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मैथ टफ, फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवाल सामान्य

Mon, 17 Apr 2017 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 17 Apr 2017 01:24 AM IST
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SEE organised on 12 centre
एसईई की परीक्षा देने पहुंचे प्रतिभागी। - फोटो : Amar Ujala
यूपी के सरकारी और गैर सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक, बीई और बीआर्क में एडमिशन के लिए रविवार को आयोजित राज्य स्तरीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एसईई) के मैथमेटिक्स का पेपर टफ रहा। डिफरेंशियल इक्वेशन के प्रश्न काफी लंबे और उलझाने वाले रहे। इस कारण ज्यादातर छात्र-छात्राएं मैथमेटिक्स के सभी प्रश्न हल नहीं कर सके। परीक्षार्थियों ने फिजिक्स और केमिस्ट्री का पेपर सामान्य बताया।
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परीक्षा देने पहुंचे छात्र नदीम अहमद ने बताया कि मैथ के क्वेश्चन टफ थे। डिफरेंशियल इक्वेशन के क्वेश्चन हल करने में परेशानी हुई। वहीं शम्स आलम का कहना था कि प्रश्नों का स्तर बढ़ा है। मैथ की तरह ही फिजिक्स के पेपर ने भी खूब छकाया।
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एसईई के लिए गोरखपुर में 12 हजार 664 परीक्षार्थियों के लिए 12 केंद्र बनाए गए थे। बीटेक और बीई के पेपर में करीब आठ फीसदी स्टूडेंट अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में बीआर्क की परीक्षा हुई। इसमें 413 की जगह 265 विद्यार्थी शामिल हुए। बस्ती, देवरिया और पडरौना में चार केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों पर 92 फीसदी विद्यार्थी पेपर देने पहुंचे। परीक्षा समन्वयक प्रो. आरपी मणि ने बताया कि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष तरीके से करा ली गई है। किसी भी केंद्र से गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिली है। ओएमआर शीट डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) लखनऊ भेज दी गई है। एकेटीयू ने ही एसईई का आयोजन कराया था।
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350 मार्क्स पर मिलेगा सरकारी कॉलेज
बीटेक और बीई के पेपर में 600 मार्क्स के सवाल पूछे गए। सामान्य वर्ग के छात्रों को 350 मार्क्स मिले तो सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिल जाएगा। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का कटऑफ 300 और  एससी, एसटी के 275 मार्क्स रहने की उम्मीद है। 


आर्गेनिक केमिस्ट्री को इस बार तवज्जो
एसईई के क्वेश्चन का पैटर्न जेईई मेन की तरह था। इसलिए कटऑफ मार्क्स हाई रहेंगे। केमिस्ट्री में सारा फोकस आर्गेनिक पर रहा। 50 फीसदी क्वेश्चन आर्गेनिक से ही पूछे गए। जिन छात्रों का कांसेप्ट क्लियर रहा होगा, उन्होंने प्रश्नों को आसानी से हल कर लिया होगा। रट कर पेपर देने वालों को परेशानी हुई है। 
- अरविंद त्रिपाठी, एक्सपर्ट, केमिस्ट्री
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