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सूरज का ‘वोल्टेज’ बढ़ने से गुल हुई ‘दावों’ की बत्ती
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Mon, 11 Apr 2016 08:37 PM IST
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बिजली संकट
- फोटो : अमर उजाला
जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, बिजली महकमे के दावे की हवा भी निकलती जा रही है। महानगर में 22 घंटे बिजली के दावे की कहीं लोकल फॉल्ट पतीला लगा रहा है तो कहीं लोड बढ़ने से ट्रांसफार्मर हांफने लग रहे। यूं तो बिजली कटौती का शिड्यूल सुबह नौ से दस और रात को नौ से दस बजे है मगर रोजाना किश्तों-किश्तों में करीब पांच घंटे तक की कटौती हो जा रही है। यही नहीं कटौती के आधे घंटे पहले ही जहां बिजली गुल कर दी जा रही है वहीं तय शिड्यूल के बाद ही आपूर्ति बहाल की जा रही है।
लाइन लॉस कम करने और समय से बिजली बिल की वसूली व्यवस्था पटरी पर आने के बाद महकमे ने तारामंडल, खोराबार और विकास नगर उपकेंद्र से जुड़े इलकों में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था।
मार्च महीने तक इन इलाकों को तकरीबन पूरे समय बिजली मिली भी। मगर अप्रैल में तापमान बढ़ने से जब महकमे के सामने असल चुनौती आई तो उनके इस वादे की भी पोल खुल गई। इन इलाकों में भी कटौती शेड्यूल के अलावा दोपहर और फिर शाम को दो-तीन किश्तों में बिजली काट दी जा रही है।
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दबे जबान महकमे के अफसर भी स्वीकार कर रहे हैं कि शहर में तय शेड्यूल से ज्यादा बिजली कट रही है। दरअसल गर्मी बढ़ने से सभी के एसी और कूलर चालू हो गए हैं। इस वजह से अचानक लोड बढ़ जाने की वजह से मांग की तुलना में आपूर्ति का ग्राफ बढ़ गया है।
यही वजह है कि लोकल फाल्ट की घटनाएं बढ़ गई है। शाहपुर, रुस्तमपुर, नार्मल, टाउनहॉल समेत कई क्षेत्रों के ट्रांसफार्मर लोड नहीं उठा पा रहे जिससे रह-रहकर बिजली काटनी पड़ जा रही है।
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लाइन लॉस कम करने और समय से बिजली बिल की वसूली व्यवस्था पटरी पर आने के बाद महकमे ने तारामंडल, खोराबार और विकास नगर उपकेंद्र से जुड़े इलकों में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था।
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मार्च महीने तक इन इलाकों को तकरीबन पूरे समय बिजली मिली भी। मगर अप्रैल में तापमान बढ़ने से जब महकमे के सामने असल चुनौती आई तो उनके इस वादे की भी पोल खुल गई। इन इलाकों में भी कटौती शेड्यूल के अलावा दोपहर और फिर शाम को दो-तीन किश्तों में बिजली काट दी जा रही है।
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दबे जबान महकमे के अफसर भी स्वीकार कर रहे हैं कि शहर में तय शेड्यूल से ज्यादा बिजली कट रही है। दरअसल गर्मी बढ़ने से सभी के एसी और कूलर चालू हो गए हैं। इस वजह से अचानक लोड बढ़ जाने की वजह से मांग की तुलना में आपूर्ति का ग्राफ बढ़ गया है।
यही वजह है कि लोकल फाल्ट की घटनाएं बढ़ गई है। शाहपुर, रुस्तमपुर, नार्मल, टाउनहॉल समेत कई क्षेत्रों के ट्रांसफार्मर लोड नहीं उठा पा रहे जिससे रह-रहकर बिजली काटनी पड़ जा रही है।