फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Dead bodies are again taken on thela

मानवता शर्मसार: ठेले पर मेडिकल कॉलेज भेजे गए दो शव

Sat, 17 Jun 2017 11:39 AM IST
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर।
आशुतोष मिश्र, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sat, 17 Jun 2017 11:39 AM IST
विज्ञापन
Dead bodies are again taken on thela
ठेले पर शवों को ले जात राजू। - फोटो : Amar Ujala
जिला अस्पताल की मार्च्युरी से ठेले पर शव ढोकर मेडिकल कॉलेज ले जाने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद भी व्यवस्था नहीं बदली। बुधवार को भी दो शव जिला अस्पताल से 12 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज तक ठेले से ही पहुंचाए गए। इस बारे में अफसर एक-दूसरे पर ही जिम्मेदारी डालते रहे।
विज्ञापन


बुधवार को जिला अस्पताल की मार्च्युरी में दो शव लाए गए थे। इनमें से एक दुर्घटना में मृत खजनी निवासी सुनील का था तो दूसरा लावारिस। इन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाना था। स्वीपर ने शव पर कफन सिला और फिर इन्हें एक ही ठेले पर लाद दिया। एक बजे चालक राजू ठेला लेकर मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना हुआ। शहर के व्यस्त बाजारों से गुजरते हुए वह मेडिकल कॉलेज गेट पर करीब दो बजे पहुंचा। बुधवार को इस संबंध में सीएमओ डॉ. रवींद्र कुमार से पूछा गया तो उन्होंने पोस्टमार्टम के लिए ठेले पर जाने वाले शवों के लिए पुलिस महकमे को जिम्मेदार बताया।
विज्ञापन

शव वाहन होते हुए भी खुले ठेले पर लाशें ढोने की बात पर उन्होंने कहा कि शव वाहन सिर्फ अस्पताल से लाशों को शवदाह गृह ले जाने के लिए दिया जाता है। इसके लिए शासन की गाइड लाइन भी तय है। शवों पर कफन की सिलाई और ढुलाई के मद में जिला अस्पताल की मार्च्युरी पर हो रही धनउगाही की शिकायत को भी वह पुलिस पर टाल गए।

विज्ञापन
विज्ञापन


जांच करने को कहा था पर झांकने नहीं गए एडी हेल्थ
एडी हेल्थ डॉ. पुष्कर आनंद ने मंगलवार को शव को ठेले से ढोए जाने के संबंध में जब बात हुई थी तो उन्होंने बुधवार को निरीक्षण कर मामले की जांच करने की बात कही थी। ‘अमर उजाला’ ने उनका बयान भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद भी एडी हेल्थ ने मामले का संज्ञान नहीं लिया। बुधवार को फोन पर फिर इसी तरह की घटना की जानकारी देने पर उन्होंने मंगलवार की तरह ही बयान दिया। जब उन्हें जानकारी दी गई कि मामले का मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है तो वह एक पल के लिए गंभीर हुए और अपने पास बैठे शख्स से मोर्च्यूरी की व्यवस्था को लेकर पूछताछ करने लगे। उन्होंने गुरुवार को मोर्च्यूरी का निरीक्षण कर जांच कराने की बात कही है। 

पोस्टमार्टम होना है तो तय है लाशों की बेकद्री
जिला अस्पताल में दो वातानुकूलित शव वाहन हैं लेकिन ये लाशों को लेकर शवदाह स्थल तक जाते हैं। अफसरों ने बताया कि शासन की गाइड लाइन में इनसे पोस्टमार्टम हाउस पर शव भेजने की अनुमति नहीं है। स्वास्थ्य अफसरों के इस तर्क के बाद यह तय है कि अगर शव का पोस्टमार्टम होना है तो इसकी बेकद्री तय सी है। पुलिस भी मोर्च्यूरी पर जारी मनमानी पर ध्यान नहीं देती। कभी ठेले तो कभी रिक्शे पर शव लादकर मॉर्च्यूरी और मेडिकल कॉलेज पहुंचाए जाते हैं।

नाले में ठेले पर लाश लिए गिर गया था चालक
करीब दो साल पहले शव ढोने वाला ठेला चालक राजू मॉर्च्यूरी से लाश लादकर मेडिकल कॉलेज जाते वक्त नाले में गिर गया था। ठेले और लाश समेत नाले में गिरे राजू को लोगों ने निकाला था। बरसात के दिनों की यह घटना आज भी शहर के तमाम लोगों को याद है। बुधवार को ‘अमर उजाला’ में ठेले पर शव ढोने की खबर पढ़कर लोगों को वह घटना याद आ गई। लोगों ने सीएम के शहर में स्वास्थ्य महकमे के अफसरों की संवेदनहीनता पर अफसोस जताया।


सोशल मीडिया से सीएम तक पहुंची हकीकत
‘अमर उजाला’ की खबर को कई लोगों ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। कुछ लोगों ने इसे दुखद बताया तो कुछ इस हकीकत पर आक्रोशित दिखे। फेसबुक पर एक शख्स ने ‘सीएम के शहर की हकीकत’ लिखकर शेयर किया। वहीं सीएम और डिप्टी सीएम को ट्वीट के जरिये भी खबर की प्रति साझा की गई थी। 

ठेले पर शव ढोए जाने की बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी और एसआईसी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और मामले की जांच कराई जाएगी। 
राजीव रौतेला, डीएम

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed