसे छोटी बेटी गीतांजलि को छुट्टी नहीं मिली तो वह नहीं आई, जबकि राजाराम बेटी नीलिमा को लेकर इंदौर-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस से गोरखपुर आ रहे थे।
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वॉलीबाल के बेहतरीन खिलाड़ी राजाराम तीन भाइयों में दूसरे नंबर के थे। वह उज्जैन में रेलवे की दूरसंचार सेवा में कार्यरत थे और पत्नी, तीन बेटियों और एक बेटे के साथ उज्जैन के गाउघाट रेलवे कालोनी में रहते थे। 23 नवंबर को उनके भतीजे की शादी है, जिसमें शामिल होने उनकी पत्नी, एक बेटी और बेटा छह नवंबर को ही आ गए थे। स्कूल में टीचर सबसे छोटी बेटी गीतांजलि को छुट्टी नहीं मिली तो वह नहीं आई, जबकि राजाराम बेटी नीलिमा को लेकर इंदौर-राजेंद्रनगर एक्सप्रेस से गोरखपुर आ रहे थे।
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सुबह 7 बजे हुई हादसे की जानकारी
पुखरायां हादसे की जानकारी सबसे पहले छोटी बेटी गीतांजलि को हुई। उसने गोरखपुर में बड़े पापा को फोन करके बताया कि पापा और दीदी जिस ट्रेन से जा रही थीं, वह हादसे का शिकार हो गया है। उनका मोबाइल फोन भी नहीं मिल रहा है। सूचना मिलते ही राजाराम के बड़े भाई, बेटा व परिवार के लोग निजी गाड़ी से पुखरायां रवाना हो गए।
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