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बंद रही दुकानें, एकजुट होकर व्यापारियों ने भरी हुंकार

Tue, 05 Apr 2016 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Updated Tue, 05 Apr 2016 01:29 AM IST
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jewellers strike
आभूषण विक्रेताओं ने विशाल मार्च निकाला - फोटो : amarujala
गोरखपुर। सराफा कारोबारियों के समर्थन में बंदी का मिलाजुला असर रहा। एक्साइज ड्यूटी और पैन कार्ड की अनिवार्यता के विरोध में चेतना तिराहे पर सराफा कारोबारी धरने पर रहे। उनके समर्थन में सपा के जिला अध्यक्ष डॉ. मोहिसन खान और ग्रामीण विधायक विजय बहादुर यादव भी पहुंचे। उधर, दवा व्यापारियों ने बंदी को नैतिक समर्थन देते हुए काली पट्टी बांधकर काम किया।
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शहर में स्थित पेट्रोल पंप भी दोपहर तक बंद रहे जिस वजह से लोगों को पेट्रोल और डीजल के लिए परेशान होना पड़ा। गोलघर बाजार, किराना बंदी की दुकानें पूरी तरह से बंद रही। हालांकि शहर के बाहरी हिस्से की दुकानें आम दिनों की तरह की खुली रही। सोमवार की सुबह सराफा व्यापारी बंधु सिंह पार्क में एकत्र हुए और पैदल मार्च करते हुए चेतना तिराहे पहुंचे। वहां सभा को संबोधित करते हुए ग्रामीण विधायक विजय बहादुर यादव ने कहा कि व्यापारी समाज आर्थिक रीढ़ होत हैं।
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उनके दिए गए टैक्स से केंद्र एवं प्रदेश सरकार शासन करती है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष शरद चंद अग्रहरि की अध्यक्षता में शोक सभा कर कारीगर अमरनाथ वर्मा को श्रद्धांजलि दी गई। चेंबर ऑफ ट्रेडर्स के संजय सिंघानिया, राकेश वर्मा, मदन वर्मा, अतुल सराफ, संयुक्त व्यापार मंडल के सीताराम जायसवाल, रमेश गुप्ता, भास्कर नंद, दीनानाथ, सत्येंद्र सिंह मुन्ना, हनुमान सिंह बघेल, सतीश्वर चंद गुप्ता, पीडी जैन, दिनेश सराफ, महेश वर्मा, बरनवाल वैश्य, अजीत आदि उपस्थित थे।
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कारीगर के घर मदद को नहीं पहुंचे व्यापारी
गोरखपुर। दुकान बंद होने की वजह से आर्थिक तंगी से जूझ रहे सराफा कारीगर अमरनाथ वर्मा ने आत्मदाह कर लिया, लेकिन एक माह से आंदोलन कर रहे कोई व्यापारी नेता उनके घर खैरियत लेने भी नहीं पहुंचे।  मृतक की मां लक्ष्मी देवी ने बताया कि वह अकेले ही दीवान बाजार में रहता था। दुकान बंद होने के कारण वह आर्थिक तंगी से परेशान था। सराफा एसोसिएशन से जुड़े लोगों के बारे में जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके घर पर कोई भी नहीं आया था। न ही किसी प्रकार की मदद दी गई है।
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