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चर्म, न्यूरो, बर्न की दवाएं कर दी बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 08 Oct 2016 08:45 PM IST
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- फोटो : demo
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मेडिकल कॉलेज में बर्न, चर्म और न्यूरो की दवाएं बर्बाद हो रहीं हैं। मरीज बाहर से दवा खरीद रहे और स्टोर में दवाएं भरी पड़ी हैं। संदेह होने पर एसआईसी ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर जांच कराई तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। इसके बाद कार्यवाहक प्राचार्य की मौजूदगी में स्टोर को सील कर दिया गया है और प्राचार्य के आने पर दवाओं का मिलान कर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। खबर है कि कई दवाएं एक्सपायर भी हो चुकी हैं। जिसकी कीमत करीब दस लाख बताई जा रही।
मेडिकल कॉलेज के सेंट्रल ड्रग स्टोर में दवाएं रखी जाती हैं। वहां से हर वार्ड द्वारा रोजाना मांग के हिसाब से दवाओं को भेजा जाता है। वार्ड नंबर दो में चर्म, बर्न और न्यूरो के मरीज होते हैं। यही पर इस मर्ज की दवाओं को रखने के लिए स्टोर भी बना हुआ है। एसआईसी के पास दवाओं की मांग गई तो उन्होंने वार्ड मौजूद मरीजों की संख्या पूछ ली। साथ ही इस वार्ड से दो इंडेंट आ रहा था। एक तो सिस्टर इंचार्ज द्वारा दूसरा चर्म रोग के डॉक्टर भेज रहे थे। इसी पर संदेह होने पर तीन फार्मासिस्टों को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी।
शनिवार को कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बाद एसआईसी कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. माही मित्तल को बुलाया और स्टोर खुलवाया तो देखा उसमें दवाएं भरी हुई थीं। इसके बाद स्टोर को सील कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि स्टोर में दवाएं भरी हुई हैं। प्राचार्य को मामले की जानकारी दे दी गई, उनके आने के बाद दवाओं का मिलान कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मामले की जांच को दो डॉक्टरों की अगुवाई में टीम गठित कर दी गई है।
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मेडिकल कॉलेज के सेंट्रल ड्रग स्टोर में दवाएं रखी जाती हैं। वहां से हर वार्ड द्वारा रोजाना मांग के हिसाब से दवाओं को भेजा जाता है। वार्ड नंबर दो में चर्म, बर्न और न्यूरो के मरीज होते हैं। यही पर इस मर्ज की दवाओं को रखने के लिए स्टोर भी बना हुआ है। एसआईसी के पास दवाओं की मांग गई तो उन्होंने वार्ड मौजूद मरीजों की संख्या पूछ ली। साथ ही इस वार्ड से दो इंडेंट आ रहा था। एक तो सिस्टर इंचार्ज द्वारा दूसरा चर्म रोग के डॉक्टर भेज रहे थे। इसी पर संदेह होने पर तीन फार्मासिस्टों को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी।
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शनिवार को कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। इसके बाद एसआईसी कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. माही मित्तल को बुलाया और स्टोर खुलवाया तो देखा उसमें दवाएं भरी हुई थीं। इसके बाद स्टोर को सील कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि स्टोर में दवाएं भरी हुई हैं। प्राचार्य को मामले की जानकारी दे दी गई, उनके आने के बाद दवाओं का मिलान कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मामले की जांच को दो डॉक्टरों की अगुवाई में टीम गठित कर दी गई है।
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