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करेंसी नहीं मिली तो आज से बिगड़ सकते हैं हालात
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Wed, 23 Nov 2016 12:57 AM IST
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एसबीआई की मुख्य शाखा में रकम के लिए कतार मे खड़े लोग ।
- फोटो : Rajesh Kumar
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नोट बंदी को लेकर जिले में स्थिति अब और बदतर होती नजर आ रही है। मंगलवार की शाम सभी बैंकों में नोट खत्म हो गए और अब करेंसी की अगली खेप कब मिलेगी, इसे लेकर अभी तक आरबीआई से कोई ठोस आश्वासन भी नहीं मिल सका है। ऐसे में अगर बुधवार को करेंसी नहीं मिली तो जिले में हालात बिगड़ सकते हैं। यही वजह है कि कमिश्नर अनिल कुमार और डीआईजी शिवसागर सिंह ने बैंकर्स के साथ बैठक कर करेंसी की उपलब्धता और डिमांड के मौजूदा हालात के साथ ही कानून व्यवस्था की भी समीक्षा की।
बैठक के दौरान लीड बैंक मैनेजर राजकुमार सिंह ने बताया कि नोट बंदी के दिन से लेकर अब तक जिले को 475 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इनमें से 458 करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं। बुधवार को अगर रकम नहीं मिली तो बैंकों के सभी कैश काउंटर बंद करने पड़ सकते हैं। आरबीआई से आखिरी बार 18 नवंबर को करीब 283 करोड़ रुपये राष्ट्रीयकृत बैंकों को मिले थे। इसके अलावा करीब 100 करोड़ रुपये पीएनबी ने अपनी व्यवस्था के तहत लखनऊ से मंगाए थे। ये रकम तीन दिन ही चल सकी। ऐसे में अगले तीन चार दिन तक स्थिति संभालने के लिए करीब साढ़े तीन सौ से चार सौ करोड़ रुपये की जरूरत तो पड़ेगी ही।
बताया कि तीन दिन पहले ही आरबीआई से जिले के लिए 900 करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी। मंगलवार को उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर भी आरबीआई से यहां की जरूरतों और स्थिति को साझा किया था। वहां जल्द करेंसी भेजे जाने का आश्वासन मिला है, मगर कोई तिथि नहीं बताई गई। उधर, हालात गंभीर होते देख डीआईजी ने बैंकों में और पुलिस बल बढ़ाने का निर्देश दिए है। वहीं कमिश्नर ने कहा कि शहर की ही तरह गांव के लोगों की भी जरूरतें हैं मगर उन्हें मदद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बैंकर्स गांव की शाखाओं को भी तवज्जो दें। बैठक के दौरान डीएम संध्या तिवारी भी मौजूद रहीं।
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बैठक के दौरान लीड बैंक मैनेजर राजकुमार सिंह ने बताया कि नोट बंदी के दिन से लेकर अब तक जिले को 475 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इनमें से 458 करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं। बुधवार को अगर रकम नहीं मिली तो बैंकों के सभी कैश काउंटर बंद करने पड़ सकते हैं। आरबीआई से आखिरी बार 18 नवंबर को करीब 283 करोड़ रुपये राष्ट्रीयकृत बैंकों को मिले थे। इसके अलावा करीब 100 करोड़ रुपये पीएनबी ने अपनी व्यवस्था के तहत लखनऊ से मंगाए थे। ये रकम तीन दिन ही चल सकी। ऐसे में अगले तीन चार दिन तक स्थिति संभालने के लिए करीब साढ़े तीन सौ से चार सौ करोड़ रुपये की जरूरत तो पड़ेगी ही।
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बताया कि तीन दिन पहले ही आरबीआई से जिले के लिए 900 करोड़ रुपये की डिमांड की गई थी। मंगलवार को उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर भी आरबीआई से यहां की जरूरतों और स्थिति को साझा किया था। वहां जल्द करेंसी भेजे जाने का आश्वासन मिला है, मगर कोई तिथि नहीं बताई गई। उधर, हालात गंभीर होते देख डीआईजी ने बैंकों में और पुलिस बल बढ़ाने का निर्देश दिए है। वहीं कमिश्नर ने कहा कि शहर की ही तरह गांव के लोगों की भी जरूरतें हैं मगर उन्हें मदद नहीं मिल पा रही है। ऐसे में बैंकर्स गांव की शाखाओं को भी तवज्जो दें। बैठक के दौरान डीएम संध्या तिवारी भी मौजूद रहीं।
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