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इंटरनेट पर नो रूम, काउंटर पर कन्फर्म टिकट
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 09 Dec 2017 01:13 AM IST
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रेल
- फोटो : अमर उजाला
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इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरेशन (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट से रिजर्व टिकट बुक कराने वाले लोगों को गलत सूचना मिलने से उनके सफर की योजना बिगड़ जा रही है। ऐसा ही एक मामला अमरनाथ एक्सप्रेस के टिकट की बुकिंग का सामने आया है। यात्री ने पहले आईआरसीटीसी से टिकट बुक कराना चाहा तो नो रूम था। बाद में वह जब काउंटर टिकट पर गए तो उसी तारीख का कन्फर्म टिकट मिल गया।
लालपुर के कौड़ीराम निवासी बैजनाथ राय (72) ने पत्नी के साथ 11 दिसंबर को अमरनाथ एक्सप्रेस से स्लीपर कोच में सहारनपुर जाने की तैयारी की। घर पर ही उन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कराने की कोशिश तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर नो रूम था। उन्होंने सीनियर सिटीजन कोटा के तहत चेक किया तो उसमें भी नो रूम के चलते बर्थ की बुकिंग नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने दूसरे ट्रेन से सफर की योजना बनाकर रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पहुंच गए। वहां बुकिंग क्लर्क से सहारनपुर जाने के लिए ट्रेन में बर्थ चेक करने का अनुरोध किया। 11 दिसंबर को ही अमरनाथ एक्सप्रेस में सीनियर सिटीजन कोटे में 17 बर्थ खाली थीं। बैजनाथ को यकीन नहीं हुआ, लेकिन बुकिंग क्लर्क को उन्होेंने आरक्षण फार्म भरकर दे दिया। थोड़ी ही देर में उन्हें कन्फर्म टिकट मिल गया।
यात्रियों की सुविधाएं प्राथमिकता में होती है। आरक्षण केंद्र और वेबसाइट पर सूचनाएं एक होती हैं। अगर ऐसा हुआ तो इसकी जांच कराएंगे कि गड़बड़ी कहां से हुई है।
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- संजय यादव, सीपीआरओ, एनईआर
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लालपुर के कौड़ीराम निवासी बैजनाथ राय (72) ने पत्नी के साथ 11 दिसंबर को अमरनाथ एक्सप्रेस से स्लीपर कोच में सहारनपुर जाने की तैयारी की। घर पर ही उन्होंने ऑनलाइन टिकट बुक कराने की कोशिश तो आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर नो रूम था। उन्होंने सीनियर सिटीजन कोटा के तहत चेक किया तो उसमें भी नो रूम के चलते बर्थ की बुकिंग नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने दूसरे ट्रेन से सफर की योजना बनाकर रेलवे स्टेशन के आरक्षण केंद्र पहुंच गए। वहां बुकिंग क्लर्क से सहारनपुर जाने के लिए ट्रेन में बर्थ चेक करने का अनुरोध किया। 11 दिसंबर को ही अमरनाथ एक्सप्रेस में सीनियर सिटीजन कोटे में 17 बर्थ खाली थीं। बैजनाथ को यकीन नहीं हुआ, लेकिन बुकिंग क्लर्क को उन्होेंने आरक्षण फार्म भरकर दे दिया। थोड़ी ही देर में उन्हें कन्फर्म टिकट मिल गया।
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यात्रियों की सुविधाएं प्राथमिकता में होती है। आरक्षण केंद्र और वेबसाइट पर सूचनाएं एक होती हैं। अगर ऐसा हुआ तो इसकी जांच कराएंगे कि गड़बड़ी कहां से हुई है।
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- संजय यादव, सीपीआरओ, एनईआर