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सर! शुल्क वापस कराएं, हमें नहीं करना कंप्यूटर कोर्स
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सर! शुल्क वापस कराएं, हमें नहीं करना कंप्यूटर कोर्स
गोरखपुर। डीएवी पीजी कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य कर विद्यार्थियों से 1500-1500 रुपये वसूलने के मामले में सोमवार को काफी संख्या में विद्यार्थी क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय पहुंचे। विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षाधिकारी से कहा, साहब हमें कंप्यूटर कोर्स नहीं करना है, कॉलेज से शुल्क वापस करा दें। उच्च शिक्षाधिकारी ने मंगलवार को सुबह 10.30 बजे विद्यार्थियों को रसीद के साथ बुलाया है।
दो महीने पहले कॉलेज के विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी शिकायती पत्र सौंपकर कॉलेज की प्राचार्या पर तानाशाही का आरोप लगाया था। विद्यार्थियोें का कहना है कि शैक्षिक विवरणिका में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने का जिक्र नहीं है और न ही शासन की कोई गाइड लाइन है। लेकिन सभी विद्यार्थियों से कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर जबरन शुल्क लिया गया है। छात्रों का आरोप है कि 300-300 रुपये अर्हताहीन शिक्षकों के वेतन में मद में लिए गए हैं। जबकि इसकी व्यवस्था प्रबंधन को करनी है। छात्रों ने काशन मनी नहीं देने का भी आरोप लगाया है। इस मामले में उच्च शिक्षाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। जांच अभी चल रही है। सोमवार को साक्ष्य के रूप में शुल्क की रसीद देने छात्र पहुंचे थे।
डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रों की शिकायत पर तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है। कुछ छात्र शुल्क की रसीद लेकर आए थे। जांच अधिकारी नहीं थे तो उन्हें मंगलवार को बुलाया गया है। जांच की रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ अश्विनी मिश्र, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी
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गोरखपुर। डीएवी पीजी कॉलेज में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य कर विद्यार्थियों से 1500-1500 रुपये वसूलने के मामले में सोमवार को काफी संख्या में विद्यार्थी क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी कार्यालय पहुंचे। विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षाधिकारी से कहा, साहब हमें कंप्यूटर कोर्स नहीं करना है, कॉलेज से शुल्क वापस करा दें। उच्च शिक्षाधिकारी ने मंगलवार को सुबह 10.30 बजे विद्यार्थियों को रसीद के साथ बुलाया है।
दो महीने पहले कॉलेज के विद्यार्थियों ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी शिकायती पत्र सौंपकर कॉलेज की प्राचार्या पर तानाशाही का आरोप लगाया था। विद्यार्थियोें का कहना है कि शैक्षिक विवरणिका में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने का जिक्र नहीं है और न ही शासन की कोई गाइड लाइन है। लेकिन सभी विद्यार्थियों से कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर जबरन शुल्क लिया गया है। छात्रों का आरोप है कि 300-300 रुपये अर्हताहीन शिक्षकों के वेतन में मद में लिए गए हैं। जबकि इसकी व्यवस्था प्रबंधन को करनी है। छात्रों ने काशन मनी नहीं देने का भी आरोप लगाया है। इस मामले में उच्च शिक्षाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। जांच अभी चल रही है। सोमवार को साक्ष्य के रूप में शुल्क की रसीद देने छात्र पहुंचे थे।
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डीएवी पीजी कॉलेज के छात्रों की शिकायत पर तीन सदस्यीय टीम जांच कर रही है। कुछ छात्र शुल्क की रसीद लेकर आए थे। जांच अधिकारी नहीं थे तो उन्हें मंगलवार को बुलाया गया है। जांच की रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ अश्विनी मिश्र, क्षेत्रीय उच्च शिक्षाधिकारी