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रिजल्ट के बाद भविष्य पर मेधावियों की नजरें
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 07 May 2016 12:52 AM IST
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ईशान सिंह को मिठाई खिलातीं उनकी मां ।
- फोटो : shivharsh
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सिविल सेवा में जाकर देश सेवा करूंगा
मैं अपनी सफलता का श्रेय पूरी तरह से अपने माता-पिता को देना चाहता हूं। मेरा सपना है कि मैं अपने पिता की तरह बन सकूं। देश के प्रधानमंत्री मेरे आदर्श हैं। उनकी कड़ी मेहनत से मुझे प्रेरणा मिलती है। मेरा भांजा आर्थक भी मेरी सफलता का हकदार है। मुझे हमेशा पढ़ने के लिए डांट लगाता रहा। मेरा लक्ष्य इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सेवा में जाना है। पढ़ाई के दौरान जब बोरियत होती थी तो मैं संगीत सुनता था।
- अंकित कुमार मिश्रा, 98.25 प्रतिशत, कक्षा 12, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, राप्ती नगर
जेई मेंस में सफलता पाना है मेरा लक्ष्य
मेरी सफलता में मेरे घर वालों का बहुत बड़ा श्रेय है। उन्होंने कभी पढ़ाई के लिए दबाव नहीं बनाया। परीक्षा के समय मैं कुछ घंटे ज्यादा पढ़ाई करता था। इसके अलावा साल भर नियमित समय निकालकर चार घंटे पढ़ाई की। मेरा लक्ष्य जेई मेंस में सफलता हासिल करना है। मुझे खुशी है मैने अपने घर वालों का मान बढ़ाया है। फुटबाल मेरा पसंदीदा खेल है। मै पढ़ाई के साथ-साथ कुछ समय फुटबाल खेलने के लिए भी लेता हूं।
- ईशान सिंह, 97.86 प्रतिशत, कक्षा 10, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, राप्तीनगर
इंजीनियर बनना मेरा सपना
बेहतर अंक पाने के बाद मेरा उत्साह और बढ़ गया है। मेरा सपना इंजीनियर बनना है। अभिभावक भी यही चाहते हैं और इसे मैं पूरा करूंगा।
- मोहम्मद ओसामा, 91 प्रतिशत, एलएफएस धर्मपुर, कक्षा 12
आईएएस बनाना चाहती हूं
मैं आईएएस बनना चाहता हूं। यह मेरा और मेरे परिवार दोनों का ही सपना है। अच्छे अंक आने के बाद मेरा हौसला बढ़ा है। मैं अपने सपने को जरूर पूरा करूंगी।
- नेहा गुप्ता, 96 प्रतिशत, आरपीएम एकेडमी, कक्षा 12
मुझे तो डॉक्टर बनना है
मेरा बस एक ही सपना है कि मैं बेहतर डॉक्टर बन सकूं। इसके लिए मैं पूरा प्रयास कर रहा हूं। अभिभावक और गुरुजन का पूरा सहयोग मिलता है।
- वैभव गुप्ता, 93 प्रतिशत, आरपीएम एकेडमी, कक्षा 12
घर वालों का मिलता है सहयोग
मैं आईआईटी के क्षेत्र में जाना चाहती हूं। इसके लिए मुझे घर वालों के अलावा गुरुजनों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्हीं के आशीर्वाद से मेरे बेहतर अंक आए हैं।
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- अंकित, 91.9 प्रतिशत, आरपीएम एकेडमी, कक्षा 12
इंजीनियर बनने का है लक्ष्य
मेरा सपना पायलट बनना है। इसी उद्देश्य को लेकर मैं अपनी पढ़ाई कर रही हूं। अच्छे अंक आने पर मेरा आत्मबल और बढ़ गया है।
- कार्तिक दूबे, 92.5, सेंट जोसेफ गोरखनाथ, कक्षा 12
गुरुजनोें का रहा विशेष सहयोग
घर वालाें के साथ ही गुरुजनों का विशेष सहयोग रहा है। उनके मार्गदर्शन से ही मैं बेहतर अंक पाने में सफल हुई हूं। इंजीनियर बनाना मेरा सपना है।
- श्रद्धा 93.7, सेंट जोसेफ गोरखनाथ, कक्षा 12
अच्छे अंक से उत्साह बढ़ा
इंजीनियर बनने की चाहत है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उसी हिसाब से पढ़ाई करती हूं। आज के बेहतर अंक से उत्साह बढ़ा है।
- खुशबू, 92.75, सेंट जोसेफ गोरखनाथ, कक्षा 12
इंजीनियरिंग है मेरा पसंदीदा क्षेत्र
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ही मैं अपने कॅरिअर को बनाना चाहती हूं। मेरे सपने को मेरे घर वाले भी साकार कराने में पूरा सहयोग देते हैं। इससे मेेरा उत्साह और बढ़ जाता है।
- अभिषेक, 96.25 प्रतिशत, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, कक्षा 12
साइंटिस्ट की राह में पहला कदम
मेरा सपना आईएएस, इंजीनियर या डॉक्टर बनने का कभी नहीं रहा। मैं वैज्ञानिक बनना चाहती हूं और यह कामयाबी का पहला कदम है। मेरे सपने को हकीकत बनाने में मेरे घर वालों का सबसे अहम सहयोग रहा है।
- शिवि बैजल, 98 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर कक्षा 12
सिविल सर्विस से देश की सेवा करूंगा
सफलता का पूरा श्रेय मेरे घर वालों खास तौर पर अपनी मां को देना चाहता हूं। मेरे पिता हमेशा से मेरी प्रेरणा रहे हैं। सिविल सर्विस कर देश की सेवा करना लक्ष्य है।
- अनुराग श्रीवास्तव, 96.2 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 12
मां को श्रद्घांजलि है यह कामयाबी
आज मेरी सफलता के बीच मेरी मां नहीं हैं। यह सफलता मैं अपनी मां को श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित करता हूं। मेरी सफलता मेें मेरे पिता भी प्र्रेरणास्त्रोत रहे हैं।
- हेमंत उपाध्याय, 96 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 12
घर वालों का सपना पूरा करना है
मैं अपनी सफलता के साथ-साथ अपने घर वालों के सपने को साकार करना चाहती हूं। आईएएस बनना मेरा सपना और लक्ष्य भी है।
- स्वीकृति सेठ, 95.2 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 12
इंजीनियर बनना है सपना
मै अपनी सफलता का श्रेय अपने घर के लोगों और टीचर्स को देना चाहती हूं। उनके मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। मेरा लक्ष्य है सफल इंजीनियर बनना है।
- ईरा, 95.4, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 12
मुझे इंजीनियर बनना है
मेरा लक्ष्य इंजीनियर बनना है। इसी उद्देश्य से पढ़ाई कर रही हूं। अच्छे अंक आने के बाद और मेहनत करने की प्रेरणा मिली है। मैं अपने सपने को जरूर पूरा करूंगी।
- अराध्या त्रिपाठी, 95.2, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, हाईस्कूल
हौसले को मिली नई ऊंचाई
मैं अपने कॅरिअर के साथ ही घर वालों के सपनों को भी साकार करना चाहती हूं। इंजीनियरिंग क्षेत्र मेरी पहली पसंद है। इसकी तैयारी में लगी हूं।
- साम्या, 96.4, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, हाईस्कूल
मुझे बीटेक करना है
इंटर में बेहतर पढ़ाई के बाद बीटेक में दाखिला मेरा सपना है। इसी उद्देश्य कोे लेकर पढ़ाई कर रही हूं। घरवालों का भी पूरा सहयोग मेरे पढ़ाई में रहता है।
- अंकित, 95.8, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, हाईस्कूल
समाज को कुछ देना है उद्देश्य
इंजीनियरिंग क्षेत्र में कॅरिअर बनाकर समाज को कुछ देना चाहता है। मन में हमेशा यही ख्याल आता है कि कुछ बेहतर करूं जिससे समाज को भी कुछ मिल सके।
- आयुष, 95.6, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, हाईस्कूल
सफलता को आगे भी रखूंगा जारी
मै इस सफलता से उत्साहित हूं। इसी तरह इंटर में भी प्रदर्शन कर अपने परिवार का नाम रौशन करना चाहता हूं। इस सफलता को अपने लक्ष्य आईआईटी तक जारी रखना चाहूंगा।
- उमंग श्रीवास्तव, 96.18, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
आगे और भी बेहतर का करूंगा प्रयास
अपनी इस सफलता कोऔर बेहतर करते हुए इंटर और आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी हासिल करूंगा। आईएएस बनकर देश की सेवा करने का लक्ष्य है।
- आयुष पांड़ेय, 96 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
पिता के सपने को पूरा करना है लक्ष्य
मेरे पिता का व्यापार है लेकिन पिता हमेशा मुझे देश का एक अच्छा पुलिस अधिकारी बनाना चाहते हैं। उनके सपने को पूरा करना ही मेरा लक्ष्य है।
- अंचित अग्रवाल, 95.2 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
सफलता को आगे भी रखूंगा जारी
बड़ों के आशीर्वाद के बिना यह सफलता हासिल करना संभव नहीं था। मेरा लक्ष्य है कि इस सफलता को और बेहतर बनाते हुए जारी रख सकूं। आईएएस बनना लक्ष्य है।
- ईशान सिंह, 94.4 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
इंटर में भी बेहतर करूंगा
मेरे घर वालों और मुझे खुद पर पूरा भरोसा था कि इस बार परीक्षा में मैं टॉप करूंगा। इस बार कुछ कमी रह गई अगली बार इंटर में और बेहतर कर घर वालों का सपना पूरा करना लक्ष्य है।
- शिवम आनंद, 94.5 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
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मैं अपनी सफलता का श्रेय पूरी तरह से अपने माता-पिता को देना चाहता हूं। मेरा सपना है कि मैं अपने पिता की तरह बन सकूं। देश के प्रधानमंत्री मेरे आदर्श हैं। उनकी कड़ी मेहनत से मुझे प्रेरणा मिलती है। मेरा भांजा आर्थक भी मेरी सफलता का हकदार है। मुझे हमेशा पढ़ने के लिए डांट लगाता रहा। मेरा लक्ष्य इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सेवा में जाना है। पढ़ाई के दौरान जब बोरियत होती थी तो मैं संगीत सुनता था।
- अंकित कुमार मिश्रा, 98.25 प्रतिशत, कक्षा 12, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, राप्ती नगर
जेई मेंस में सफलता पाना है मेरा लक्ष्य
मेरी सफलता में मेरे घर वालों का बहुत बड़ा श्रेय है। उन्होंने कभी पढ़ाई के लिए दबाव नहीं बनाया। परीक्षा के समय मैं कुछ घंटे ज्यादा पढ़ाई करता था। इसके अलावा साल भर नियमित समय निकालकर चार घंटे पढ़ाई की। मेरा लक्ष्य जेई मेंस में सफलता हासिल करना है। मुझे खुशी है मैने अपने घर वालों का मान बढ़ाया है। फुटबाल मेरा पसंदीदा खेल है। मै पढ़ाई के साथ-साथ कुछ समय फुटबाल खेलने के लिए भी लेता हूं।
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- ईशान सिंह, 97.86 प्रतिशत, कक्षा 10, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, राप्तीनगर
इंजीनियर बनना मेरा सपना
बेहतर अंक पाने के बाद मेरा उत्साह और बढ़ गया है। मेरा सपना इंजीनियर बनना है। अभिभावक भी यही चाहते हैं और इसे मैं पूरा करूंगा।
- मोहम्मद ओसामा, 91 प्रतिशत, एलएफएस धर्मपुर, कक्षा 12
आईएएस बनाना चाहती हूं
मैं आईएएस बनना चाहता हूं। यह मेरा और मेरे परिवार दोनों का ही सपना है। अच्छे अंक आने के बाद मेरा हौसला बढ़ा है। मैं अपने सपने को जरूर पूरा करूंगी।
- नेहा गुप्ता, 96 प्रतिशत, आरपीएम एकेडमी, कक्षा 12
मुझे तो डॉक्टर बनना है
मेरा बस एक ही सपना है कि मैं बेहतर डॉक्टर बन सकूं। इसके लिए मैं पूरा प्रयास कर रहा हूं। अभिभावक और गुरुजन का पूरा सहयोग मिलता है।
- वैभव गुप्ता, 93 प्रतिशत, आरपीएम एकेडमी, कक्षा 12
घर वालों का मिलता है सहयोग
मैं आईआईटी के क्षेत्र में जाना चाहती हूं। इसके लिए मुझे घर वालों के अलावा गुरुजनों का पूरा सहयोग मिलता है। उन्हीं के आशीर्वाद से मेरे बेहतर अंक आए हैं।
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- अंकित, 91.9 प्रतिशत, आरपीएम एकेडमी, कक्षा 12
इंजीनियर बनने का है लक्ष्य
मेरा सपना पायलट बनना है। इसी उद्देश्य को लेकर मैं अपनी पढ़ाई कर रही हूं। अच्छे अंक आने पर मेरा आत्मबल और बढ़ गया है।
- कार्तिक दूबे, 92.5, सेंट जोसेफ गोरखनाथ, कक्षा 12
गुरुजनोें का रहा विशेष सहयोग
घर वालाें के साथ ही गुरुजनों का विशेष सहयोग रहा है। उनके मार्गदर्शन से ही मैं बेहतर अंक पाने में सफल हुई हूं। इंजीनियर बनाना मेरा सपना है।
- श्रद्धा 93.7, सेंट जोसेफ गोरखनाथ, कक्षा 12
अच्छे अंक से उत्साह बढ़ा
इंजीनियर बनने की चाहत है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उसी हिसाब से पढ़ाई करती हूं। आज के बेहतर अंक से उत्साह बढ़ा है।
- खुशबू, 92.75, सेंट जोसेफ गोरखनाथ, कक्षा 12
इंजीनियरिंग है मेरा पसंदीदा क्षेत्र
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में ही मैं अपने कॅरिअर को बनाना चाहती हूं। मेरे सपने को मेरे घर वाले भी साकार कराने में पूरा सहयोग देते हैं। इससे मेेरा उत्साह और बढ़ जाता है।
- अभिषेक, 96.25 प्रतिशत, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, कक्षा 12
साइंटिस्ट की राह में पहला कदम
मेरा सपना आईएएस, इंजीनियर या डॉक्टर बनने का कभी नहीं रहा। मैं वैज्ञानिक बनना चाहती हूं और यह कामयाबी का पहला कदम है। मेरे सपने को हकीकत बनाने में मेरे घर वालों का सबसे अहम सहयोग रहा है।
- शिवि बैजल, 98 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर कक्षा 12
सिविल सर्विस से देश की सेवा करूंगा
सफलता का पूरा श्रेय मेरे घर वालों खास तौर पर अपनी मां को देना चाहता हूं। मेरे पिता हमेशा से मेरी प्रेरणा रहे हैं। सिविल सर्विस कर देश की सेवा करना लक्ष्य है।
- अनुराग श्रीवास्तव, 96.2 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 12
मां को श्रद्घांजलि है यह कामयाबी
आज मेरी सफलता के बीच मेरी मां नहीं हैं। यह सफलता मैं अपनी मां को श्रद्धांजलि के रूप में समर्पित करता हूं। मेरी सफलता मेें मेरे पिता भी प्र्रेरणास्त्रोत रहे हैं।
- हेमंत उपाध्याय, 96 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 12
घर वालों का सपना पूरा करना है
मैं अपनी सफलता के साथ-साथ अपने घर वालों के सपने को साकार करना चाहती हूं। आईएएस बनना मेरा सपना और लक्ष्य भी है।
- स्वीकृति सेठ, 95.2 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 12
इंजीनियर बनना है सपना
मै अपनी सफलता का श्रेय अपने घर के लोगों और टीचर्स को देना चाहती हूं। उनके मार्गदर्शन के बिना यह संभव नहीं था। मेरा लक्ष्य है सफल इंजीनियर बनना है।
- ईरा, 95.4, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 12
मुझे इंजीनियर बनना है
मेरा लक्ष्य इंजीनियर बनना है। इसी उद्देश्य से पढ़ाई कर रही हूं। अच्छे अंक आने के बाद और मेहनत करने की प्रेरणा मिली है। मैं अपने सपने को जरूर पूरा करूंगी।
- अराध्या त्रिपाठी, 95.2, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, हाईस्कूल
हौसले को मिली नई ऊंचाई
मैं अपने कॅरिअर के साथ ही घर वालों के सपनों को भी साकार करना चाहती हूं। इंजीनियरिंग क्षेत्र मेरी पहली पसंद है। इसकी तैयारी में लगी हूं।
- साम्या, 96.4, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, हाईस्कूल
मुझे बीटेक करना है
इंटर में बेहतर पढ़ाई के बाद बीटेक में दाखिला मेरा सपना है। इसी उद्देश्य कोे लेकर पढ़ाई कर रही हूं। घरवालों का भी पूरा सहयोग मेरे पढ़ाई में रहता है।
- अंकित, 95.8, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, हाईस्कूल
समाज को कुछ देना है उद्देश्य
इंजीनियरिंग क्षेत्र में कॅरिअर बनाकर समाज को कुछ देना चाहता है। मन में हमेशा यही ख्याल आता है कि कुछ बेहतर करूं जिससे समाज को भी कुछ मिल सके।
- आयुष, 95.6, सेंट जोसेफ स्कूल, गोरखनाथ, हाईस्कूल
सफलता को आगे भी रखूंगा जारी
मै इस सफलता से उत्साहित हूं। इसी तरह इंटर में भी प्रदर्शन कर अपने परिवार का नाम रौशन करना चाहता हूं। इस सफलता को अपने लक्ष्य आईआईटी तक जारी रखना चाहूंगा।
- उमंग श्रीवास्तव, 96.18, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
आगे और भी बेहतर का करूंगा प्रयास
अपनी इस सफलता कोऔर बेहतर करते हुए इंटर और आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं में कामयाबी हासिल करूंगा। आईएएस बनकर देश की सेवा करने का लक्ष्य है।
- आयुष पांड़ेय, 96 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
पिता के सपने को पूरा करना है लक्ष्य
मेरे पिता का व्यापार है लेकिन पिता हमेशा मुझे देश का एक अच्छा पुलिस अधिकारी बनाना चाहते हैं। उनके सपने को पूरा करना ही मेरा लक्ष्य है।
- अंचित अग्रवाल, 95.2 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
सफलता को आगे भी रखूंगा जारी
बड़ों के आशीर्वाद के बिना यह सफलता हासिल करना संभव नहीं था। मेरा लक्ष्य है कि इस सफलता को और बेहतर बनाते हुए जारी रख सकूं। आईएएस बनना लक्ष्य है।
- ईशान सिंह, 94.4 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10
इंटर में भी बेहतर करूंगा
मेरे घर वालों और मुझे खुद पर पूरा भरोसा था कि इस बार परीक्षा में मैं टॉप करूंगा। इस बार कुछ कमी रह गई अगली बार इंटर में और बेहतर कर घर वालों का सपना पूरा करना लक्ष्य है।
- शिवम आनंद, 94.5 प्रतिशत, लिटिल फ्लॉवर स्कूल, धर्मपुर, कक्षा 10