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मार्च से छत और दीवारों पर प्रचार के लिए देना होगा टैक्स
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2016 08:33 PM IST
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जल्द ही शहर में मनमाने ढंग से होर्डिंग लगाने पर रोक लग जाएगी। छतों पर होर्डिंग लगाने के अलावा दीवारों पर भी प्रचार लिखने के लिए टैक्स देना पड़ेगा। इस संबंध में नगर निगम ने नई नियमावली का विज्ञापन जारी कर दिया है। इसमें कई चीजें विज्ञापन के दायरे में आ गई हैं।
नई नियमावली के तहत यातायात में बाधक बने होर्डिंग की समस्या दूर करने के साथ ही अवैध होर्डिंगों को जब्त करने के अलावा 5000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर प्रत्येक दिन के हिसाब से 500 रुपये की वसूली होगी। इसके साथ ही अवैध विज्ञापन पट्ट को साफ करने के लिए दो हजार रुपये और निजी भवन पर लगे विज्ञापन को हटाने के लिए 10 हजार रुपये तक जुर्माना देना पड़ेगा। साथ ही चौराहों से 20 मीटर के क्षेत्र में विज्ञापन लगाना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।
राजकीय मुद्रणालय से छपकर आने के बाद नगर निगम ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करने के साथ इच्छुक व्यक्तियों, विज्ञापन एजेंसियों, संस्थाओं से नगर निगम सीमा के अंतर्गत विज्ञापन लगाने के लिए पंजीकरण कराने संबंधी विज्ञापन जारी कर दिया है। 11 फरवरी तक इसकी अंतिम समय सीमा रखी गई है। मार्च के बाद नई नियमावली के अनुसार विज्ञापन पर टैक्स लगेगा।
विज्ञापन
-रबीश चंद्र, प्रभारी अधिकारी विज्ञापन, नगर निगम
अब इन चीजों पर विज्ञापन लेगा नगर निगम
1- नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों, जमीन, दीवार, भवन, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर, इलेक्ट्रानिक, एलईडी और अन्य डिजिटल माध्यम से प्रकाशित विज्ञापन पटों पर, मोटर चालित चार पहिया वाहन, बिजली और अन्य खंभों पर, पोस्टर, परचा (हैंडबिल), पताका (बैनर), गुब्बारा, छतरी (कैनोपी), यूनीपोल, ट्री गार्ड एवं फ्लॉवर पॉट, जनसुविधा स्थान पर विज्ञापन, पुलिस बूथ, ट्रैफिक आईलैंड, कैंट्रीलीवर पोल (ट्रैफिक सिग्नल), बस शेल्टर, गैंट्री, ऑटो रिक्शा, बसों पर, दीवारों पर वॉल राइटिंग, रेलवे की जमीन पर लगने वाली होर्डिंग जिसका फेस सड़क की तरफ हो, उत्सव, मेला, प्रदर्शनी, सर्कस में प्रदर्शित सामग्रियों पर, लाउड स्पीकर, निजी भूमि, भवन पर लगने वाले होर्डिंग।
इन स्थानों पर विज्ञापन को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है
-निजी भूमि भवन एवं सार्वजनिक स्थल विज्ञापन
-गोरखनाथ मंदिर के आसपास, विश्वविद्यालय रोड, आरटीओ तिराहा से विश्वविद्यालय गेट तक, सर्किट हाउस रोड
स्थल विज्ञापन के अंतर्गत होर्डिंग एवं यूनिपोल के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र
-जिलाधिकारी आवास, आयुक्त आवास और कार्यालय आयुक्त एवं कार्यालय नगर निगम परिसर
-शहर के समस्त मुख्य चौराहों एवं मुख्य चौराहों से चारों ओर 20 मीटर तक
-राष्ट्रीय राजमार्ग/ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्वामित्व वाले मार्ग
-नगर आयुक्त वीवीआईपी मूवमेंट, यातायात एवं सुरक्षा की दृष्टि से भविष्य में ओवरब्रिज के लिए निर्धारित रूट पर पिलर के निर्माण को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रचार के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किए जाने के लिए अधिकृत होंगे।
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नई नियमावली के तहत यातायात में बाधक बने होर्डिंग की समस्या दूर करने के साथ ही अवैध होर्डिंगों को जब्त करने के अलावा 5000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। नियमों के उल्लंघन पर प्रत्येक दिन के हिसाब से 500 रुपये की वसूली होगी। इसके साथ ही अवैध विज्ञापन पट्ट को साफ करने के लिए दो हजार रुपये और निजी भवन पर लगे विज्ञापन को हटाने के लिए 10 हजार रुपये तक जुर्माना देना पड़ेगा। साथ ही चौराहों से 20 मीटर के क्षेत्र में विज्ञापन लगाना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।
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राजकीय मुद्रणालय से छपकर आने के बाद नगर निगम ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करने के साथ इच्छुक व्यक्तियों, विज्ञापन एजेंसियों, संस्थाओं से नगर निगम सीमा के अंतर्गत विज्ञापन लगाने के लिए पंजीकरण कराने संबंधी विज्ञापन जारी कर दिया है। 11 फरवरी तक इसकी अंतिम समय सीमा रखी गई है। मार्च के बाद नई नियमावली के अनुसार विज्ञापन पर टैक्स लगेगा।
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-रबीश चंद्र, प्रभारी अधिकारी विज्ञापन, नगर निगम
अब इन चीजों पर विज्ञापन लेगा नगर निगम
1- नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थानों, जमीन, दीवार, भवन, सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर, इलेक्ट्रानिक, एलईडी और अन्य डिजिटल माध्यम से प्रकाशित विज्ञापन पटों पर, मोटर चालित चार पहिया वाहन, बिजली और अन्य खंभों पर, पोस्टर, परचा (हैंडबिल), पताका (बैनर), गुब्बारा, छतरी (कैनोपी), यूनीपोल, ट्री गार्ड एवं फ्लॉवर पॉट, जनसुविधा स्थान पर विज्ञापन, पुलिस बूथ, ट्रैफिक आईलैंड, कैंट्रीलीवर पोल (ट्रैफिक सिग्नल), बस शेल्टर, गैंट्री, ऑटो रिक्शा, बसों पर, दीवारों पर वॉल राइटिंग, रेलवे की जमीन पर लगने वाली होर्डिंग जिसका फेस सड़क की तरफ हो, उत्सव, मेला, प्रदर्शनी, सर्कस में प्रदर्शित सामग्रियों पर, लाउड स्पीकर, निजी भूमि, भवन पर लगने वाले होर्डिंग।
इन स्थानों पर विज्ञापन को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है
-निजी भूमि भवन एवं सार्वजनिक स्थल विज्ञापन
-गोरखनाथ मंदिर के आसपास, विश्वविद्यालय रोड, आरटीओ तिराहा से विश्वविद्यालय गेट तक, सर्किट हाउस रोड
स्थल विज्ञापन के अंतर्गत होर्डिंग एवं यूनिपोल के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र
-जिलाधिकारी आवास, आयुक्त आवास और कार्यालय आयुक्त एवं कार्यालय नगर निगम परिसर
-शहर के समस्त मुख्य चौराहों एवं मुख्य चौराहों से चारों ओर 20 मीटर तक
-राष्ट्रीय राजमार्ग/ भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्वामित्व वाले मार्ग
-नगर आयुक्त वीवीआईपी मूवमेंट, यातायात एवं सुरक्षा की दृष्टि से भविष्य में ओवरब्रिज के लिए निर्धारित रूट पर पिलर के निर्माण को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रचार के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किए जाने के लिए अधिकृत होंगे।