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जेल में अब भी तनाव बरकरार, सुरक्षा बढ़ाने की मांग

Mon, 17 Oct 2016 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Mon, 17 Oct 2016 12:27 AM IST
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Situation of gorakhpur jail are still in stress after three days of scourge
गुरुवार को गोरखपुर जेल में काफी बवाल हुआ था। - फोटो : Amar Ujala / file photo
गुरुवार को हुए बवाल के बाद अब तक मंडलीय कारागार में हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। कैदियों के कब्जे से अब भी जेल को पूरी तरह मुक्त नहीं कराया जा सका है। जेलर और डिप्टी जेलर के खुद की जान का खतरा बताने के बाद वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने डीएम को पत्र लिखकर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। रविवार को डरे-सहमे कुछ ही बंदी रक्षक ही जेल के अंदर गए, बाकी अब भी बाहर से ही निगरानी कर रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को जेल में मोबाइल फोन बरामदगी और आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी सूरजभान की मौत के बाद बंदियों ने जमकर बवाल किया था। उन्होंने दो बंदी रक्षकों को बंधक बनाकर तीन लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस दिन से बिगड़ी जेल की व्यवस्था आज तक पटरी पर नहीं आ सकी। बंदी रक्षक डर-डरकर ड्यूटी कर रहे हैं तो जेलर और डिप्टी जेलर जान को खतरा बता रहे हैं। माना जा रहा है कि जेल में सख्ती बरतने पर जेलर डॉक्टर आरके सिंह, डिप्टी जेलर प्रणय सिंह, देवदर्शन सिंह कैदियों के निशाने पर हैं।
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लड़खड़ा गई है पूरी व्यवस्था 

बवाल के चलते जेल की पूरी व्यवस्था ही लड़खड़ा गई है। न अफसर अपना काम कर पा रहे हैं और न ही बंदी रक्षक ड्यूटी ठीक से निभा पा रहे हैं। जांच के लिए मांगे जा रहे दस्तावेज जुटाने के चक्कर में बंदियों से जुड़े कामकाज की फाइलें भी अटकी पड़ी हैं। बंदियों के पेरोल के मामले, बुजुर्ग कैदियों की रिहाई से संबंधित फाइलें भी बंद पड़ी हैं। 
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आज आईजी एसटीएफ के आने की उम्मीद

जेल में मोबाइल के इस्तेमाल की जांच आईजी एसटीएफ कर रहे हैं। सोमवार को उनके आने की चर्चा है। इसे लेकर जेल अफसरों में हलचल भी है। उधर, जिला प्रशासन की ओर से नामित एडीएम सिटी और एसपी सिटी भी जेल में बवाल मामले की जांच कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो जांच अधिकारियों की रिपोर्ट में कैदियों के साथ ही जेल कर्मचारियों के भी कारनामे दर्ज हैं। आईजी एसटीएफ के आने के बाद इस मामले में कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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