डीआईजी ने तलब की फर्जी पासपोर्ट मामले की फाइल
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गोरखपुर।
वर्ष
2005
से 2009
के बीच शहर
के कूड़ाघाट,
शाहपुर के
पते पर 91
नेपाली मूल
के लोगों ने पासपोर्ट के लिए
आवेदन किया था। पुलिस,
एलआईयू
कीवेरिफिकेशन के बाद 60
लोगों को
पासपोर्ट मिल गया। वर्ष 2009
में भारत
-
नेपाल मैत्री
समाज के तत्कालीन अध्यक्ष
मोहन लाल गुप्ता ने किराए पर
कमरा लेकर रहने वाले नेपाली
नागरिकों को गोरखपुर का निवासी
बताकर पासपोर्ट दिए जाने की
शिकायत तत्कालीन आईजी से की
थी। अधिकारियों की जांच में
मामला सही मिला। वेरिफिकेशन
करने पर 31
लोग पासपोर्ट
में दर्ज पते पर ही नहीं मिले।
छानबीन करने पर आसपास के लोगों
ने भी जानकारी से इन्कार कर
दिया। जांच में पुलिस व एलआईयू
के दरोगा,
सिपाहियों
के फंसने से अधिकारी इस मामले
में कार्रवाई से बच रहे थे।
मामला शासन के संज्ञान में
आने पर एसपी (ग्रामीण)