फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   train wait for gaurd

गोरखपुर: यहां तो ट्रेन करती है गार्ड का इंतजार

Fri, 12 Jul 2019 02:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 12 Jul 2019 02:09 AM IST
विज्ञापन
train wait for gaurd
यहां तो ट्रेनें करती हैं गार्ड का ‘इंतजार’
विज्ञापन

राजन राय
गोरखपुर। रेलवे स्टेशन पर आपने यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करते अक्सर सुना होगा, लेकिन ट्रेनें अगर गार्ड का इंतजार करें तो हैरान करने वाली बात है। गोरखपुर स्टेशन पर वाराणसी और बिहार जाने वाली ट्रेनें, गार्ड के आने का इंतजार करती हैं। 10 से ज्यादा ऐसे गार्ड हैं जो दूसरे जिले में रहते हैं और अक्सर ड्यूटी पर विलंब से पहुुंचते हैं। इनके चक्कर में ट्रेनें काफी देर तक खड़ी करनी पड़ती है और यात्रियों की सांसत होती है। ताजा वाकया 18 जून का है, नरकटियागंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के गार्ड नहीं आए तो आनन-फानन में स्टेशन ड्यूटी गार्ड खुद कार्यालय बंद कर रवाना हुए।
वाराणसी मंडल के तहत इन गार्डों की ड्यूटी रेलवे स्टेशन पर है। चार गार्ड देवरिया, तीन सलेमपुर, एक बस्ती, दो पडरौना से आते-जाते हैं। इन्हें बाकायदा शहरी आवास भत्ता भी दिया जाता है। ये गार्ड रेलवे को आर्थिक चोट तो पहुंचा ही रहे हैं, इनके चलते ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। बीते तीन महीने में दो गार्ड पर कार्रवाई भी हो चुकी है लेकिन भविष्य में शहर में रहने का भरोसा दिलाकर रेलवे की सुविधाएं ले रहे हैं।
विज्ञापन

गांव से आते-जाते पर दावा समय से ड्यूटी का
अमर उजाला के पास 8 ऐसे गार्ड के नाम मौजूद है जो शहर में नहीं रहकर भी शहरी भत्ता का लाभ उठाते हैं। इन गार्ड से बातकर इनका पक्ष जानने की कोशिश की गई। तीन गार्ड से बात हुई। तीन गार्ड रमेश यादव, गोविंद सिंह व महेंद्र चौबे ने फोन रिसीव नहीं किया। जबकि दो गार्ड आरके मिश्र,अनिल यादव का मोबाइल नेटवर्क कवरेज से बाहर मिला। इन्हीं में से एक गार्ड काशीनाथ का कहना है कि तीन साल क्वार्टर लेकर रहे थे। खाना बनाने में बड़ी दिक्कत होती थी। अब छह महीने नौकरी बची है तो गांव से ही आते-जाते हैं। अब इससे क्या फर्क पड़ता है कि कहां रहते हैं, ड्यूटी समय से कर लेते हैं। वहीं गार्ड इंद्रजीत का कहना है कि 24 साल की नौकरी में कभी दाग नहीं लगा। शहर में बहन का घर है, कभी कभी वहां रुक जाता हूं और कभी गांव चले जाते हैं। हां, समय से ड्यूटी करने पहुंच जाता हूं। अन्य सभी गार्डों के पक्ष जब भी प्राप्त होंगे, प्रकाशित किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
देर से आने वाले गार्ड के खिलाफ कार्रवाई होती है। तीन महीने पहले ही एक गार्ड का छह महीने का इंक्रीमेंट रोका गया है जबकि एक गार्ड का चार्जशीट दिया गया। नरकटियागंज पैसेंजर में भी लखनऊ मंडल से सूचना मांगी जाएगी। अगर शहरी आवासीय भत्ता गार्ड ले रहे हैं तो उन्हें शहर में आवास लेना चाहिए। इसकी जांच कराई जाएगी।
रोहित गुप्ता, सीनियर डीओएम वाराणसी मंडल
विभाग में इनका नहीं है शहरी पता
नाम मालगाड़ी/ ट्रेन स्थायी पता
आरके मिश्र मालगाड़ी बस्ती
महेंद्र चौबे पैसेंजर ट्रेन पडरौना
काशीनाथ एक्सप्रेस सलेमपुर
रमेश यादव मालगाड़ी देवरिया
सुरेश यादव मालगाड़ी देवरिया
इंद्रजीत मालगाड़ी देवरिया
अनिल यादव मालगाड़ी सलेमपुर
गोविंद सिंह एक्सप्रेस देवरिया
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed