{"_id":"f1fe1c8c8fbde5912f1c5d98bea3f71b","slug":"gorakhpur-mahotsav-will-start-today-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"5 भाषा में 3 हजार बेटियों के एक साथ गूजेंगे स्वर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
5 भाषा में 3 हजार बेटियों के एक साथ गूजेंगे स्वर
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jan 2016 08:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिर पर तिरंगी टोपी पहने तीन हजार बेटियां, पांच भाषाएं और एक स्वर में 40 मिनट तक गूंजता गोरखपुर यूनिवर्सिटी कैंपस। शुक्रवार को कुछ इसी माहौल में होगी गोरखपुर महोत्सव की शुरुआत। दिन भर प्रतियोगिताओं का दौर चलेगा तो रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम होगी। अनूप जलोटा भजन पर तान छेड़ेंगे तो भोजपुरी गीतों पर कल्पना मचाएंगी धमाल। यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अशोक कुमार और आईजी एचआर शर्मा सुबह 10 बजे महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। इसी के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जो दौर शुरू होगा, वह चार दिनों तक जारी रहेगा।
महोत्सव के एक दिन पहले बृहस्पतिवार को चल रहे छात्राओं के रिहर्सल ने ही समां बांध दिया। स्टेज पर मौजूद ट्रेनर्स के इशारे पर फील्ड में सैकड़ों की संख्या में मौजूद छात्राओं के एक साथ उठते हाथ और पैरों की थाप बेहतर रियाज की गवाह बनी। मेहनत सफल होने का सबूत मिला तो महोत्सव से जुड़े अफसरों, तमाम स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के साथ आयोजकों के चेहरे पर भी तसल्ली के भाव तैर गए। सभी तालियां बजाक र छात्राओं का हौसला बढ़ाते रहे।
देर रात तक तैयारियों को अमली जामा पहनाने का काम चलता रहा। कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद खुद सभी संयोजकों के साथ दिन भर कार्यक्रम स्थल पर जमे रहे और एक-एक स्टॉल पर चल रही तैयारियों का जायजा लेते रहे। महोत्सव में किचन के सामानों से लेकर ट्रेड फेयर तक के स्टॉल दिखाई देंगे तो तमाम व्यंजनों के जायके का लुत्फ उठाने का भी मौका मिलेगा। कई नामी ज्वेलरी कंपनियां अपने आभूषणों से लोगों को आकर्षित करेंगी तो रियल इस्टेट के कारोबारी अपने-अपने प्रोजेक्ट की खूबियां गिनाते दिखाई पड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञान मेले में उठेगा अंधविश्वास से ‘पर्दा’
गोरखपुर। महोत्सव में शुक्रवार से ही विज्ञान मेला भी लगेगा। यूनिवर्सिटी के कला संकाय में दो दिनों तक चलने वाला यह मेला न केवल विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं बल्कि हर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा। इस दौरान तमाम अनसुलझे सवालों के जवाब तो मिलेंगे ही अंधविश्वास से भी पर्दा उठ जाएगा। जीभ में सुई कैसे आर-पार की जाती है, कैसे जलते कोयले पर चलकर जादूगर बाहर निकल जाते हैं, ऐसे तमाम करतबों में विज्ञान की भूमिका समझने का मौका मिलेगा।
मेले में घर और कल-कारखानों से निकलने वाले क बाड़ से ‘जुगाड़’ तैयार करने का तरीका सीखने का मौका मिलेगा तो मोबाइल नक्षत्रशाला ब्रह्मांड में छुपे हुए रहस्यों को सुलझाएगी। मेले में विभिन्न स्कूलों के कक्षा छह से आठ तक तथा नौ से 11 तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। प्रत्येक स्कूल से तीन-तीन विद्यार्थियों को मौका मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न शहरों से इस क्षेत्र के तमाम विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है। मेले में गाजियाबाद क्षेत्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी केंद्र की सचल प्रयोगशाला के साथ ही विज्ञान आंचलिक केंद्र अलीगंज की बस भी मौजूद रहेगी। इस दौरान कठपुतली का प्रदर्शन, हाईड्रोपोनिक, फिंगर प्रिंट एनालिसिस और नाइट टेलिस्कोप का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
महोत्सव में आज
सुबह 10 बजे: मुख्य मंच पर उद्घाटन समारोह और एक सुर एक ताल कार्यक्रम, दीक्षा भवन में सोशल नेटवर्किंग पर परिचर्चा, संवाद भवन में संस्कृत श्लोक प्रतियोगिता, दीक्षा भवन के क्लास रूम में निबंध प्रतियोगिता, क्रीड़ा भवन में शतरंज प्रतियोगिता, कला संकाय में बैनर डिजाइनिंग और विज्ञान मेला।
दोपहर 2 बजे: कला संकाय में मेंहदी और बिना शीशे के शृंगार प्रतियोगिता।
शाम 5 बजे: भजन संध्या (अनूप जलोटा)
रात 8 बजे: भोजपुरी नाइट (कल्पना)
विज्ञापन
महोत्सव के एक दिन पहले बृहस्पतिवार को चल रहे छात्राओं के रिहर्सल ने ही समां बांध दिया। स्टेज पर मौजूद ट्रेनर्स के इशारे पर फील्ड में सैकड़ों की संख्या में मौजूद छात्राओं के एक साथ उठते हाथ और पैरों की थाप बेहतर रियाज की गवाह बनी। मेहनत सफल होने का सबूत मिला तो महोत्सव से जुड़े अफसरों, तमाम स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों के साथ आयोजकों के चेहरे पर भी तसल्ली के भाव तैर गए। सभी तालियां बजाक र छात्राओं का हौसला बढ़ाते रहे।
विज्ञापन
देर रात तक तैयारियों को अमली जामा पहनाने का काम चलता रहा। कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद खुद सभी संयोजकों के साथ दिन भर कार्यक्रम स्थल पर जमे रहे और एक-एक स्टॉल पर चल रही तैयारियों का जायजा लेते रहे। महोत्सव में किचन के सामानों से लेकर ट्रेड फेयर तक के स्टॉल दिखाई देंगे तो तमाम व्यंजनों के जायके का लुत्फ उठाने का भी मौका मिलेगा। कई नामी ज्वेलरी कंपनियां अपने आभूषणों से लोगों को आकर्षित करेंगी तो रियल इस्टेट के कारोबारी अपने-अपने प्रोजेक्ट की खूबियां गिनाते दिखाई पड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञान मेले में उठेगा अंधविश्वास से ‘पर्दा’
गोरखपुर। महोत्सव में शुक्रवार से ही विज्ञान मेला भी लगेगा। यूनिवर्सिटी के कला संकाय में दो दिनों तक चलने वाला यह मेला न केवल विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं बल्कि हर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी साबित होगा। इस दौरान तमाम अनसुलझे सवालों के जवाब तो मिलेंगे ही अंधविश्वास से भी पर्दा उठ जाएगा। जीभ में सुई कैसे आर-पार की जाती है, कैसे जलते कोयले पर चलकर जादूगर बाहर निकल जाते हैं, ऐसे तमाम करतबों में विज्ञान की भूमिका समझने का मौका मिलेगा।
मेले में घर और कल-कारखानों से निकलने वाले क बाड़ से ‘जुगाड़’ तैयार करने का तरीका सीखने का मौका मिलेगा तो मोबाइल नक्षत्रशाला ब्रह्मांड में छुपे हुए रहस्यों को सुलझाएगी। मेले में विभिन्न स्कूलों के कक्षा छह से आठ तक तथा नौ से 11 तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। प्रत्येक स्कूल से तीन-तीन विद्यार्थियों को मौका मिलेगा। इसके अलावा विभिन्न शहरों से इस क्षेत्र के तमाम विशेषज्ञों को भी बुलाया गया है। मेले में गाजियाबाद क्षेत्रीय विज्ञान प्रौद्योगिकी केंद्र की सचल प्रयोगशाला के साथ ही विज्ञान आंचलिक केंद्र अलीगंज की बस भी मौजूद रहेगी। इस दौरान कठपुतली का प्रदर्शन, हाईड्रोपोनिक, फिंगर प्रिंट एनालिसिस और नाइट टेलिस्कोप का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
महोत्सव में आज
सुबह 10 बजे: मुख्य मंच पर उद्घाटन समारोह और एक सुर एक ताल कार्यक्रम, दीक्षा भवन में सोशल नेटवर्किंग पर परिचर्चा, संवाद भवन में संस्कृत श्लोक प्रतियोगिता, दीक्षा भवन के क्लास रूम में निबंध प्रतियोगिता, क्रीड़ा भवन में शतरंज प्रतियोगिता, कला संकाय में बैनर डिजाइनिंग और विज्ञान मेला।
दोपहर 2 बजे: कला संकाय में मेंहदी और बिना शीशे के शृंगार प्रतियोगिता।
शाम 5 बजे: भजन संध्या (अनूप जलोटा)
रात 8 बजे: भोजपुरी नाइट (कल्पना)