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कोतवाली पुलिस ने जालसाज को किया गिरफ्तार
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कोतवाली थाने में पकड़े गए जालसाज के बारे में जानकारी देते सीओ कोतवाली बीपी सिंह व अन्य।
कैसिनो में जुआ खेलने को करता था जालसाजी, गिरफ्तार
गोरखपुर। नेपाल के कैसिनो में जुआ खेलने के शौक में जालसाज बने शख्स को कोतवाली पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में उसने 35 लोगों से 35 लाख रुपये की जालसाजी की बात स्वीकार कर ली है। गोरखपुर के अलावा कुशीनगर में भी वारदात कबूला है। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम से उसने चार लक्जरी कार भी खरीदी है। हालांकि वर्तमान में सभी कार थानों में सीज है। लंबे समय से पुलिस इसकी तलाश में थी।
पकड़े गए जालसाज की पहचान कुशीनगर के रामकोला निवासी शमशाद अंसारी के रूप में हुई। रविवार को सीओ कोतवाली बीपी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि व्यापारियों के साथ जालसाजी की कई घटनाएं हुई थी। पुलिस उसकी तलाश में थी कि इसी बीच रेती रोड स्थित मदीना मस्जिद के पास उसके होने की सूचना मिली। जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से पुलिस ने चार सौ ग्राम नशीला पदार्थ भी बरामद किया। सीओ ने बताया कि शमशाद कोतवाली क्षेत्र के कई व्यापारियों को शिकार बना चुका है। वह व्यापारियों को झांसा देकर उनके गल्ले से रुपये निकालकर फरार हो जाता था। दो दिन पूर्व उसने कोतवाली क्षेत्र के व्यापारी अख्तर आलम को झांसा देकर उनके गल्ले से बीस हजार रुपये निकाल लिए थे। रविवार को जालसाज को देखकर अख्तर ने पहचान लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अख्तर की दुकान से निकाली गई रकम में से तीन हजार रुपये बरामद कर लिए। बाकी के रुपये वह खर्च कर चुका है। शमशाद ने जालसाजी के रुपये से चार कार भी खरीदी थी। शमशाद पहले भी राजघाट, कोतवाली और कुशीनगर के तरयासुजान व कसया थाने से जालसाजी के मामले में जेल जा चुका है। शमशाद की जालसाजी की रकम से अर्जित चारों कार भी अलग-अलग थानों में जब्त हैं।
दुकानदार ने ही दी थी पुलिस को सूचना
दो दिन पहले व्यापारी अख्तर के दुकान से बीस हजार रुपये की जालसाजी की गई थी। सामान लेने के बहाने जालसाज दुकानदार को बातों में उलझाकर वारदात कर फरार हो गया था। रविवार को अख्तर ने ही जालसाज को देखा और फिर पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद उसे दबोचा जा सका।
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ऐसे करता था जालसाजी
दुकान पर जाने के बाद वह सामान लेने के बाद दुकानदार को उलझा देता था। वह ऐसी दुकान का चुनाव करता था, जहां पर भीड़ ज्यादा और कर्मचारी व्यस्त हों। दुकानदार जैसे ही सामान लेने के लिए अंदर जाता, उसके गल्ले से रकम गायब कर फरार हो जाता था।
हाई प्रोफाइल जिंदगी की शौक में फंसते चला गया
पकड़े गए शमशाद को महंगे गाड़ी और कैसिनो का शौक था। उसका एक व्यापारी मित्र अक्सर नेपाल जाया करता था। इसी शौक को पूरा करने के लिए वह जालसाजी के गलत रास्ते पर आ गया। शुरुआती घटनाओं में पकड़े ना जाने के बाद उसका मनोबल बढ़ गया। जालसाजी की रकम से ही उसने कार खरीदी और फिर कागजात ना होने पर थाने में जब्त कर दी गई। फिर उसने दोबारा कार खरीदी और फिर वह आए दिन इस तरह की घटनाएं करने लगा।
सीसीटीवी कैमरे का खास ध्यान
वह ऐसे दुकान पर ही वारदात करता था, जहां पर सीसीटीवी कैमरा ना लगा हो। यदि वह किसी दुकान में घुसने के बाद कैमरा देख लेता था, तो वारदात नहीं करता था। यही वजह रहा कि 35 घटनाएं करने के बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी थी। रविवार को भी व्यापारी की मदद से ही उसे पकड़ा जा सका।
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गोरखपुर। नेपाल के कैसिनो में जुआ खेलने के शौक में जालसाज बने शख्स को कोतवाली पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में उसने 35 लोगों से 35 लाख रुपये की जालसाजी की बात स्वीकार कर ली है। गोरखपुर के अलावा कुशीनगर में भी वारदात कबूला है। पुलिस के अनुसार, ठगी की रकम से उसने चार लक्जरी कार भी खरीदी है। हालांकि वर्तमान में सभी कार थानों में सीज है। लंबे समय से पुलिस इसकी तलाश में थी।
पकड़े गए जालसाज की पहचान कुशीनगर के रामकोला निवासी शमशाद अंसारी के रूप में हुई। रविवार को सीओ कोतवाली बीपी सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि व्यापारियों के साथ जालसाजी की कई घटनाएं हुई थी। पुलिस उसकी तलाश में थी कि इसी बीच रेती रोड स्थित मदीना मस्जिद के पास उसके होने की सूचना मिली। जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी में उसके पास से पुलिस ने चार सौ ग्राम नशीला पदार्थ भी बरामद किया। सीओ ने बताया कि शमशाद कोतवाली क्षेत्र के कई व्यापारियों को शिकार बना चुका है। वह व्यापारियों को झांसा देकर उनके गल्ले से रुपये निकालकर फरार हो जाता था। दो दिन पूर्व उसने कोतवाली क्षेत्र के व्यापारी अख्तर आलम को झांसा देकर उनके गल्ले से बीस हजार रुपये निकाल लिए थे। रविवार को जालसाज को देखकर अख्तर ने पहचान लिया। इसके बाद पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अख्तर की दुकान से निकाली गई रकम में से तीन हजार रुपये बरामद कर लिए। बाकी के रुपये वह खर्च कर चुका है। शमशाद ने जालसाजी के रुपये से चार कार भी खरीदी थी। शमशाद पहले भी राजघाट, कोतवाली और कुशीनगर के तरयासुजान व कसया थाने से जालसाजी के मामले में जेल जा चुका है। शमशाद की जालसाजी की रकम से अर्जित चारों कार भी अलग-अलग थानों में जब्त हैं।
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दुकानदार ने ही दी थी पुलिस को सूचना
दो दिन पहले व्यापारी अख्तर के दुकान से बीस हजार रुपये की जालसाजी की गई थी। सामान लेने के बहाने जालसाज दुकानदार को बातों में उलझाकर वारदात कर फरार हो गया था। रविवार को अख्तर ने ही जालसाज को देखा और फिर पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद उसे दबोचा जा सका।
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ऐसे करता था जालसाजी
दुकान पर जाने के बाद वह सामान लेने के बाद दुकानदार को उलझा देता था। वह ऐसी दुकान का चुनाव करता था, जहां पर भीड़ ज्यादा और कर्मचारी व्यस्त हों। दुकानदार जैसे ही सामान लेने के लिए अंदर जाता, उसके गल्ले से रकम गायब कर फरार हो जाता था।
हाई प्रोफाइल जिंदगी की शौक में फंसते चला गया
पकड़े गए शमशाद को महंगे गाड़ी और कैसिनो का शौक था। उसका एक व्यापारी मित्र अक्सर नेपाल जाया करता था। इसी शौक को पूरा करने के लिए वह जालसाजी के गलत रास्ते पर आ गया। शुरुआती घटनाओं में पकड़े ना जाने के बाद उसका मनोबल बढ़ गया। जालसाजी की रकम से ही उसने कार खरीदी और फिर कागजात ना होने पर थाने में जब्त कर दी गई। फिर उसने दोबारा कार खरीदी और फिर वह आए दिन इस तरह की घटनाएं करने लगा।
सीसीटीवी कैमरे का खास ध्यान
वह ऐसे दुकान पर ही वारदात करता था, जहां पर सीसीटीवी कैमरा ना लगा हो। यदि वह किसी दुकान में घुसने के बाद कैमरा देख लेता था, तो वारदात नहीं करता था। यही वजह रहा कि 35 घटनाएं करने के बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं सकी थी। रविवार को भी व्यापारी की मदद से ही उसे पकड़ा जा सका।