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मेडिकल कॉलेज में एचआईवी ग्रस्त प्रसूता को पीटा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 01 Jun 2017 01:08 AM IST
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मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : Amar Ujala
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मेडिकल कॉलेज में बुधवार को एक बार फिर डॉक्टरों पर मरीज की पिटाई के आरोप लगे। गायनी विभाग में एचआईवी ग्रस्त प्रसूता को जूनियर डॉक्टरों ने पीट दिया। उसकी गलती ये थी कि उसने डॉक्टरों को खुद के एचआईवी ग्रस्त होने की जानकारी नहीं दी थी।
बस्ती की रहने वाली गर्भवती मंगलवार शाम गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाई गई थी। उसे गायनी विभाग में भर्ती किया गया था। वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। देर रात डॉक्टरों ने उसका प्रसव कराया। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। बुधवार को जच्चा-बच्चा के खून की जांच की रिपोर्ट आई। इसे देखकर डॉक्टर हतप्रभ रह गए। महिला और नवजात दोनों ही एचआईवी संक्रमित मिले। यह देख डॉक्टरों के हाथ-पांव फूल गए।
गुस्से से तमतमाई विभाग की कुछ जूनियर डॉक्टर प्रसूता के पास पहुंच गईं और उसे ताबड़तोड़ कई थप्पड़ जड़ दिए। इससे गायनी वार्ड में हंगामा मच गया। वार्ड में भर्ती दूसरी महिलाएं डर गईं। डॉक्टरों का उत्पात देखकर प्रसूता के साथ मौजूद तीमारदार महिला भाग गई। हालांकि एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वह इमरजेंसी में ही ड्यूटी कर रहे हैं।
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हाल ही में हुई थी पति की मौत, नहीं थी एचआईवी की जानकारी
दूसरी ओर पीड़ित प्रसूता के पति की हाल ही में मौत होने की जानकारी मिली। पता चला कि महिला को खुद के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी नहीं थी। उसे इसका पता तब चला, जब डॉक्टर उसकी जांच रिपोर्ट लेकर उसे पीटने लगे।
संक्रमण के डर से अपना फर्ज भूलीं जूनियर डॉक्टर
गर्भवती का प्रसव कराने के दौरान जिन डॉक्टरों ने उसे संभाला था, प्रसव के बाद आई रिपोर्ट देखकर वो डर गईं। एचआईवी संक्रमण के डर में उन्हें अपना फर्ज भी याद नहीं रहा और मरणासन्न हाल में लेटी प्रसूता को बेरहमी से पीट दिया।
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बस्ती की रहने वाली गर्भवती मंगलवार शाम गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाई गई थी। उसे गायनी विभाग में भर्ती किया गया था। वह प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। देर रात डॉक्टरों ने उसका प्रसव कराया। महिला ने बच्ची को जन्म दिया। बुधवार को जच्चा-बच्चा के खून की जांच की रिपोर्ट आई। इसे देखकर डॉक्टर हतप्रभ रह गए। महिला और नवजात दोनों ही एचआईवी संक्रमित मिले। यह देख डॉक्टरों के हाथ-पांव फूल गए।
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गुस्से से तमतमाई विभाग की कुछ जूनियर डॉक्टर प्रसूता के पास पहुंच गईं और उसे ताबड़तोड़ कई थप्पड़ जड़ दिए। इससे गायनी वार्ड में हंगामा मच गया। वार्ड में भर्ती दूसरी महिलाएं डर गईं। डॉक्टरों का उत्पात देखकर प्रसूता के साथ मौजूद तीमारदार महिला भाग गई। हालांकि एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वह इमरजेंसी में ही ड्यूटी कर रहे हैं।
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हाल ही में हुई थी पति की मौत, नहीं थी एचआईवी की जानकारी
दूसरी ओर पीड़ित प्रसूता के पति की हाल ही में मौत होने की जानकारी मिली। पता चला कि महिला को खुद के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी नहीं थी। उसे इसका पता तब चला, जब डॉक्टर उसकी जांच रिपोर्ट लेकर उसे पीटने लगे।
संक्रमण के डर से अपना फर्ज भूलीं जूनियर डॉक्टर
गर्भवती का प्रसव कराने के दौरान जिन डॉक्टरों ने उसे संभाला था, प्रसव के बाद आई रिपोर्ट देखकर वो डर गईं। एचआईवी संक्रमण के डर में उन्हें अपना फर्ज भी याद नहीं रहा और मरणासन्न हाल में लेटी प्रसूता को बेरहमी से पीट दिया।