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पुलिस ताकती रही और थाने पहुंच कर गार्ड ने किया सरेंडर
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गोरखनाथ थाने में सरेंडर करने के बाद पुलिस के साथ चंदू बाबू का गार्ड संदीप।
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पुलिस ताकती रही और थाने पहुंच कर गार्ड ने किया सरेंडर
गोरखपुर। गैलेंट इस्पात के एमडी चंद्र प्रकाश अग्रवाल उर्फ चंदू बाबू के जिस सुरक्षा गार्ड ने अरविंद चौहान को गोली मारी थी, उसने शुक्रवार को गोरखनाथ थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। पुलिस की दो टीमें पिछले पांच दिनों से गिरफ्तारी की कोशिश में लगी थीं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
रायबरेली के महराजगंज, मुडेरी निवासी गार्ड संदीप के हाजिर होने के बाद पुलिस अब अपनी पीठ थपथपा रही कि उसका दबाव काम आया। दबाव से परेशान गार्ड संदीप थाने पहुंचकर हाजिर होने के लिए मजबूर हो गया। पुलिस के मुताबिक गार्ड पिछले दस वर्षों से गैलेंट इस्पात में नौकरी करता है। गत सोमवार (22 जुलाई) को उसकी ड्यूटी घर पर लगी थी। सुबह 11 बजे वह पहुंचा था। दोपहर बाद ही कुछ बच्चे गेंद खेल रहे थे, तभी उनकी गेंद बाउंड्री के भीतर चली गई। सर्वेंट क्वार्टर में रहने वाले गोपाल ने सुरक्षा गार्ड को बताया कि कुछ लड़के गेंद खोजने आ गए। गार्ड निकला तो सब भाग खड़े हुए। इसके बाद संदीप परिसर में पीपल के एक पेड़ के नीचे बैठ गया। कुछ देर बादी ही दूसरी गेंद आवासीय परिसर में आ गिरी। कुछ लोग हल्ला मचाते आए तो गार्ड ने उन्हें डराने के लिए हवाई फायरिंग कर दी। बंदूक से निकली गोली अरविंद को जा लगी। जब गोली लगने की जानकारी हुई तो गार्ड डर गया। ग्रामीणों की पिटाई के डर से वह भाग निकला। पुलिस का कहना है कि शनिवार को सुरक्षा गार्ड का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा, फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
अरविंद गंवा चुका अपनी एक आंख
अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ में अरविंद का ऑपरेशन करके डॉक्टरों ने छर्रे निकालकर उसकी जान बचा ली। मगर, दाहिनी आंख पूरी तरह से खराब हो गई। गोली लगने की वजह से आंख निकालनी पड़ी है। घरवालों के मुताबिक अरविंद की सेहत में सुधार है, उसे होश आ गया है। हालांकि अरविंद को अभी आईसीयू में ही रखा गया है।
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आपरेशन के अगले दिन ही हो गया हाजिर
अरविंद के आपरेशन के एक दिन बाद ही गार्ड संदीप ने सरेंडर कर दिया। इसपर अरविंद के परिजनों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पुलिस को गिरफ्तारी करनी चाहिए थी। आरोपी ने जैसे ही सरेंडर किया, वैसे ही पुलिस की नाकामी खुलकर सामने आ गई।
बस्ती से लेकर वाराणसी तक लगाया चक्कर
गार्ड ने पुलिस को बताया कि उसे जब पता लगा कि किसी को गोली लगी है तो बॉक्स में बंदूक रखकर भाग निकला। मोबाइल ऑफ करके बस्ती, वाराणसी, इलाहाबाद सहित अन्य जगहों के चक्कर काटता रहा। गुरुवार की शाम जब मोबाइल ऑन किया तो पता लगा कि उसकी पत्नी को पुलिस उठा ले गई है। तब वह हिम्मत हार गया। उसने थाने पहुंचकर सरेंडर करने का फैसला ले लिया। गार्ड के सरेंडर करने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
आरोपी गार्ड शुक्रवार को गोरखनाथ थाने पहुंच कर हाजिर हुआ। उसे कोर्ट में पेश करके जेल भिजवाया जाएगा। पुलिस का दबाव काम आया। - डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी
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गोरखपुर। गैलेंट इस्पात के एमडी चंद्र प्रकाश अग्रवाल उर्फ चंदू बाबू के जिस सुरक्षा गार्ड ने अरविंद चौहान को गोली मारी थी, उसने शुक्रवार को गोरखनाथ थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया। पुलिस की दो टीमें पिछले पांच दिनों से गिरफ्तारी की कोशिश में लगी थीं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
रायबरेली के महराजगंज, मुडेरी निवासी गार्ड संदीप के हाजिर होने के बाद पुलिस अब अपनी पीठ थपथपा रही कि उसका दबाव काम आया। दबाव से परेशान गार्ड संदीप थाने पहुंचकर हाजिर होने के लिए मजबूर हो गया। पुलिस के मुताबिक गार्ड पिछले दस वर्षों से गैलेंट इस्पात में नौकरी करता है। गत सोमवार (22 जुलाई) को उसकी ड्यूटी घर पर लगी थी। सुबह 11 बजे वह पहुंचा था। दोपहर बाद ही कुछ बच्चे गेंद खेल रहे थे, तभी उनकी गेंद बाउंड्री के भीतर चली गई। सर्वेंट क्वार्टर में रहने वाले गोपाल ने सुरक्षा गार्ड को बताया कि कुछ लड़के गेंद खोजने आ गए। गार्ड निकला तो सब भाग खड़े हुए। इसके बाद संदीप परिसर में पीपल के एक पेड़ के नीचे बैठ गया। कुछ देर बादी ही दूसरी गेंद आवासीय परिसर में आ गिरी। कुछ लोग हल्ला मचाते आए तो गार्ड ने उन्हें डराने के लिए हवाई फायरिंग कर दी। बंदूक से निकली गोली अरविंद को जा लगी। जब गोली लगने की जानकारी हुई तो गार्ड डर गया। ग्रामीणों की पिटाई के डर से वह भाग निकला। पुलिस का कहना है कि शनिवार को सुरक्षा गार्ड का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएगा, फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
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अरविंद गंवा चुका अपनी एक आंख
अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ में अरविंद का ऑपरेशन करके डॉक्टरों ने छर्रे निकालकर उसकी जान बचा ली। मगर, दाहिनी आंख पूरी तरह से खराब हो गई। गोली लगने की वजह से आंख निकालनी पड़ी है। घरवालों के मुताबिक अरविंद की सेहत में सुधार है, उसे होश आ गया है। हालांकि अरविंद को अभी आईसीयू में ही रखा गया है।
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आपरेशन के अगले दिन ही हो गया हाजिर
अरविंद के आपरेशन के एक दिन बाद ही गार्ड संदीप ने सरेंडर कर दिया। इसपर अरविंद के परिजनों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पुलिस को गिरफ्तारी करनी चाहिए थी। आरोपी ने जैसे ही सरेंडर किया, वैसे ही पुलिस की नाकामी खुलकर सामने आ गई।
बस्ती से लेकर वाराणसी तक लगाया चक्कर
गार्ड ने पुलिस को बताया कि उसे जब पता लगा कि किसी को गोली लगी है तो बॉक्स में बंदूक रखकर भाग निकला। मोबाइल ऑफ करके बस्ती, वाराणसी, इलाहाबाद सहित अन्य जगहों के चक्कर काटता रहा। गुरुवार की शाम जब मोबाइल ऑन किया तो पता लगा कि उसकी पत्नी को पुलिस उठा ले गई है। तब वह हिम्मत हार गया। उसने थाने पहुंचकर सरेंडर करने का फैसला ले लिया। गार्ड के सरेंडर करने पर पुलिस ने राहत की सांस ली।
आरोपी गार्ड शुक्रवार को गोरखनाथ थाने पहुंच कर हाजिर हुआ। उसे कोर्ट में पेश करके जेल भिजवाया जाएगा। पुलिस का दबाव काम आया। - डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी