{"_id":"5dbc30908ebc3e93a844856f","slug":"truck-crushed-bike-pharmacist-died-in-accident","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रक ने बाइक को रौंदा, हादसे में फार्मासिस्ट की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रक ने बाइक को रौंदा, हादसे में फार्मासिस्ट की मौत
Fri, 01 Nov 2019 06:48 PM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला व्यूरो, संतकबीरनगर
अमर उजाला व्यूरो, संतकबीरनगर
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Fri, 01 Nov 2019 06:48 PM IST
विज्ञापन
हादसे में फार्मासिस्ट की मौत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संतकबीरनगर में हदावल थानाक्षेत्र के बीएमसीटी मार्ग पर बीमापार गांव के निकट धर्मकांटे के पास शुक्रवार को ट्रक के रौंदने से बाइक सवार फार्मासिस्ट की मौत हो गई। घटना के बाद आस-पास के लोग जुट गए। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी 32 वर्षीय आशुतोष गुप्ता पुत्र हरिश्चंद्र गुप्ता राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल सांथा में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात थे। शुक्रवार को वह ड्यूटी के लिए बाइक से घर से निकले थे। अभी वह क्षेत्र के बीमापार गांव के पास धर्मकांटे के निकट पहुंचे ही थे। उसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें रौंद दिया। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद आस-पास के लोग मौके पर जुट गए। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। सूचना पर पीड़ित परिजन और उनके गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। एसओ रविंद्र कुमार गौतम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पीड़ित परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बड़े बेटे की मौत ने परिवार पर डाला विपत्ति का पहाड़
हादसे में फार्मासिस्ट की मौत की खबर जैसे ही हरपुर गांव में पहुंची, वैसे ही कोहराम मच गया। पत्नी का रो- रो कर बुरा हाल था। पीड़ित के घर गांव वालों की भीड़ जुट गई। हर किसी की जुंबा पर सिर्फ यही शब्द था कि फार्मासिस्ट आशुतोष गुप्ता बेहद नेक इंसान थे। उनकी कमी गांव वालों को हमेशा खलेगी।
हरपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र गुप्ता क्षेत्र के डुमरिया बाबू गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल में अध्यापक पद पर तैनात है। उनके दो बेटे और दो बेटियां थी। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है और वह अपने- अपने ससुराल में हैं। बड़े बेटे आशुतोष गुप्ता साथा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पर फार्मासिस्ट के पद पर तैनात थे। शुक्रवार को हुए हादसे में मौत के शिकार हो गए।
घर पर पत्नी सीमा का रो- रो कर बुरा हाल था। चार वर्षीय बेटी अदिति और एक साल का बेटा आरव मां को रोता देख कर सिर्फ निहार रहे थे। पोस्टमार्टम हाऊस पर गांव वालों के साथ आए शिक्षक पिता हरिश्चंद्र गुप्ता गमगीन बैठे थे। रोते हुए बताए कि बड़े बेटे की मौत ने परिवार को झकझोर दिया। छोटे भाई भौतेष गुप्ता भी गमगीन थे। मां चंपा देवी भी बेटे के लिए तड़फ रही थीं। गांव के लोग भी घटना से दुखी हैं।
विज्ञापन
क्षेत्र के हरपुर गांव निवासी 32 वर्षीय आशुतोष गुप्ता पुत्र हरिश्चंद्र गुप्ता राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल सांथा में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात थे। शुक्रवार को वह ड्यूटी के लिए बाइक से घर से निकले थे। अभी वह क्षेत्र के बीमापार गांव के पास धर्मकांटे के निकट पहुंचे ही थे। उसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें रौंद दिया। जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन
घटना के बाद आस-पास के लोग मौके पर जुट गए। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। सूचना पर पीड़ित परिजन और उनके गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। एसओ रविंद्र कुमार गौतम ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पीड़ित परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बड़े बेटे की मौत ने परिवार पर डाला विपत्ति का पहाड़
हादसे में फार्मासिस्ट की मौत की खबर जैसे ही हरपुर गांव में पहुंची, वैसे ही कोहराम मच गया। पत्नी का रो- रो कर बुरा हाल था। पीड़ित के घर गांव वालों की भीड़ जुट गई। हर किसी की जुंबा पर सिर्फ यही शब्द था कि फार्मासिस्ट आशुतोष गुप्ता बेहद नेक इंसान थे। उनकी कमी गांव वालों को हमेशा खलेगी।
हरपुर गांव निवासी हरिश्चंद्र गुप्ता क्षेत्र के डुमरिया बाबू गांव स्थित जूनियर हाईस्कूल में अध्यापक पद पर तैनात है। उनके दो बेटे और दो बेटियां थी। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है और वह अपने- अपने ससुराल में हैं। बड़े बेटे आशुतोष गुप्ता साथा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल पर फार्मासिस्ट के पद पर तैनात थे। शुक्रवार को हुए हादसे में मौत के शिकार हो गए।
घर पर पत्नी सीमा का रो- रो कर बुरा हाल था। चार वर्षीय बेटी अदिति और एक साल का बेटा आरव मां को रोता देख कर सिर्फ निहार रहे थे। पोस्टमार्टम हाऊस पर गांव वालों के साथ आए शिक्षक पिता हरिश्चंद्र गुप्ता गमगीन बैठे थे। रोते हुए बताए कि बड़े बेटे की मौत ने परिवार को झकझोर दिया। छोटे भाई भौतेष गुप्ता भी गमगीन थे। मां चंपा देवी भी बेटे के लिए तड़फ रही थीं। गांव के लोग भी घटना से दुखी हैं।