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डॉक्टरों को शासन का भी डर नहीं रहा
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2016 08:35 PM IST
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महिला अस्पताल में आला अफसरों के आदेश और स्थानांतरण के बाद दो स्थायी डॉक्टरों के ज्वाइन न करने की शिकायत एक बार फिर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य तक पहुंची है। महिला अस्पताल की ओर से प्रमुख सचिव को रिमाइंडर भेजकर हस्तक्षेप करने की मांग की गई है। जिले स्तर पर सबसे बड़ी मुसीबत सत्ताधारी नेताओं की पैरवी हो चुकी है। एक के बाद एक पत्र के बाद भी डॉक्टरों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। प्रमुख सचिव के निर्देश का भी उनके ऊपर असर नहीं हो रहा है और उनकी सारी सुविधाएं सरकारी है। मेडिकल पर चल रही तीन डॉक्टरों के पास सरकारी आवास उपलब्ध हैं।
महिला अस्पताल में नाइट ड्यूटी करीब दो महीने से जैसे तैसे चल रही है। अस्पताल में मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है और डॉक्टरों को एक के बाद एक पत्र भेजा जा रहा है। सीएमओ ने किसी तरह से चार डॉक्टरों को हेल्थ पोस्ट से भेजा तो सत्ता के नेताओं के दबाव में नाइट ड्यूटी न कराने की सिफारिश भी करा दी। वहीं एक डॉक्टर को भेजने के साथ ही चाइल्ड केयर लीव दे दिया गया है।
एसआईसी ने इस पर आपत्ति जताते हुए सीएमओ को पत्र लिखकर कहा है कि यदि उन्हें आना ही नहीं था तो फिर भेजा क्यों? पत्रों से सवाल जवाब की कार्रवाई चल रही है मगर डॉक्टरों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। बीते दिनों प्रमुख सचिव ने दो दिन की मोहलत देते हुए सस्पेंड करने की बात कहीं थी। इसके बाद भी डॉक्टर नहीं पहुंची और प्रमुख सचिव की ओर से भी कोई जवाब नहीं आया है।
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महिला अस्पताल में नाइट ड्यूटी करीब दो महीने से जैसे तैसे चल रही है। अस्पताल में मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है और डॉक्टरों को एक के बाद एक पत्र भेजा जा रहा है। सीएमओ ने किसी तरह से चार डॉक्टरों को हेल्थ पोस्ट से भेजा तो सत्ता के नेताओं के दबाव में नाइट ड्यूटी न कराने की सिफारिश भी करा दी। वहीं एक डॉक्टर को भेजने के साथ ही चाइल्ड केयर लीव दे दिया गया है।
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एसआईसी ने इस पर आपत्ति जताते हुए सीएमओ को पत्र लिखकर कहा है कि यदि उन्हें आना ही नहीं था तो फिर भेजा क्यों? पत्रों से सवाल जवाब की कार्रवाई चल रही है मगर डॉक्टरों पर इसका कोई असर नहीं हो रहा है। बीते दिनों प्रमुख सचिव ने दो दिन की मोहलत देते हुए सस्पेंड करने की बात कहीं थी। इसके बाद भी डॉक्टर नहीं पहुंची और प्रमुख सचिव की ओर से भी कोई जवाब नहीं आया है।
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