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तकनीकी विश्वविद्यालय की कापियों का किया जाएगा डिजिटल मूल्यांकन: तकनीकी शिक्षा मंत्री
Thu, 26 Dec 2019 11:23 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 26 Dec 2019 11:23 AM IST
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मदन मोहन मालवीय प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करती कमल रानी।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में मालवीय एलुमिनाई एसोसिएशन (एमएए) का दो दिवसीय एलुमिनाई मीट-2019 शुरू हो गया है। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश की तकनीकी शिक्षा मंत्री कमला रानी वरुण ने किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीकी विश्वविद्यालय की कापियों का डिजिटल मूल्यांकन किया जाएगा। ऐसा करने से छात्र अपनी कापियों को देख सकेंगे और जरूरत के मुताबिक उसमें सुधार भी करवा सकेंगे।
प्रदेश सरकार की प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण ने कहा कि एमएमएमयूटी के बहुत सारे पूर्व छात्र विदेशों में रहते हैं। वहां आयकर ज्यादा देना पड़ता है। उनकी कमाई का ज्यादा हिस्सा टैक्स में कट जाता है। सभी पूर्व छात्र विश्वविद्यालय को अपनी आय का कुछ हिस्सा दान दें। इससे विश्वविद्यालय को संसाधन जुटाने में आसानी होगी। सरकार भी हर मोर्चे पर सहयोग को तैयार है। उन्होंने तकनीकी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में बदलाव का सुझाव दिया।
प्राविधिक शिक्षामंत्री बुधवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के दो दिवसीय एलुमिनाई मीट के उद्घाटन सत्र को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की। इसके पूर्व परिसर में गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकली।
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अतिथियों और पूर्व छात्रों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। प्राविधिक शिक्षामंत्री ने कहा कि कई शिक्षण संस्थान हैं जहां विदेशों में रहने वाले पूर्व छात्रों ने दान दिया है। इससे हम संसाधन जुटाकर लैब को उच्चीकृत कर सकते हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय होने के कारण विद्यार्थियों के लिए लैब ज्यादा महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि एमएमएमयूटी में अपार संभावनाएं हैं और यह संस्थान भविष्य में तकनीकी शिक्षा का नेतृत्व करने के लिए हर तरह से योग्य है। सौर ऊर्जा उत्पादन और इसके प्रयोग के पहल की प्रशंसा की। कहा कि यह सराहनीय है कि विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग के साथ-साथ विज्ञान एवं प्रबंधन की शिक्षा पर भी जोर दे रहा है। पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि यहां के विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने और उनकी नौकरी में मदद का संकल्प लें।
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प्रदेश सरकार की प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण ने कहा कि एमएमएमयूटी के बहुत सारे पूर्व छात्र विदेशों में रहते हैं। वहां आयकर ज्यादा देना पड़ता है। उनकी कमाई का ज्यादा हिस्सा टैक्स में कट जाता है। सभी पूर्व छात्र विश्वविद्यालय को अपनी आय का कुछ हिस्सा दान दें। इससे विश्वविद्यालय को संसाधन जुटाने में आसानी होगी। सरकार भी हर मोर्चे पर सहयोग को तैयार है। उन्होंने तकनीकी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में बदलाव का सुझाव दिया।
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प्राविधिक शिक्षामंत्री बुधवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के दो दिवसीय एलुमिनाई मीट के उद्घाटन सत्र को बतौर अध्यक्ष संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने पत्रकारों से भी बातचीत की। इसके पूर्व परिसर में गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकली।
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अतिथियों और पूर्व छात्रों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। प्राविधिक शिक्षामंत्री ने कहा कि कई शिक्षण संस्थान हैं जहां विदेशों में रहने वाले पूर्व छात्रों ने दान दिया है। इससे हम संसाधन जुटाकर लैब को उच्चीकृत कर सकते हैं। तकनीकी विश्वविद्यालय होने के कारण विद्यार्थियों के लिए लैब ज्यादा महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि एमएमएमयूटी में अपार संभावनाएं हैं और यह संस्थान भविष्य में तकनीकी शिक्षा का नेतृत्व करने के लिए हर तरह से योग्य है। सौर ऊर्जा उत्पादन और इसके प्रयोग के पहल की प्रशंसा की। कहा कि यह सराहनीय है कि विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग के साथ-साथ विज्ञान एवं प्रबंधन की शिक्षा पर भी जोर दे रहा है। पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि यहां के विद्यार्थियों में कौशल विकसित करने और उनकी नौकरी में मदद का संकल्प लें।
विवि के लिए काम आएं, सच्ची गुरुदक्षिणा : सुशील चंद्र
मुख्य अतिथि पूर्व छात्र एवं आयल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुशील चंद्र मिश्र ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की बढ़ोत्तरी में अगर हम काम आ सकें तो यह सच्ची गुुरुदक्षिणा होगी। मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि जहां मैं छात्र रहा हूं, वहां मुख्य अतिथि के तौर पर खड़ा हूं। उन्होंने कहा कि देखा कर अच्छा लगा कि विश्वविद्यालय का कैंपस ही नहीं बल्कि शैक्षणिक व्यवस्था भी उच्चस्तर की है।
विशिष्ट अतिथि आरएम अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय सिर्फ शिक्षा प्राप्त करने के लिए नहीं होता है बल्कि दुनिया के प्रति हमारी समझ विकसित करने, व्यक्तित्व के विकास और मनुष्यता के स्तर पर सोच सकने की क्षमता पैदा करती है। ये ही गुण हमारे जीवन में कदम-कदम पर काम आते हैं। अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. श्रीनिवास सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति पर चर्चा की। कहा कि शिक्षण, शोध एवं अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने, उनकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
कई देशों से शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए समझौते भी किए हैं। कैंपस चयन भी बढ़ा है और विद्यार्थी अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप के लिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा वित्तपोषित लगभग तीन दर्जन शोध परियोजनाएं भी चल रही हैं जो उच्चस्तरीय शोध का माहौल बनाने में सहायक होंगी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. बीके पांडेय तथा धन्यवाद ज्ञापन ई. अमित शंकर ने दिया। मालवीय एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव इं. दया शंकर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मेयर अंजू चौधरी, विक्रम चौधरी, प्रो गोविंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
प्रो. पांडे बीबी लाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
गोरखपुर। एलुमिनाई मीट में कालेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. पांडे बीबी लाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया। प्राविधिक शिक्षा मंत्री एवं कुलपति ने प्रो. लाल को शाल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके अलावा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त पूर्व छात्र इं. राम प्यारे तिवारी को वर्ष 2019 का मालवीय डिसटिंग्विश एलुमनाई अवार्ड दिया गया। कार्यक्रम में आए कई पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया गया।
विशिष्ट अतिथि आरएम अग्रवाल ने कहा कि विश्वविद्यालय सिर्फ शिक्षा प्राप्त करने के लिए नहीं होता है बल्कि दुनिया के प्रति हमारी समझ विकसित करने, व्यक्तित्व के विकास और मनुष्यता के स्तर पर सोच सकने की क्षमता पैदा करती है। ये ही गुण हमारे जीवन में कदम-कदम पर काम आते हैं। अतिथियों का स्वागत करते हुए कुलपति प्रो. श्रीनिवास सिंह ने विश्वविद्यालय की प्रगति पर चर्चा की। कहा कि शिक्षण, शोध एवं अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने, उनकी गुणवत्ता बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
कई देशों से शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए समझौते भी किए हैं। कैंपस चयन भी बढ़ा है और विद्यार्थी अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में इंटर्नशिप के लिए जा रहे हैं। राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा वित्तपोषित लगभग तीन दर्जन शोध परियोजनाएं भी चल रही हैं जो उच्चस्तरीय शोध का माहौल बनाने में सहायक होंगी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. बीके पांडेय तथा धन्यवाद ज्ञापन ई. अमित शंकर ने दिया। मालवीय एलुमनाई एसोसिएशन के सचिव इं. दया शंकर सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह, पूर्व मेयर अंजू चौधरी, विक्रम चौधरी, प्रो गोविंद पांडेय आदि मौजूद रहे।
प्रो. पांडे बीबी लाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
गोरखपुर। एलुमिनाई मीट में कालेज के पूर्व प्राचार्य प्रो. पांडे बीबी लाल को लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार दिया गया। प्राविधिक शिक्षा मंत्री एवं कुलपति ने प्रो. लाल को शाल, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इसके अलावा सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता पद से सेवानिवृत्त पूर्व छात्र इं. राम प्यारे तिवारी को वर्ष 2019 का मालवीय डिसटिंग्विश एलुमनाई अवार्ड दिया गया। कार्यक्रम में आए कई पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया गया।