गोरखपुर को 9888 करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा, पीएम ने शुरू किया आयुष भवन में ओपीडी का संचालन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर खाद कारखाना के मैदान से रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां पीएम किसान सम्मान निधि योजना का शुभारंभ किया, वहीं गोरखपुर को 9888 करोड़ की परियोजनाओं का तोहफा भी दिया। इनमें 10 परियोजनाओं का लोकार्पण और तीन परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने 1100 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन एम्स के आयुष भवन में ओपीडी और बाबा राघवदास मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ किया तो वहीं दुनिया की सबसे लंबी पाइपलाइनों में से एक कांडला-गोरखपुर एलपीजी पाइपलाइन (केजीपीएल) की आधारशिला रखी।
इसी तरह प्रधानमंत्री ने गोरखपुर कैंट-कप्तानगंज-वाल्मीकि नगर खंड का विद्युतीकरण और एसी इलेक्ट्रिक लोकोशेड का भी लोकार्पण किया। इससे संबंधित रूटों पर अब जहां ट्रेनें इलेक्ट्रिक इंजन से चलने लगेंगी, वहीं गोरखपुर में ही इंजन का रखरखाव और मरम्मत आदि भी हो सकेगा। उन्होंने मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया तक फोरलेन सीसी रोड के निर्माण की भी नींव डाली।
केजीपीएल: यूपी के 13 बॉटलिंग प्लांट को मिलेगी आपूर्ति
2757 किलोमीटर लंबी कांडला-गोरखपुर पाइपलाइन से यूपी के 13 बॉटलिंग प्लांट को आपूर्ति मिलेगी। इनमें इंडियन ऑयल (आईओसी) के कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, लखनऊ और गोरखपुर, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के झांसी, कानपुर, लखनऊ, इलाहाबाद, गोरखपुर तथा हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के उन्नाव, वाराणसी और गोरखपुर एलपीजी बॉटलिंग प्लांट को सीधे आपूर्ति मिलेगी। वहीं, इससे यूपी में सड़क मार्ग के माध्यम से शाहजहांपुर, फर्रूखाबाद, काशीपुर, लखीमपुर खीरी, सलेमपुर, बरेली, सुल्तानपुर में नौ और एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों को तथा गोंडा में दो संयंत्रों को बल्क एलपीजी की आपूर्ति करेगी। नौ हजार करोड़ रुपये से प्रस्तावित यह पाइपलाइन गुजरात (1063 किमी), मध्यप्रदेश (611 किमी) होते हुए यूपी (1083 किमी) के गोरखपुर पहुंचेगी। तीन ऑयल कंपनियां आईओसी, बीपीसीएल और एचपीसीएल मिलकर इसे बनाएंगी।
रोजाना एक लाख लीटर दूध का उत्पादन
प्रधानमंत्री ने दुग्ध संघ गोरखपुर परिसर में जिस स्वचालित डेयरी का लोकार्पण किया उससे प्रतिदिन एक लाख लीटर दुग्ध का उत्पादन होगा। इससे गोरखपुर एवं उसके आस-पास के करीब 50 हजार दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा।
इन कार्यों का हुआ शुभारंभ
एम्स के आयुष भवन में ओपीडी का संचालन: 1100 करोड़
मेडिकल कॉलेज में सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल बिल्डिंग: 69.87 करोड़
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 50 बेड क्षमता पीजी मैरीड छात्रावास: 10.77 करोड़
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 100 बेड क्षमता पीजी गर्ल्स छात्रावास: 11.85 करोड़
सर्किट हाउस के निकट पार्क का निर्माण एवं सौंदर्यीकरण
एम्स परिसर में विद्युत उपकेंद्र : 21.71 करोड़
इलेक्ट्रिक लोकोशेड का निर्माण(पूर्वोत्तर रेलवे): 66 करोड़
बाल्मिकीनगर खंड का विद्युतीकरण (पूर्वोत्तर रेलवे): 123 करोड़
दुग्ध संघ परिसर में स्वचालित डेयरी
डोमिनगढ़ घाट पर सेतु एवं सेतु का पहुंच मार्ग
इन कार्यों की पड़ी आधारशिला-
गोरखपुर- कांडला एलपीजी पाईप लाइन: 3100 करोड
मोहद्दीपुर-जंगल कौड़िया फोरलेन निर्माण: 288.30 करोड़
राप्तीनगर विस्तार आवासीय योजना में 480 एलआईजी भवन