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नगर निगम: दायरा बढ़ने से मिलेगा कई योजनाओं का फायदा
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नगर निगम : दायरा बढ़ने से मिलेगा कई योजनाओं का फायदा
गोरखपुर। अगर नगर निगम का दायरा बढ़ता है तो गोरखपुर को केंद्र की कई योजनाओं का फायदा भी मिल सकता है। दरअसल 10 लाख की कम जनसंख्या होने की वजह से गोरखपुर नगर निगम को केंद्र सरकार की योजना जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) का लाभ नहीं मिल सका। हालांकि नगर निगम की वास्तविक जनसंख्या 12 लाख से ज्यादा है।
वैसे तो जनगणना 2011 के अनुसार नगर निगम क्षेत्र गोरखपुर में जनसंख्या करीब सात लाख है, लेकिन आज के समय में नगर निगम की जनसंख्या बढ़कर 13-14 लाख के पास पहुंच गई है। नगर निगम क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या भी नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या से ज्यादा है।
जहां जनसंख्या 6.85 लाख है, वहीं मतदाताओं की संख्या 8.43 लाख है। इन सब स्थिति को देखते हुए तत्कालीन मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर वास्तविक जनसंख्या के आधार पर योजनाओं की स्वीकृति मांगी थी। ऐसे में अगर नगर निगम का दायरा बढ़ता है तो जनसंख्या भी बढ़ेगी और इसका फायदा नगर निगम को मिलेगा।
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32 गांव हो सकते हैं शामिल
सर्वे के बाद नगर निगम ने सीमा विस्तार के क्रम में नगर निगम से सटे कुल 43 गांव की सूची तैयार की। लेखपालों के सत्यापन के बाद अब 32 गांव रह गए हैं। इनमें सिक्टौर, तप्पा हवेली, रानीडीहा, सूबा बाजार, जंगल सिकरी, भरवालिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गी, मनघट, गायघाट, पथरा, बाधारानी, गायघाट खुर्द, अमवा तप्पा हवेली, जंगल हकीम नंबर 2, हरसेवकपुर नंबर 2, जंगल छत्रधारी, खुटहन, करमहा, दौलतपुर, पीपरी, भिलोरी
बुजुर्ग, अमवा तप्पा, गुलहरिया, जंगल धूसड़, सिक्टौर, तप्पा मराछी, चंदौर, जंगल बहादुर अली, नरूद्दीन चक, रहमत नगर, चकरा दोयम, चकरा सोयम, रामपुर
विस्तार के बाद 90 वार्ड होने की संभावना
अभी तक नगर निगम में 70 वार्ड हैं, विस्तार के बाद कुल 90 वार्ड होने की संभावना है। अभी नगर निगम का दायरा 147 वर्ग किमी में है, नए विस्तार के बाद नगर निगम का दायरा 210 वर्ग किमी में हो जाएगा। नगर निगम की जनगणना रिकॉर्ड में 9 लाख के आसपास है, यह संख्या 15 लाख हो जाएगी. नए विस्तार में दो से तीन गांव या मोहल्ले मिलकर एक वार्ड बनाया जाएगा। अभी तक शहर में 70 निर्वाचित और 10 मनोनीत पार्षद हैं। विस्तार के बाद पार्षदों की संख्या 90 निर्वाचित और 15 मनोनीत हो जाएगी
2000 में अंतिम बार हुआ था नगर निगम का विस्तार
वर्ष 2000 में नगर निगम का अंतिम बार विस्तार हुआ था। इसके पहले नगर निगम में कुल 60 वार्ड थे और इसका दायरा सिंघडिय़ा, झरना टोला, जेल बाईपास शाहपुर, खजांची चौराहा, राप्तीनगर 10 नंबर बोरिंग, रसूलपुर, नेताजी सुभाष चंद बोस नगर, नदी के किनारे के बांध, महेवा, आजाद चौक, पैड़लेगंज के बीच का क्षेत्र नगर निगम में था। इसका विस्तार किया गया और चारों तरफ एक एक किलोमीटर का दायरा बढ़ा दिया गया।।
- नगर निगम का दायरा बढ़ने से निगम के आय में काफी बढ़ोतरी होगी। विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। शासन स्तर से इस संबंध में पहले ही निर्देश मिला है। जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त,
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गोरखपुर। अगर नगर निगम का दायरा बढ़ता है तो गोरखपुर को केंद्र की कई योजनाओं का फायदा भी मिल सकता है। दरअसल 10 लाख की कम जनसंख्या होने की वजह से गोरखपुर नगर निगम को केंद्र सरकार की योजना जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्यूअल मिशन (जेएनएनयूआरएम) का लाभ नहीं मिल सका। हालांकि नगर निगम की वास्तविक जनसंख्या 12 लाख से ज्यादा है।
वैसे तो जनगणना 2011 के अनुसार नगर निगम क्षेत्र गोरखपुर में जनसंख्या करीब सात लाख है, लेकिन आज के समय में नगर निगम की जनसंख्या बढ़कर 13-14 लाख के पास पहुंच गई है। नगर निगम क्षेत्र के मतदाताओं की संख्या भी नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या से ज्यादा है।
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जहां जनसंख्या 6.85 लाख है, वहीं मतदाताओं की संख्या 8.43 लाख है। इन सब स्थिति को देखते हुए तत्कालीन मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर वास्तविक जनसंख्या के आधार पर योजनाओं की स्वीकृति मांगी थी। ऐसे में अगर नगर निगम का दायरा बढ़ता है तो जनसंख्या भी बढ़ेगी और इसका फायदा नगर निगम को मिलेगा।
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32 गांव हो सकते हैं शामिल
सर्वे के बाद नगर निगम ने सीमा विस्तार के क्रम में नगर निगम से सटे कुल 43 गांव की सूची तैयार की। लेखपालों के सत्यापन के बाद अब 32 गांव रह गए हैं। इनमें सिक्टौर, तप्पा हवेली, रानीडीहा, सूबा बाजार, जंगल सिकरी, भरवालिया बुजुर्ग, कजाकपुर, बड़गी, मनघट, गायघाट, पथरा, बाधारानी, गायघाट खुर्द, अमवा तप्पा हवेली, जंगल हकीम नंबर 2, हरसेवकपुर नंबर 2, जंगल छत्रधारी, खुटहन, करमहा, दौलतपुर, पीपरी, भिलोरी
बुजुर्ग, अमवा तप्पा, गुलहरिया, जंगल धूसड़, सिक्टौर, तप्पा मराछी, चंदौर, जंगल बहादुर अली, नरूद्दीन चक, रहमत नगर, चकरा दोयम, चकरा सोयम, रामपुर
विस्तार के बाद 90 वार्ड होने की संभावना
अभी तक नगर निगम में 70 वार्ड हैं, विस्तार के बाद कुल 90 वार्ड होने की संभावना है। अभी नगर निगम का दायरा 147 वर्ग किमी में है, नए विस्तार के बाद नगर निगम का दायरा 210 वर्ग किमी में हो जाएगा। नगर निगम की जनगणना रिकॉर्ड में 9 लाख के आसपास है, यह संख्या 15 लाख हो जाएगी. नए विस्तार में दो से तीन गांव या मोहल्ले मिलकर एक वार्ड बनाया जाएगा। अभी तक शहर में 70 निर्वाचित और 10 मनोनीत पार्षद हैं। विस्तार के बाद पार्षदों की संख्या 90 निर्वाचित और 15 मनोनीत हो जाएगी
2000 में अंतिम बार हुआ था नगर निगम का विस्तार
वर्ष 2000 में नगर निगम का अंतिम बार विस्तार हुआ था। इसके पहले नगर निगम में कुल 60 वार्ड थे और इसका दायरा सिंघडिय़ा, झरना टोला, जेल बाईपास शाहपुर, खजांची चौराहा, राप्तीनगर 10 नंबर बोरिंग, रसूलपुर, नेताजी सुभाष चंद बोस नगर, नदी के किनारे के बांध, महेवा, आजाद चौक, पैड़लेगंज के बीच का क्षेत्र नगर निगम में था। इसका विस्तार किया गया और चारों तरफ एक एक किलोमीटर का दायरा बढ़ा दिया गया।।
- नगर निगम का दायरा बढ़ने से निगम के आय में काफी बढ़ोतरी होगी। विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। शासन स्तर से इस संबंध में पहले ही निर्देश मिला है। जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
अनिल कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त,