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खादी पर संकट, 1000 बुनकरों ने तोड़ा नाता

Wed, 21 Aug 2019 01:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2019 01:54 AM IST
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khaadi product production down
क्षेत्रीय गांधी आश्रम में खादी की खरीदारी करते लोग
खादी पर संकट, 1000 बुनकरों ने तोड़ा नाता
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विवेक सिंह
गोरखपुर। गोरखपुर-महाराजगंज जिलों में खादी पर संकट के बादल मड़रा रहे हैं। यहां खादी का उत्पादन 40 फीसदी तक गिर गया है। सालाना कमाई पांच करोड़ से घटकर तीन करोड़ रुपये पर आ गई है। पिछले दो सालों में क्षेत्रीय गांधी आश्रम से जुड़े 2200 बुनकरों में से 1022 ने खादी का काम छोड़ दूसरे व्यवसायों का रुख कर लिया है। ऐसे में क्षेत्रीय गांधी आश्रम से संबद्ध इन दोनों जिलों के 43 खादी आश्रमों में से कई के बंद होने की नौबत है।
क्षेत्रीय गांधी आश्रम 2016 से ही आर्थिक संकट से जूझ रहा है। राज्य सरकार की ओर से गांधी आश्रम को दी जाने वाली सब्सिडी का भुगतान नहीं होने से परिस्थितियां और खराब हो गईं हैं। करीब 68 लाख रुपये सब्सिडी बकाया है। इसे लेकर गांधी आश्रम की ओर से कई बार प्रदेश सरकार से पत्राचार किया गया है, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गोरखपुर के खादी की डिमांड मुंबई, राजस्थान, दिल्ली के साथ साथ विदेशों तक है। वर्तमान स्थितियों में इन जगहों पर की जाने वाली खादी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है।
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जर्मनी, फ्रांस और जापान तक है डिमांड
क्षेत्रीय गांधी आश्रम गोरखपुर के खादी के डिमांड फ्रांस, जर्मनी, साउथ अफ्रीका, जापान और इटली में भी है। दो साल पहले क्षेत्रीय गांधी आश्रम का जयपुर स्थित राजस्थान खादी संघ से करार हुआ है। वहीं, मुंबई के ठाणे स्थित रेमंड कंपनी भी गोरखपुर से खादी की सप्लाई लेती है। उत्पादन में गिरावट से इन जगहों पर भी खादी की सप्लाई समय से नहीं हो पा रही है।
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प्रधानमंत्री से मिल चुका है सम्मान
क्षेत्रीय गांधी आश्रम को वर्ष 2008 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के हाथों उत्कृष्ट खादी कार्यों के लिए सम्मानित किया जा चुका है। मगर,.उदासीनता के चलते आज यह अपने वजूद बचाने की लड़ाई लड़ रहा है।
इसलिए मिलती है सब्सिडी
प्राकृतिक धागे और रंग से बनी होने से खादी हर मौसम में आरामदायक होती है। इसकी कताई और बुनाई हाथ से होने से दाम अन्य कपड़ोें से महंगे होते हैं। प्रदेश सरकार की ओर से खादी को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी दी जाती है, ताकि इसे वाजिब दाम पर बेंचा जा सके। बीते दो सालों से सब्सिडी न मिलने से बुनकरों को समय से भुगतान नहीं हो पा रहा है।

::: कोट
प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी का भुगतान नहीं होने से कई बुनकरों का मेहनताना नहीं दिया जा सका है। इस वजह से बुनकर गांधी आश्रम से कटते चले गए। कई दफा सरकार से पत्राचार किया गया है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। जल्द ही प्रमुख सचिव से मिलकर इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराएंगे। - विशेषर नाथ तिवारी, मंत्री क्षेत्रीय गांधी आश्रम
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