ठगी का शिकार युवक दो माह तक चेक करता रहा टिकट
गोरखपुर। ठगी का शिकार चंडीगढ़ का युवक दो माह तक रेलवे स्टेशन पर टिकट की जांच करता रहा। टीसी की नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाज ने उससे 10 लाख रुपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र तो दिया ही, दो महीने तक उसके खाते में सेलरी भी भेजी।
संदेह होने पर डीआरएम आफिस पहुंचे युवक ने जब छानबीन की तो उसे जालसाजी की जानकारी हुई। बृहस्पतिवार को पीड़ित ने रेलवे ऑफिसर्स क्लब के पास जालसाज के एक साथी पकड़ लिया। पुलिस जालसाज के बारे में जानकारी जुटा रही है।
चंडीगढ़ की एक प्राइवेट कंपनी में काम करने के दौरान आर. मुकम की जान पहचान गोरखपुर के रहने वाले शिशिर कुमार से हुई थी। जनवरी 2015 में पूर्वोत्तर रेलवे में टीसी (टिकट कलेक्टर) की नौकरी दिलाने के लिए शिशिर ने आर. मुगम से 10 लाख रुपये लिए। 28 अप्रैल को रेलवे अस्पताल के पास मेडिकल कराने के बाद उसे नियुक्ति पत्र दे दिया गया। मई 2015 से गोरखपुर, देवरिया रेलवे स्टेशन के साथ ही कई पैसेंजर ट्रेनों में दो माह तक टिकट चेक कराने के साथ ही उसके खाते में दो बार 9000 - 9300 रुपये भेजे गए। संदेह होने पर अगस्त 2015 में आर. मुगम ने जब डीआरएम लखनऊ के आफिस पहुंचकर नियुक्ति पत्र दिखाया और छानबीन कराई तो उसे जालसाजी की जानकारी हुई। भेद खुलने के बाद शिशिर से उसने फोन पर बात कर रुपये मांगे तो उसने मोबाइल बंद कर लिया। इसके बाद पीड़ित ने पूर्वोत्तर रेलवे विजिलेंस के अधिकारियों को घटना की जानकारी दी।
शोर मचाते हुए जब उसने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो वह बाइक लेकर भाग निकला। इसके बाद आर. मुगम ने राहगीरों की मदद से जालसाज से बातचीत कर रहे पशु चिकित्सक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। चिकित्सक के पास मिली एक फाइल में पुलिस को कानपुर के रहने वाले अनुज कुमार नाम के युवक का टीसी का नियुक्ति पत्र मिला है, जिसकी छानबीन चल रही है। पीड़ित के साथ ही पुलिस अधिकारी भी इस मामले में कुछ बोलने से बच रहे हैं।
चंडीगढ़, पंचकुला के वीरपाला का रहने वाले युवक आर मुगम के पिता चल्लावेल लोक निर्माण विभाग में बाबू हैं।
इस बीच बृहस्पतिवार की दोपहर में आर. मुगम ने रेलवे ऑफिसर्स क्लब के पास शिशिर को एक व्यक्ति से बात करते देखा।
इनसेट
राजघाट के बसंतपुर का रहने वाला है जालसाज
टीसी की नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाला जालसाज शिशिर कुमार राजघाट के बसंतपुर का रहने वाला है। आर. मुगम के अलावा उसने कई लोगों के साथ जालसाजी की है। सभी लोगों को उसने अपना अलग-अलग नाम बताया है। जालसाज की तलाश में पुलिस ने दबिश भी दी, लेकिन उसका पता नहीं चला