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तकनीकी पेंच में फंस गईं तीन नई रेल लाइनें
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2016 02:04 AM IST
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पिछले रेल बजट में घोषित कई परियोजनाएं कार्य की सुस्त चाल और तकनीकी पेंच के चलते शुरू ही नहीं हो सकी। तीन नई रेल लाइनों को बिछाने का कार्य पूरे साल शुरू नहीं हो सका। इनमें दो नई लाइन कपिलवस्तु-बांसी व आंनदनगर-महराजगंज के बीच की थी, जिसे कैबिनेट कमेटी ऑफ इकोनॉमिक आफिसर्स की मंजूरी ही नहीं मिली, जबकि किच्छा-खटिमा रेल लाइन के लिए राज्य सरकार ने जमीन मुहैया नहीं कराई। हालांकि रेल दोहरीकरण के काम में तेजी रही और 12 में से 8 कार्य पूरा कर लिया गया।
अमान परिवर्तन में पूरे साल बेहतर काम हुआ। गोंडा-गोरखपुर, औड़िहार-जौनपुर के बीच अमान परिवर्तन का कार्य पूरा कर ट्रेनें भी चला दी गईं, जबकि पांच रेलखंडों पर अभी कार्य शेष है। यात्री सुविधाओं को लेकर बड़े स्टेशनों पर तो काफी कार्य कराए गए लेकिन छोटे स्टेशन का हाल खस्ता रहा।
एनईआर में अन्य कार्यों की स्थिति
कार्य लक्ष्य वर्तमान स्थिति
एस्केलेटर 22 2
लिफ्ट 20 0
एटीवीएम 121 0
वाटर वेंडिंग मशीन 177 2
क्रासिंग बंद करना 85 54
आरओबी 07 02
अंडरपास 20 03
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एक्सपर्ट कमेंट
कार्य में देरी को दो बड़ी वजहें हैं। एक तो भ्रष्टाचार को कम करने के लिए टेंडर प्रक्रिया का जटिल होना और दूसरा एक साथ बजट न मिल पाना। टेंडर की प्रक्रिया में तेजी आए तो इसका असर काम पर भी दिखेगा। बावजूद इसके वर्ष 2015-16 में यात्री सुविधाओं को लेकर बेहतर कार्य हुए हैं। एस्केलेटर, एटीवीएम, लिफ्ट, वाटर वेंडिंग मशीन, स्टेशन के सौंदर्यीकरण जैसे कामों का टेंडर फाइनल कर कार्य भी शुरू हो गया। रेल दोहरीकरण, अमान परिवर्तन और विद्युतीकरण कार्य भी तेज हुआ है। स्टेशनों पर बेस किचन, ट्रैक रिनुअल और संरक्षा पर कार्य की जरूरत है। बजट में भी इन मुद्दों पर फोकस अधिक रहेगा। जनसेवा की तर्ज पर नई ट्रेन और पुरी व गोवा के लिए सीधे ट्रेन की उम्मीद इस बजट में है।
- राकेश त्रिपाठी, पूर्व मुख्य परिचालन प्रबंधक एनईआर
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अमान परिवर्तन में पूरे साल बेहतर काम हुआ। गोंडा-गोरखपुर, औड़िहार-जौनपुर के बीच अमान परिवर्तन का कार्य पूरा कर ट्रेनें भी चला दी गईं, जबकि पांच रेलखंडों पर अभी कार्य शेष है। यात्री सुविधाओं को लेकर बड़े स्टेशनों पर तो काफी कार्य कराए गए लेकिन छोटे स्टेशन का हाल खस्ता रहा।
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एनईआर में अन्य कार्यों की स्थिति
कार्य लक्ष्य वर्तमान स्थिति
एस्केलेटर 22 2
लिफ्ट 20 0
एटीवीएम 121 0
वाटर वेंडिंग मशीन 177 2
क्रासिंग बंद करना 85 54
आरओबी 07 02
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कार्य में देरी को दो बड़ी वजहें हैं। एक तो भ्रष्टाचार को कम करने के लिए टेंडर प्रक्रिया का जटिल होना और दूसरा एक साथ बजट न मिल पाना। टेंडर की प्रक्रिया में तेजी आए तो इसका असर काम पर भी दिखेगा। बावजूद इसके वर्ष 2015-16 में यात्री सुविधाओं को लेकर बेहतर कार्य हुए हैं। एस्केलेटर, एटीवीएम, लिफ्ट, वाटर वेंडिंग मशीन, स्टेशन के सौंदर्यीकरण जैसे कामों का टेंडर फाइनल कर कार्य भी शुरू हो गया। रेल दोहरीकरण, अमान परिवर्तन और विद्युतीकरण कार्य भी तेज हुआ है। स्टेशनों पर बेस किचन, ट्रैक रिनुअल और संरक्षा पर कार्य की जरूरत है। बजट में भी इन मुद्दों पर फोकस अधिक रहेगा। जनसेवा की तर्ज पर नई ट्रेन और पुरी व गोवा के लिए सीधे ट्रेन की उम्मीद इस बजट में है।
- राकेश त्रिपाठी, पूर्व मुख्य परिचालन प्रबंधक एनईआर