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सामान ले जाने से रोका तो जमा हुआ चंपादेवी पार्क का किराया
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सामान ले जाने से रोका तो जमा हुआ चंपादेवी पार्क का किराया
गोरखपुर। राम कथा वाचक मोरारी बापू का कार्यक्रम खत्म होने के तीन दिन बाद भी जब आयोजकों ने कार्यक्रम स्थल चंपा देवी पार्क का किराया नहीं जमा तो गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शामियाना आदि का सामान ले जाने से रोक दिया। इसके बाद हरकत में आए आयोजन समिति के सदस्यों ने बृहस्पतिवार की देर शाम पार्क के नौ दिन के किराये के तौर पर 3.18 लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद प्राधिकरण ने सामान ले जाने की अनुमति दी। प्राधिकरण के अफसरों ने भी इसकी पुष्टि की।
चंपा देवी पार्क में किसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए जीडीए 50 हजार रुपये सिक्योरिटी फीस जमा कराता है। साथ ही रोजाना के किराये के तौर पर 30 हजार रुपये अलग से जमा कराए जाते हैं। इसी पार्क में पांच से 13 अक्तूबर तक संत मोरारी बापू की रामकथा कराई गई। रामकथा के आयोजन समिति में गोरखनाथ मंदिर और श्री रामकथा प्रेम यज्ञ समिति की महत्वपूर्ण भूमिका थी। मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा हो गई लेकिन किराये का भुगतान नहीं किया गया। प्राधिकरण के मुताबिक समिति ने कथा के शुभारंभ में न तो सिक्योरिटी की रकम जमा की और न ही किराया दिया। कथा समापन के बाद समान भी समेटा जाने लगा। कथा समाप्त होने के तीन दिन बाद बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे तक जब किराया नहीं जमा हुआ तो जीडीए उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार के निर्देश पर जीडीए अफसरों ने चंपा देवी पार्क पहुंचकर कथा में लगी कुर्सियों व शामियाने आदि को ले जाने से रोक लिया। जीडीए अफसरों के मुताबिक इसकी सूचना जब आयोजन समिति को पहुंची तो आनन-फानन में देर शाम 6:30 बजे के करीब किराये के तौर पर 3.18 लाख रुपये जमा करा दिए।
चंपा देवी पार्क में कथा समाप्त होने के बाद भी सिक्योरिटी मनी के 50 हजार और रोजाना के 30 हजार रुपये के हिसाब से नौ दिन का करीब तीन लाख रुपये किराया नहीं जमा कराया था जिसपर गुरुवार को उनका सामान रोका गया था।
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- ए. दिनेश कुमार, उपाध्यक्ष जीडीए
चंपादेवी पार्क में रामकथा कराने का जो भी किराया बना था, उसे अलग से रखवा दिया गया। इसे जमा कराने में देरी हुई है। किराया भुगतान हर हाल में किया जाना था। रामकथा का आयोजन भव्य था। किराया इतना ज्यादा नहीं था कि जमा न किया जा सके।
- अखिलेश खेमका, सदस्य, रामकथा आयोजन समिति
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गोरखपुर। राम कथा वाचक मोरारी बापू का कार्यक्रम खत्म होने के तीन दिन बाद भी जब आयोजकों ने कार्यक्रम स्थल चंपा देवी पार्क का किराया नहीं जमा तो गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने शामियाना आदि का सामान ले जाने से रोक दिया। इसके बाद हरकत में आए आयोजन समिति के सदस्यों ने बृहस्पतिवार की देर शाम पार्क के नौ दिन के किराये के तौर पर 3.18 लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद प्राधिकरण ने सामान ले जाने की अनुमति दी। प्राधिकरण के अफसरों ने भी इसकी पुष्टि की।
चंपा देवी पार्क में किसी कार्यक्रम के आयोजन के लिए जीडीए 50 हजार रुपये सिक्योरिटी फीस जमा कराता है। साथ ही रोजाना के किराये के तौर पर 30 हजार रुपये अलग से जमा कराए जाते हैं। इसी पार्क में पांच से 13 अक्तूबर तक संत मोरारी बापू की रामकथा कराई गई। रामकथा के आयोजन समिति में गोरखनाथ मंदिर और श्री रामकथा प्रेम यज्ञ समिति की महत्वपूर्ण भूमिका थी। मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा हो गई लेकिन किराये का भुगतान नहीं किया गया। प्राधिकरण के मुताबिक समिति ने कथा के शुभारंभ में न तो सिक्योरिटी की रकम जमा की और न ही किराया दिया। कथा समापन के बाद समान भी समेटा जाने लगा। कथा समाप्त होने के तीन दिन बाद बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे तक जब किराया नहीं जमा हुआ तो जीडीए उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार के निर्देश पर जीडीए अफसरों ने चंपा देवी पार्क पहुंचकर कथा में लगी कुर्सियों व शामियाने आदि को ले जाने से रोक लिया। जीडीए अफसरों के मुताबिक इसकी सूचना जब आयोजन समिति को पहुंची तो आनन-फानन में देर शाम 6:30 बजे के करीब किराये के तौर पर 3.18 लाख रुपये जमा करा दिए।
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चंपा देवी पार्क में कथा समाप्त होने के बाद भी सिक्योरिटी मनी के 50 हजार और रोजाना के 30 हजार रुपये के हिसाब से नौ दिन का करीब तीन लाख रुपये किराया नहीं जमा कराया था जिसपर गुरुवार को उनका सामान रोका गया था।
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- ए. दिनेश कुमार, उपाध्यक्ष जीडीए
चंपादेवी पार्क में रामकथा कराने का जो भी किराया बना था, उसे अलग से रखवा दिया गया। इसे जमा कराने में देरी हुई है। किराया भुगतान हर हाल में किया जाना था। रामकथा का आयोजन भव्य था। किराया इतना ज्यादा नहीं था कि जमा न किया जा सके।
- अखिलेश खेमका, सदस्य, रामकथा आयोजन समिति