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जच्चा-बच्चा के लिए अस्पताल की ओटी खतरनाक
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
Updated Thu, 18 Aug 2016 02:21 AM IST
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निरीक्षण करते एनएचएम निदेशक
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महिला अस्पताल का आपरेशन थिएटर संक्रमण मुक्त नहीं है। इससे प्रसूता व नवजात में संक्रमण का खतरा है, जो जानलेवा हो सकता है। ये बातें एनएचएम निदेशक ने निरीक्षण के दौरान कही। उन्होंने एसआईसी को निर्देश दिया कि एक हफ्ते के अंदर माड्यूलर ओटी तैयार कर ऑपरेशन उसी में कराएं। इसके बाद अल्ट्रासाउंड सेंटर के पास लाइन में लगी महिलाओं से उन्होंने बात की और सुविधाओं के बाबत पूछा। उन्होंने भर्ती मरीजों से भी बात की।
मिशन डायरेक्टर ने ओआरएस घोल और टीकाकरण के बारे में जानकारी जुटाकर लेबर रूम पहुंचे। इसके बाद मरीजों का डिस्चार्ज रजिस्टर देखा और कमियों पर नाराजगी जताई। फिर वह टीम के साथ सीधे संपूर्णा क्लीनिक पहुंचे। यहां मरीजों की संख्या और इलाज की जानकारी जुटाई। इसके पूर्व उन्होंने जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। जहां खास कमी नहीं मिली। उन्होंने इंसेफेलाइटिस मरीजों को प्राथमिक इलाज देने पर जोर दिया। दोनों अस्पतालों का निरीक्षण करने के बाद वह सीधे सहजनवां सीएचसी पहुंचे। प्रतिनिधि के मुताबिक सबसे पहले निदेशक ने पर्ची काउंटर पर पूछताछ की। यहां पर प्रसूताओं से सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और डिलिवरी रूम में कमियां मिलने पर नाराजगी जाहिर की।
उधर, एनएचएम के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. बीएस अरोरा और महाप्रबंधक डॉ. अनिल मिश्र ने पिपराइच सीएचसी की औचक जांच की। उन्होंने सफाई पर अस्पताल प्रशासन की सराहना की। पिपराइच प्रतिनिधि के मुताबिक ओपीडी, स्टोर के साथ ही जेई वार्ड में भर्ती मरीजों से सुविधाओं के बारे में पूछा।
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मिशन डायरेक्टर ने ओआरएस घोल और टीकाकरण के बारे में जानकारी जुटाकर लेबर रूम पहुंचे। इसके बाद मरीजों का डिस्चार्ज रजिस्टर देखा और कमियों पर नाराजगी जताई। फिर वह टीम के साथ सीधे संपूर्णा क्लीनिक पहुंचे। यहां मरीजों की संख्या और इलाज की जानकारी जुटाई। इसके पूर्व उन्होंने जिला अस्पताल का भी निरीक्षण किया। जहां खास कमी नहीं मिली। उन्होंने इंसेफेलाइटिस मरीजों को प्राथमिक इलाज देने पर जोर दिया। दोनों अस्पतालों का निरीक्षण करने के बाद वह सीधे सहजनवां सीएचसी पहुंचे। प्रतिनिधि के मुताबिक सबसे पहले निदेशक ने पर्ची काउंटर पर पूछताछ की। यहां पर प्रसूताओं से सुविधाओं के बारे में जानकारी ली और डिलिवरी रूम में कमियां मिलने पर नाराजगी जाहिर की।
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उधर, एनएचएम के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. बीएस अरोरा और महाप्रबंधक डॉ. अनिल मिश्र ने पिपराइच सीएचसी की औचक जांच की। उन्होंने सफाई पर अस्पताल प्रशासन की सराहना की। पिपराइच प्रतिनिधि के मुताबिक ओपीडी, स्टोर के साथ ही जेई वार्ड में भर्ती मरीजों से सुविधाओं के बारे में पूछा।
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