{"_id":"5d5af76f8ebc3e89b51c6902","slug":"gda-lohiya-enclave-issue-gorakhpur-city-news-gkp3182234133","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोहिया एन्क्लेव : आवंटियों को आज से मिलेगी ब्याज की रकम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोहिया एन्क्लेव : आवंटियों को आज से मिलेगी ब्याज की रकम
विज्ञापन
लोहिया एन्क्लेव : आवंटियों को आज से मिलेगी ब्याज की रकम
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने लोहिया एन्क्लेव के आवंटियों को ब्याज की रकम वापस करनी शुरू कर दी है। सोमवार को 12 आवंटियों की फाइल स्वीकृति के बाद मुख्य वित्त अधिकारी के पास भेज दी गई। इन आवंटियों को मंगलवार को रकम मिल जाएगी। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम का कहना है कि 10 दिन के भीतर सभी आवंटियों की रकम लौटा दी जाएगी।
बोर्ड की 30 जुलाई को हुई बैठक में योजना के 293 आवंटियों को ब्याज के 5.86 करोड़ रुपये लौटाने की मंजूरी मिलने के बाद रकम वापसी की राह खुली। आवंटियों को प्राधिकरण ढाई लाख से लेकर चार लाख रुपये तक लौटाएगा। इसका समायोजन आवंटियों से वसूली जाने वाली अतिरिक्त धनराशि से होगा। जिन आवंटियों ने अतिरिक्त धनराशि जमा कर दी है, प्राधिकरण उनके ब्याज की यह रकम उनके खाते में भेजेगा।
लोहिया एन्क्लेव के 492 फ्लैट में से 435 आवंटित किए जा चुके हैं। 2015 में जब परियोजना शुरू हुई थी तो इसकी कीमत 28.59 लाख रुपये थी। बाद में कुछ खाली बचे फ्लैट 33 और 38 लाख रुपये में भी बेचे गए। 57 फ्लैट अब भी बिके नहीं हैं। प्राधिकरण को अप्रैल 2017 में सभी आवंटियों को कब्जा देना था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
यह है मामला
आवंटन के समय जीडीए ने फ्लैट की कीमत में निर्माण पूरा होने के लिए तय दो साल के ब्याज की रकम भी जोड़कर ले ली थी, जबकि कई आवंटियों ने फ्लैट की एकमुश्त रकम जमा की थी। ऐसे आवंटियों से ब्याज की रकम नहीं ली जानी चाहिए थी। इसकी जानकारी जब आवंटियों को हुई तो उन्होंने यह रकम मांगनी शुरू की। पहले तो जीडीए इससे मानने को तैयार नहीं था मगर जब मामला रेरा से लेकर सदन तक में उछला तो जीडीए को अपनी गलती माननी पड़ी।
विज्ञापन
गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने लोहिया एन्क्लेव के आवंटियों को ब्याज की रकम वापस करनी शुरू कर दी है। सोमवार को 12 आवंटियों की फाइल स्वीकृति के बाद मुख्य वित्त अधिकारी के पास भेज दी गई। इन आवंटियों को मंगलवार को रकम मिल जाएगी। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम का कहना है कि 10 दिन के भीतर सभी आवंटियों की रकम लौटा दी जाएगी।
बोर्ड की 30 जुलाई को हुई बैठक में योजना के 293 आवंटियों को ब्याज के 5.86 करोड़ रुपये लौटाने की मंजूरी मिलने के बाद रकम वापसी की राह खुली। आवंटियों को प्राधिकरण ढाई लाख से लेकर चार लाख रुपये तक लौटाएगा। इसका समायोजन आवंटियों से वसूली जाने वाली अतिरिक्त धनराशि से होगा। जिन आवंटियों ने अतिरिक्त धनराशि जमा कर दी है, प्राधिकरण उनके ब्याज की यह रकम उनके खाते में भेजेगा।
विज्ञापन
लोहिया एन्क्लेव के 492 फ्लैट में से 435 आवंटित किए जा चुके हैं। 2015 में जब परियोजना शुरू हुई थी तो इसकी कीमत 28.59 लाख रुपये थी। बाद में कुछ खाली बचे फ्लैट 33 और 38 लाख रुपये में भी बेचे गए। 57 फ्लैट अब भी बिके नहीं हैं। प्राधिकरण को अप्रैल 2017 में सभी आवंटियों को कब्जा देना था, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।
विज्ञापन
यह है मामला
आवंटन के समय जीडीए ने फ्लैट की कीमत में निर्माण पूरा होने के लिए तय दो साल के ब्याज की रकम भी जोड़कर ले ली थी, जबकि कई आवंटियों ने फ्लैट की एकमुश्त रकम जमा की थी। ऐसे आवंटियों से ब्याज की रकम नहीं ली जानी चाहिए थी। इसकी जानकारी जब आवंटियों को हुई तो उन्होंने यह रकम मांगनी शुरू की। पहले तो जीडीए इससे मानने को तैयार नहीं था मगर जब मामला रेरा से लेकर सदन तक में उछला तो जीडीए को अपनी गलती माननी पड़ी।