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ट्यूबवेल के स्विच में करंट उतरने से पंप ऑपरेटर की मौत, बरसात से आई मुसीबत
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रामप्रकाश (फाइल फोटो)
नगर निगम के ट्यूबवेल के स्विच में करंट उतरने से शुक्रवार की सुबह जलकल के पम्प ऑपरेटर रामप्रकाश की मौत हो गई। धर्मशाला वार्ड स्थित मेयर कैंप कार्यालय के ठीक पीछे हुई इस घटना की सूचना मिलते ही निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ऑपरेटर के पास न तो जूता था और न ही दस्ताना। खुद मेयर सीताराम जायसवाल ने इसकी पुष्टि की।
साथ ही उन्होंने निगम के सभी पंप ऑपरेटरों और लाइनमैन से अपील की कि वे बिना सुरक्षा किट के बिजली संबंधी काम न करें। उन्होंने निगम के अफसरों को यह सुनिश्चित कराने को कहा कि सभी ऑपरेटर और लाइनमैन को किट मिल जाए।
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आशंका जताई जा रही है कि लगातार हो रही बारिश के कारण जर्जर छत से पानी रिस कर स्विच में चला गया था। ऑपरेटर ने जैसे ही पंप चालू करने के लिए स्विच को दबाया, करंट की चपेट में आ गया। पंप ऑपरेटर ट्यूबवेल चलाने के लिए बनाए गए आवास में ही रहता था।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक शुक्रवार की सुबह ट्यूबवेल नहीं चला तो कुछ लोग रामप्रकाश को खोजते हुए पहुंचे। कई बार बुलाने पर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो लोग कमरे के भीतर गए जहां रामप्रकाश पंप के ऊपर गिरे हुए थे। लोगों ने इसकी सूचना धर्मशाला विद्युत उपकेंद्र को दी और बिजली कटवाई।
उप सभापति ने की मामले की जांच की मांग
नगर निगम के उप सभापति बृजेश सिंह छोटू ने घटना की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि छत से रिसाव होने से ही स्विच तक पानी पहुंचा जिससे पंप ऑपरेटर रामप्रकाश की मौत हो गई। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं जलकल के महाप्रबंधक एसपी श्रीवास्तव का कहना है कि पंप हाउस के छत के जर्जर होने की जानकारी नहीं थी वर्ना उसे दुरुस्त करा दिया गया होता।
सुबह 7 बजे पंप ऑपरेटर को करंट लगने की जानकारी मिली। निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रयास है कि दस दिनों के भीतर मृतक आश्रित को नौकरी देने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
- डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त