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गोरखपुर विश्वविद्यालय के केंद्रीय ग्रंथालय में लगाया ताला
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 22 Mar 2017 01:19 AM IST
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प्रदर्शन करते छात्र।
- फोटो : Amar Ujala
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पुस्तक खरीद संबंधी बजट के लैप्स होने की आशंका में गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ उपाध्यक्ष के नेतृत्व में छात्रों ने मंगलवार को केंद्रीय ग्रंथालय में तालाबंदी कर दी। हालांकि पुस्तकों को जल्दी खरीदने के आश्वासन पर छात्रों का धरना समाप्त हो गया। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर 31 मार्च तक पुस्तकों की खरीद नहीं होती है तो फिर आंदोलन किया जाएगा।
गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलदेव त्रिपाठी ने कहा कि 2014 के बाद से विश्वविद्यालय में पुस्तकें खरीदीं ही नहीं गईं। इस वजह से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्षों में पुस्तकों की खरीद संबंधी बजट लैप्स हो गया। इस वर्ष भी बजट के लैप्स होने की आशंका है। करीब 50 लाख रुपये यूजीसी को वापस हो जाएंगे। शिवेंद्र पांडेय ने विधि विभाग में कैटलागिंग की व्यवस्था करने और पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। करीब दो घंटे तक चला धरना प्रदर्शन केंद्रीय ग्रंथालय के अध्यक्ष प्रो. हर्ष सिन्हा के आश्वासन पर समाप्त हो गया।
उन्होंने बताया कि पुस्तकों की खरीद संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। धरना प्रदर्शन में सत्यपाल सिंह, निखिल चंद्र, मयंक राय, शुभम चौरसिया, आदित्य, हर्षवर्धन, अमन, पुष्पेंद्र, योगेश, पवन, उत्कर्ष आदि शामिल थे।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलदेव त्रिपाठी ने कहा कि 2014 के बाद से विश्वविद्यालय में पुस्तकें खरीदीं ही नहीं गईं। इस वजह से विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्षों में पुस्तकों की खरीद संबंधी बजट लैप्स हो गया। इस वर्ष भी बजट के लैप्स होने की आशंका है। करीब 50 लाख रुपये यूजीसी को वापस हो जाएंगे। शिवेंद्र पांडेय ने विधि विभाग में कैटलागिंग की व्यवस्था करने और पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की। करीब दो घंटे तक चला धरना प्रदर्शन केंद्रीय ग्रंथालय के अध्यक्ष प्रो. हर्ष सिन्हा के आश्वासन पर समाप्त हो गया।
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उन्होंने बताया कि पुस्तकों की खरीद संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। धरना प्रदर्शन में सत्यपाल सिंह, निखिल चंद्र, मयंक राय, शुभम चौरसिया, आदित्य, हर्षवर्धन, अमन, पुष्पेंद्र, योगेश, पवन, उत्कर्ष आदि शामिल थे।
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