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प्लेटलेट्स निकालकर बाकी रक्त दानदाता को लौटा देगी एफेरेसिस मशीन
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प्लेटलेट्स निकालकर बाकी रक्त दानदाता को लौटा देगी एफेरेसिस मशीन
एहतेशाम उद्दीन अहमद
गोरखपुर। प्लेटलेट्स की कमी से जूझने वाले डेंगू, ल्यूकेमिया, एप्लास्टिक एनीमिया आदि रोगों के मरीजों के लिए एफेरेसिस मशीन वरदान साबित होगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जल्द ही यह मशीन लगने वाली है। इस मशीन के लगने से मरीज को प्लेटलेट्स के लिए कई रक्तदाताओं को नहीं तलाशना पड़ेगा। एक ही दान दाता के शरीर के खून से प्लेटलेट्स निकाल कर मशीन बाकी रक्त दानदाता के शरीर में लौटा देगी।
क्या है एफेरेसिस मशीन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष डा. शैला मित्रा ने बताया कि एफेरेसिस मशीन के जरिए किसी दानदाता के रक्त से सिर्फ जरूरी अवयव ही निकाले जाते हैं बाकी रक्त दानदाता के शरीर में लौटा दिया जाता है। मशीन दानदाता के रक्त से करीब 3000 प्लेटलेट्स अलग करने और बाकी रक्त शरीर को वापस करने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लेती है। साधारण रक्तदान में जहां एक यूनिट रक्त से मात्र पांच हजार प्लेटलेट्स निकलती हैं, वहीं एफेरेसिस मशीन दानदाता के रक्त से 30 हजार प्लेटलेट्स निकालती है इसे जंबो पैक कहते हैं। इसके विपरीत रक्तदान में दानदाता के शरीर से पूर्ण रक्त निकाला जाता है।
प्रदेश में पहली हो सकती है एफेरेसिस मशीन
डा. मित्रा ने बताया कि एफेरेसिस मशीन का आर्डर दे दिया गया है, जल्द ही इसका इंस्टालेशन किया जाएगा। यह मशीन प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पहली बार हो सकती है। आगरा और कानपुर के मेडिकल कॉलेजों में भी यह मशीन लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
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एहतेशाम उद्दीन अहमद
गोरखपुर। प्लेटलेट्स की कमी से जूझने वाले डेंगू, ल्यूकेमिया, एप्लास्टिक एनीमिया आदि रोगों के मरीजों के लिए एफेरेसिस मशीन वरदान साबित होगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जल्द ही यह मशीन लगने वाली है। इस मशीन के लगने से मरीज को प्लेटलेट्स के लिए कई रक्तदाताओं को नहीं तलाशना पड़ेगा। एक ही दान दाता के शरीर के खून से प्लेटलेट्स निकाल कर मशीन बाकी रक्त दानदाता के शरीर में लौटा देगी।
क्या है एफेरेसिस मशीन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी डिपार्टमेंट की विभागाध्यक्ष डा. शैला मित्रा ने बताया कि एफेरेसिस मशीन के जरिए किसी दानदाता के रक्त से सिर्फ जरूरी अवयव ही निकाले जाते हैं बाकी रक्त दानदाता के शरीर में लौटा दिया जाता है। मशीन दानदाता के रक्त से करीब 3000 प्लेटलेट्स अलग करने और बाकी रक्त शरीर को वापस करने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लेती है। साधारण रक्तदान में जहां एक यूनिट रक्त से मात्र पांच हजार प्लेटलेट्स निकलती हैं, वहीं एफेरेसिस मशीन दानदाता के रक्त से 30 हजार प्लेटलेट्स निकालती है इसे जंबो पैक कहते हैं। इसके विपरीत रक्तदान में दानदाता के शरीर से पूर्ण रक्त निकाला जाता है।
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प्रदेश में पहली हो सकती है एफेरेसिस मशीन
डा. मित्रा ने बताया कि एफेरेसिस मशीन का आर्डर दे दिया गया है, जल्द ही इसका इंस्टालेशन किया जाएगा। यह मशीन प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में पहली बार हो सकती है। आगरा और कानपुर के मेडिकल कॉलेजों में भी यह मशीन लगाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
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