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डॉक्टर ने जांच की और 15 दिन के बाद बुलाया, अस्पताल गेट पर ही हो गया प्रसव
Mon, 20 May 2019 10:41 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Mon, 20 May 2019 10:41 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस गर्भवती महिला को जांच के बाद डॉक्टर ने 15 दिन बाद बुलाया था उसने अस्पताल गेट पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। आननफानन में कर्मचारियों ने प्रसूता को लेबर रूम में ले जाकर गर्भनाल काटा। गनीमत रही कि इस दौरान किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई। जच्चा-बच्चा की हालत खतरे से बाहर है।
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सोमवार दोपहर करीब दो बजे करीब अस्पताल के गेट पर एक ऑटो रूकी। आटो से बाहर निकली वृद्धा ने गेट पर तैनात गार्ड से स्ट्रेचर की मांग की। स्ट्रेचर नहीं मिलने पर उन्होंने प्रसव पीड़ा से कराह रही अपनी पुत्री ममता को ऑटो से बाहर निकाला। गर्भवती ने चंद कदम ही रखे थे कि बेतहाशा दर्द से वहीं निढाल हो गई और प्रसव की प्रक्रिया शुरू हो गई। किसी ने इसकी सूचना अस्पताल के डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टॉफ को दी। जब तक कर्मचारी स्ट्रेचर को लेकर पहुंचते तब तक महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। कर्मचारियों ने जच्चा-बच्चा को लेबर रूम में पहुंचाया। जहां प्रसव की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
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चार घंटे पहले ही डॉक्टर को दिखाकर लौटे थे
परिवारीजनों का आरोप है कि ओपीडी में मौजूद डॉक्टर की लापरवाही के कारण जच्चा-बच्चा की जान खतरे में पड़ गई। सोमवार सुबह 10 बजे परिवारीजन गर्भवती को ले कर महिला अस्पताल में पहुंचे थे। ओपीडी में मौजूद डॉक्टर ने जांच की और 15 दिन बाद दोबारा जांच कराने की सलाह दी। दोपहर करीब एक बजे परिवारीजन गर्भवती को वापस घर ले गए थे।
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डॉक्टर की ऐसी लापरवाही गंभीर विषय है। मैने अधीनस्थों से मामले की पूरी जानकारी मांगी है। ओपीडी में प्रसूता पहुंची थी तो सभी जांच प्रक्रिया को पूरा किया जाना था। संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। इस समय जच्चा -बच्चा स्वास्थ्य है।
- डॉ एके श्रीवास्तव, एसआईसी