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जांच में एसपी ट्रैफिक को क्लीन चिट, एसएसपी से मांगी गई राय
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जांच में एसपी ट्रैफिक को क्लीन चिट, एसएसपी से मांगी गई राय
गोरखपुर। वसूली और प्रताड़ना के आरोपों से घिरे एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा को क्लीन चिट मिल गई। एसपी महराजगंज की जांच में होमगार्ड की ओर से लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में एसपी ने लिखा है कि एक होमगार्ड की मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं था। इस प्रकरण में एसपी ट्रैफिक ने कार्रवाई की थी इसी वजह से आरोप लगाए गए थे। हालांकि आईजी जय नारायण सिंह ने रिपोर्ट एसएसपी गोरखपुर को भेजकर उनसे भी राय मांगी है।
तीन जुलाई को शाहपुर निवासी होमगार्ड विनोद की तबीयत बिगड़ गई थी और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसे मुद्दा बनाकर होमगार्डों ने एसपी ट्रैफिक पर वसूली और प्रताड़ना सहित कई आरोप लगाए थे। मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए होमगार्ड के एक प्रतिनिधि मंडल ने आईजी जय नारायण सिंह से शिकायत की थी। शिकायत की जांच आईजी ने एसपी महराजगंज को सौंपी थी। करीब तीन महीने बाद एसपी ने जांच पूरी कर आईजी को रिपोर्ट भेजी है जिसमें एसपी पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
ये थे आरोप
एसपी ट्रैफिक अवैध वसूली कराते हैं
एक प्राइवेट व्यक्ति को कंप्यूटर आपरेटर बनाया गया है, जो वसूली की रकम का हिसाब रखता है
प्राइवेट आदमी रोजाना सुबह से लेकर शाम तक वसूली करते हैं, रसीद से अधिक पैसा लेते हैं
शहर में चलने वाले विभिन्न वाहनों से महीना तय कर दिया गया है, रुपये नहीं देने पर की जाती है कार्रवाई
होमगार्डों की ड्यूटी लगाने में भेदभाव होता है, प्रताड़ित भी किया जाता है
..
कोट
एसपी महराजगंज ने जांच रिपोर्ट भेजी है, जिसमें एसपी ट्रैफिक पर लगाए गए सभी आरोप निराधार बताए गए हैं। एसएसपी गोरखपुर से राय मांगी गई है। -जय नारायण सिंह, आईजी गोरखपुर
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गोरखपुर। वसूली और प्रताड़ना के आरोपों से घिरे एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा को क्लीन चिट मिल गई। एसपी महराजगंज की जांच में होमगार्ड की ओर से लगाए गए सभी आरोप निराधार पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट में एसपी ने लिखा है कि एक होमगार्ड की मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन वह मौके पर मौजूद नहीं था। इस प्रकरण में एसपी ट्रैफिक ने कार्रवाई की थी इसी वजह से आरोप लगाए गए थे। हालांकि आईजी जय नारायण सिंह ने रिपोर्ट एसएसपी गोरखपुर को भेजकर उनसे भी राय मांगी है।
तीन जुलाई को शाहपुर निवासी होमगार्ड विनोद की तबीयत बिगड़ गई थी और जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसे मुद्दा बनाकर होमगार्डों ने एसपी ट्रैफिक पर वसूली और प्रताड़ना सहित कई आरोप लगाए थे। मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए होमगार्ड के एक प्रतिनिधि मंडल ने आईजी जय नारायण सिंह से शिकायत की थी। शिकायत की जांच आईजी ने एसपी महराजगंज को सौंपी थी। करीब तीन महीने बाद एसपी ने जांच पूरी कर आईजी को रिपोर्ट भेजी है जिसमें एसपी पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है।
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ये थे आरोप
एसपी ट्रैफिक अवैध वसूली कराते हैं
एक प्राइवेट व्यक्ति को कंप्यूटर आपरेटर बनाया गया है, जो वसूली की रकम का हिसाब रखता है
प्राइवेट आदमी रोजाना सुबह से लेकर शाम तक वसूली करते हैं, रसीद से अधिक पैसा लेते हैं
शहर में चलने वाले विभिन्न वाहनों से महीना तय कर दिया गया है, रुपये नहीं देने पर की जाती है कार्रवाई
होमगार्डों की ड्यूटी लगाने में भेदभाव होता है, प्रताड़ित भी किया जाता है
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कोट
एसपी महराजगंज ने जांच रिपोर्ट भेजी है, जिसमें एसपी ट्रैफिक पर लगाए गए सभी आरोप निराधार बताए गए हैं। एसएसपी गोरखपुर से राय मांगी गई है। -जय नारायण सिंह, आईजी गोरखपुर
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