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संत कबीर नगर: 20 उम्मीदवारों का नामांकन निरस्त, अब सात के बीच मुकाबला

Thu, 25 Apr 2019 06:46 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संत कबीर नगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संत कबीर नगर Published by: देव कश्यप Updated Thu, 25 Apr 2019 06:46 AM IST
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Lok Sabha elections 2019: nomination of 20 candidates cancelled in Sant Kabir Nagar
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)

नामांकन पत्रों की जांच में बुधवार को 20 उम्मीदवारों का पर्चा निरस्त कर दिया गया। ये सभी निर्दलीय या छोटे दलों से संबंधित हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नामांकन पत्र पर हस्ताक्षर नहीं होने तथा शपथ पत्र में कई कालम खाली छोड़ने के कारण पर्चा निरस्त किया है। अब भाजपा, बसपा, कांग्रेस, बहुजन मुक्ति मोर्चा और मौलिक अधिकारी पार्टी के उम्मीदवारों के अलावा दो निर्दल मिलाकर सात उम्मीदवार संतकबीरनगर संसदीय सीट से मैदान में बचे हैं।

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जिला निर्वाचन अधिकारी रवीश गुप्ता के न्यायालय कक्ष/नामांकन कक्ष में बुधवार को सामान्य प्रेक्षक त्रिनन्जन चक्रवर्ती के सामने नामांकन पत्रों की जांच की गई। इसमें भाजपा प्रत्याशी प्रवीण कुमार निषाद, कांग्रेस के भालचंद यादव, बसपा के भीष्मशंकर उर्फ कुशल तिवारी, मौलिक अधिकार पार्टी के अखिलेश कुमार, बहुजन मुक्ति पार्टी के आनंद कुमार गौतम तथा निर्दल राजेंद्र यादव और लोटन का पर्चा वैध पाया गया। नामांकन पत्रों में कमियों के कारण पीस पार्टी से कैलाश नाथ बेलदार, निर्दल राजेंद्र पटेल, राजाराम, मोहम्मद अली, मुन्ना लाल चैधरी, कोईल साहनी, सुभाष चंद दूबे, हरिश्चंद्र निषाद, चंद्रशेखर, अशोक कुमार, मित्रसेन यादव, दिनेश चंद गौड़, सचिन राय, दिनेश जायसवाल, अल्तमस हुसैन, सत्यनारायण, संतोष कुमार, जय प्रकाश, सतीश कुमार, रवींद्र कुमार यादव का नामांकन निरस्त कर दिया गया। एएसपी असित श्रीवास्तव और सीओ सदर रमेश कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। सहायक रिटर्निग आफिसर एसपी सिंह ने प्रत्याशियों को बुलाकर नामांकन पत्र निरस्त करने का कारण बताया।
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प्रशासन पर लगाया मनमानी का आरोप
नामांकन निरस्त होने की सबसे पहली सूचना निर्दल मोहम्मद अली को मिली। वे नामांकन कक्ष से बाहर निकले तो प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाने लगे। उनका कहना था कि प्रशासन ने उम्मीदवारों की संख्या कम करने के लिए उनका नामांकन निरस्त किया है। समाज सेवा पार्टी के उम्मीदवार जयप्रकाश सिंह ने भी नामांकन निरस्त करने के लिए प्रशासन को दोषी ठहराया और निर्वाचन आयोग से इसकी शिकायत करने की बात कही।
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उम्मीदवार घटने से प्रशासन भी राहत में
संतकबीरनगर संसदीय सीट के लिए 27 लोगों ने नामांकन पत्र जमा किया था। वीएम में केवल 16 बटन होते हैं। इसमें भी आखिरी बटन नोटा का होता है। ऐसे में अगर सभी उम्मीदवार मैदान में रहते तो प्रशासन को हर बूथ पर दो ईवीएम की व्यवस्था करनी पड़ती। उम्मीदवारों की गलती ने प्रशासन की एक बड़ी मुसीबत हल कर दी। बिना हस्ताक्षर वाले नामांकन पत्र और शपथ पत्र में खाली छोड़े गए कालम के चलते प्रशासन का काम आसान हो गया।

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