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शाहपुर आवास विकास कॉलोनी से विस्थापित होंगे पट्टाधारक
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शाहपुर आवास विकास कॉलोनी से विस्थापित होंगे पट्टाधारक
गोरखपुर। शाहपुर आवास विकास कॉलोनी से अवैध पट्टाधारकों को विस्थापित किया जाएगा। इसपर जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने मुहर लगा दी। जिलाधिकारी का कहना है कि आवास विकास कॉलोनी से कब्जा धारक भी हटाए जाएंगे। इसके लिए जीडीए, आवास विकास परिषद और तहसील के अफसरों की कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी पूरी रिपोर्ट तैयार करके देगी, फिर आगे की कार्रवाई होगी।
शाहपुर आवास विकास कॉलोनी में 300 से ज्यादा आवंटी हैं। आवास विकास परिषद ने जब कॉलोनी बनाई थी तब परिसर की सड़क 30 मीटर चौड़ी थी। बाद में 18 मीटर सड़क पर गलत तरीके से 25 पट्टे आवंटित कर दिए गए। नियमानुसार, परिषद की भूमि का पट्टा जीडीए, जिला प्रशासन नहीं कर सकता है। भवन संख्या ए-24 से ए-39 के बीच अब 12 मीटर सड़क ही बची है। यही नहीं कॉलोनी बनाने के बाद परिषद ने नक्शा बदलकर भवन संख्या 124 से ए-39247 के बीच दो बड़े पार्क बेच डाले। अब पार्कों में आवास बनने हैं। कॉलोनीवासियों ने पूरे मामले का विरोध किया और इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाया। पहले आवास आयुक्त से रिपोर्ट तलब की गई। इसका संज्ञान लेकर ही आवास आयुक्त ने सभी पट्टों को निरस्त करने का आदेश दिया। अब हाईकोर्ट ने मामले के अंतिम निस्तारण की जिम्मेदारी जीडीए उपाध्यक्ष को दी है। मामला प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन व जिले के प्रभारी दीपक कुमार तक पहुंचा तो जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने हस्तक्षेप किया। जिलाधिकारी का कहना है कि जिन लोगों को पट्टे दिए गए थे, उन्हें विस्थापित करने का फैसला किया गया है। वैकल्पिक भूमि तलाशी जा रही है। बहरामपुर में भी भूमि देखी गई है। आवास विकास कॉलोनी शाहपुर में कुछ कब्जा धारक भी हैं। इन सबके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास देने में मनमानी
आवास विकास कॉलोनी शाहपुर में गलत तरीके से पट्टा आवंटित किया गया फिर भी प्रधानमंत्री आवास बनवाने में मनमानी की गई। ज्यादातर लोगों को आवास दिए गए और इसे बनवाने की अलग-अलग किस्तों की रकम बैंक खातों में भेज दी गई। कॉलोनीवासियों ने कई बार आपत्ति की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब गलत तरीके से बने प्रधानमंत्री आवासों को ध्वस्त करना पड़ेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि सड़क की भूमि पर पट्टा देकर पीएम आवास बनवाने वाले अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
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सगे-संबंधियों को भी दिए पट्टे
नियम, मानक दरकिनार करके आवास विकास कॉलोनी में सगे-संबंधियों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए। पति-पत्नी को एक साथ आवास देने का नियम नहीं है। इसके बावजूद शशि कपूर व उनकी पत्नी माधुरी देवी को प्रधानमंत्री आवास दिए गए। सालिकराम, ऋषि कपूर, प्रियंका, राजू शर्मा और माया को आवास देने में मनमानी हुई है।
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गोरखपुर। शाहपुर आवास विकास कॉलोनी से अवैध पट्टाधारकों को विस्थापित किया जाएगा। इसपर जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने मुहर लगा दी। जिलाधिकारी का कहना है कि आवास विकास कॉलोनी से कब्जा धारक भी हटाए जाएंगे। इसके लिए जीडीए, आवास विकास परिषद और तहसील के अफसरों की कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी पूरी रिपोर्ट तैयार करके देगी, फिर आगे की कार्रवाई होगी।
शाहपुर आवास विकास कॉलोनी में 300 से ज्यादा आवंटी हैं। आवास विकास परिषद ने जब कॉलोनी बनाई थी तब परिसर की सड़क 30 मीटर चौड़ी थी। बाद में 18 मीटर सड़क पर गलत तरीके से 25 पट्टे आवंटित कर दिए गए। नियमानुसार, परिषद की भूमि का पट्टा जीडीए, जिला प्रशासन नहीं कर सकता है। भवन संख्या ए-24 से ए-39 के बीच अब 12 मीटर सड़क ही बची है। यही नहीं कॉलोनी बनाने के बाद परिषद ने नक्शा बदलकर भवन संख्या 124 से ए-39247 के बीच दो बड़े पार्क बेच डाले। अब पार्कों में आवास बनने हैं। कॉलोनीवासियों ने पूरे मामले का विरोध किया और इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। हाईकोर्ट ने मामले में सख्त रुख अपनाया। पहले आवास आयुक्त से रिपोर्ट तलब की गई। इसका संज्ञान लेकर ही आवास आयुक्त ने सभी पट्टों को निरस्त करने का आदेश दिया। अब हाईकोर्ट ने मामले के अंतिम निस्तारण की जिम्मेदारी जीडीए उपाध्यक्ष को दी है। मामला प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन व जिले के प्रभारी दीपक कुमार तक पहुंचा तो जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन ने हस्तक्षेप किया। जिलाधिकारी का कहना है कि जिन लोगों को पट्टे दिए गए थे, उन्हें विस्थापित करने का फैसला किया गया है। वैकल्पिक भूमि तलाशी जा रही है। बहरामपुर में भी भूमि देखी गई है। आवास विकास कॉलोनी शाहपुर में कुछ कब्जा धारक भी हैं। इन सबके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधानमंत्री आवास देने में मनमानी
आवास विकास कॉलोनी शाहपुर में गलत तरीके से पट्टा आवंटित किया गया फिर भी प्रधानमंत्री आवास बनवाने में मनमानी की गई। ज्यादातर लोगों को आवास दिए गए और इसे बनवाने की अलग-अलग किस्तों की रकम बैंक खातों में भेज दी गई। कॉलोनीवासियों ने कई बार आपत्ति की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। अब गलत तरीके से बने प्रधानमंत्री आवासों को ध्वस्त करना पड़ेगा। ऐसे में सवाल उठता है कि सड़क की भूमि पर पट्टा देकर पीएम आवास बनवाने वाले अफसरों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
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सगे-संबंधियों को भी दिए पट्टे
नियम, मानक दरकिनार करके आवास विकास कॉलोनी में सगे-संबंधियों को प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए। पति-पत्नी को एक साथ आवास देने का नियम नहीं है। इसके बावजूद शशि कपूर व उनकी पत्नी माधुरी देवी को प्रधानमंत्री आवास दिए गए। सालिकराम, ऋषि कपूर, प्रियंका, राजू शर्मा और माया को आवास देने में मनमानी हुई है।