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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   No longer will the 10-year NSC

अब नहीं मिलेगा 10 साल वाला एनएससी

Sat, 05 Dec 2015 01:48 AM IST
गोरखपुर।
गोरखपुर। Updated Sat, 05 Dec 2015 01:48 AM IST
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गोरखपुर। अब डाकघरों से 10 साल का राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) नहीं मिलेगा। केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने इस योजना को बंद करने का फैसला किया है। मंत्रालय ने इसे बंद करने की तारीख भी तय कर दी है।
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डाक विभाग को भेजे गए निर्देश में साफ तौर पर कहा गया है कि हर कीमत पर 20 दिसंबर से आदेश प्रभावी होगा।

इस

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योजना को बंद करने के पीछे ग्राहकों की ओर से अच्छा रिस्पांस नहीं मिलना बड़ा कारण है। दरअसल
10 साल में इस योजना के तहत तय रकम की सवा दो गुना धनराशि मिलती थी, जबकि किसान विकास पत्र में आठ साल चार महीने में ही किसी भी राशि का दोगुना भुगतान ग्राहकों को मिल जाता है।

खास बात यह है कि जहां एनएससी में रकम 10 साल के लिए ब्लाक हो जाती थी, वहीं किसान विकास पत्र में यह अवधि ढाई साल की है, जबकि पांच साल की एनएससी चूंकि अपेक्षाकृत कम अवधि के लिए है, इसलिए मंत्रालय ने इसे चालू रखने का फैसला लिया है।

चार साल पहले तक एनएससी छह साल के लिए जारी होती थी लेकिन एक दिसंबर 2012 को एनएससी की इस एक स्कीम को दो भागों में तोड़ दिया गया। इसके बाद पांच साल और 10 साल की योजना लागू की गई।

पांच साल तक तो ठीक था लेकिन 10 साल तक रकम को ब्लाक करने की वित्त मंत्रालय की योजना ग्राहकों ने नकार दी। इसके चलते इस योजना को पांच साल तक समेटने का निर्णय वित्त मंत्रालय को लेना पड़ा है।

इनसेट
फिक्र न करें एनएससी धारक
गोरखपुर। वित्त मंत्रालय के इस नए निर्णय से उन ग्राहकों को फिक्र करने की जरूरत नहीं, जिन्होंने पहले से 10 साल की एनएससी ले रखी है। गोरखपुर परिक्षेत्र प्रवर अधीक्षक डाक डीबी त्रिपाठी के मुताबिक ऐसी सभी एनएससी की समयावधि पूरी हो जाने पर तय शर्त पर ही भुगतान किया जाएगा। आदेश सिर्फ 10 वर्षीय नई एनएससी को लेकर है।

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इंटरनेट के माध्यम से वित्त मंत्रालय के निर्णय की जानकारी मिली है लेकिन आधिकारिक पत्र अभी प्राप्त नहीं हुआ है। चूंकि 10 साल की एनएससी बंद करने की तय अवधि में अभी करीब एक पखवारा शेष है, ऐसे में तब तक पत्र मिल जाएगा। तय समय से आदेश का पालन शुरू कर दिया जाएगा।

- डीबी त्रिपाठी, प्रवर अधीक्षक डाक, गोरखपुर परिक्षेत्र

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