फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   fraud in gun licence gorakhpur

पुलिस के गले की फांस बना सौरभ पांडेय

Wed, 28 Aug 2019 01:33 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 01:33 AM IST
विज्ञापन
fraud in gun licence gorakhpur
पुलिस के गले की फांस बना सौरभ पांडेय
विज्ञापन

गोरखपुर। फर्जी लाइसेंस पर शस्त्र खरीदने के प्रकरण में शक के आधार पर पकड़ा गया और बकौल पुलिस अभिरक्षा से फरार सौरभ पांडेय पुलिस के गले की फांस बनता जा रहा है। पहले तो पुलिस ने कई दिन पूछताछ के नाम पर बैठाए रखा, फिर परिवार वालों के सीजेएम के यहां प्रार्थना पत्र देने पर अचानक फरार होने की एफआईआर दर्ज कर ली। बड़ी बात यह कि फरार होने के बाद अफसरों को इसकी सूचना नहीं दी गई। ना तो सीसीआर ना ही डीसीआर पर इसकी सूचना प्रसारित की गई है। इसकी पुष्टि पुलिस के एक आला अफसर ने की है। अभी तक जांच को निष्पक्ष मानने वाले अफसर भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहे हैं। पुलिस इस प्रकरण में घिरती जा रही है। उधर, परिवार के लोगों ने कैंट पुलिस के सारे दलील को झूठा ठहरा दिया है। उनका दावा है कि उनके पास वीडियो और अन्य कई साक्ष्य मौजूद है जिससे यह साबित होता है कि सौरभ पुलिस के पास ही है। घरवाले कोर्ट में जाने की तैयारी में हैं।
कोर्ट में इंस्पेक्टर ने यह भेजा जवाब
सौरभ पांडेय के आवेदन पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से मांगी गई रिपोर्ट पर इंस्पेक्टर कैंट रवि राय की ओर से 27 अगस्त को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि 24 अगस्त को मुखबिर ने बताया कि सौरभ पांडेय के पास फर्जी लाइसेंस और शस्त्र है। 25 अगस्त को सौरभ की तलाश कर उससे मुलाकात की गई तो सौरभ ने बेतियाहाता स्थित ससुराल से लाइसेंस और शस्त्र बरामद कराने की बात कही। कैंट थाने की पुलिस सौरभ को लेकर ससुराल गई तो वहां मौजूद पत्नी, सास.ससुर और साले ने पुलिस टीम का विरोध शुरू कर दिया, जिससे मौका पाकर सौरभ फरार हो गया।
विज्ञापन

कोर्ट में प्रार्थना पत्र के जरिए पुलिस पर लगाए थे आरोप
जगन्नाथपुर निवासी सौरभ पांडेय ने अधिवक्ता द्वारा 26 अगस्त को कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। बताया था कि 24 अगस्त की सुबह 11 बजे क्राइम ब्रांच टीम ने बगैर किसी वारंट के घर में घुसकर महिलाओं के साथ अभद्रता की और उसे हिरासत में ले लिया। 25 अगस्त तक उसे क्राइम ब्रांच कार्यालय में बैठाकर शारीरिक व मानसिक यातना दी गई। दोपहर दो बजे उसे कैंट थाने में निरुद्ध कर दिया गया। छोड़ने के लिए रुपयों की मांग कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने धमकी दी कि रुपये नहीं मिले तो उसे फर्जी मुकदमे में फंसा दिया जाएगा। सौरभ के इस आवेदन पर सीजेएम ने 26 अगस्त को ही आदेश कर कैंट पुलिस से 27 अगस्त को रिपोर्ट मांगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस बताए किसकी सूचना पर सौरभ को उठाया
सौरभ के भाई अमित पांडेय ने पुलिस रिपोर्ट पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने पूछा है कि किसकी सूचना और किस आधार पर सौरभ पांडेय को पुलिस ने आरोपी मान लिया और उसकी तलाश शुरू कर दी। भाई के मुताबिक 25 अगस्त को पुलिस ने सौरभ को पकड़ना बताया, जबकि परिवार वालों ने एक दिन पहले 24 अगस्त को ही अधिकारियों को सौरभ पकड़ने की बता दी थी। पुलिस का यह तर्क कि घरवाले पुलिस वालों को धक्का देकर सौरभ पांडेय को भगा दिए यह समझ के परे है। तकरीबन 70 वर्षीय बुजुर्ग सास-ससुर दो महिलाएं पुलिस पर कैसे भारी पड़ सकती है? अधिकारियों ने हनुमान मंदिर के पास से उठाए जाने की जानकारी दी थी पर सौरभ कितने बजे, पुलिस से किस जगह पर मिले, रिपोर्ट में इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई आदि सवाल उठाए हैं।
कस्टडी से फरार होने पर यह करती है पुलिस
पुलिस कस्टडी से किसी के फरार होने पर सिटी कंट्रोल रूम और जिला कंट्रोल रूम से सूचना प्रसारित की जाती है ताकि इसकी जानकारी आईजी, एडीजी को भी हो जाए। इसके पीछे का मकसद होता है कि वह अपने क्षेत्र के अन्य पुलिस को भी सजग कर दे और तलाश तेज कर दी जाए लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया है।

इनको बनाया गया है आरोपी
सौरभ के फरार होने के मामले में पुलिस ने ससुर कस्टम विभाग से रिटायर विजय पांडेय, सास निर्मला, चचेरे ससुर हरीष, पत्नी ऋचा जो की देवरिया में सीडीपीओ हैं। इसके अलावा नीनू, सौरभ के भाई अमित पांडेय और सौरभ को अभियुक्त बनाया गया है। सौरभ के भाई अमित रॉ इंटिलिजेंस में है।
पुलिस और परिवार के सवाल-जवाब
पुलिस : सौरभ से 25 अगस्त को मुलाकात हुई
भाई : 24 अगस्त को ही परिवार के लोगों ने कैसे दी अफसरों को सूचना ?
पुलिस : ससुराल वालों ने धक्का मुक्की की और सौरभ फरार हो गया
भाई : घर में बुजुर्ग मां बाप और बहन थी, पुलिस वालों पर वह कैसे भारी पड़ सकती ?
पुलिस : पुलिस ने पूछताछ की थी और सौरभ चकमा देकर फरार हो गया
भाई : सौरभ कितने बजे, पुलिस से किस जगह पर मिले, रिपोर्ट में जिक्र नहीं ?
पुलिस : सौरभ असलहा बरामद कराने को ससुराल ले गया और फरार हो गया
भाई : सौरभ को भागना होता तो वह बेतियाहाता लेकर क्यों जाता ?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed