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तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद मिली आजादी

Tue, 26 Apr 2016 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Updated Tue, 26 Apr 2016 01:28 AM IST
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side story
पंकज
 तारामंडल रोड स्थित बुद्ध बिहार कॉलोनी में संचालित हो रहे अर्थ क्रेडिट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड के दफ्तर में पुलिस के ताला तोड़ने के बाद पसीने में लथपथ और हांफते नजर आए अंबेडकरनगर के रहने वाले पंकज गुप्ता का कहना है कि गर्मी और प्यास से बेदम होकर जिंदगी की उम्मीद टूट चुकी थी।
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पुलिस को दिए बयान में पंकज ने कहा कि प्लास्टिक कोटेड बिजली से तारों का बंधन ढीला पड़ जाने से हाथ बंधनमुक्त होने की स्थिति बनी तभी आजादी मिलने और जिंदगी बचने का हौसला आया। ऐसे में तालाबंद दफ्तर में मौजूद बेसिक फोन काम आया और कॉल के कुछ देर में ही पुलिस पहुंच जाने से जिंदगी बच गई।
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पंकज के मुताबिक बेलीपार में रहने वाले कंपनी के सीएमडी आलोक पांडेय ने दो साल पहले अवनीश प्रताप सिंह के भवन को किराए पर लेकर इस आफिस की शुरुआत की थी। यहां काम देखने का जिम्मा उसके भाई मृत्युंजय और साथी विकास पांडेय का है। अपने निवेशकों की 30 लाख की रकम मांगने पर कैशियर विकास सिंह ने शनिवार को जान से मारने की धमकी दी थी लेकिन जल्द ही बात पलटते हुए शनिवार को भुगतान का भरोसा दे दिया।
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खुद को बंधक बनाकर दफ्तर में कैद कर जाने की योजना पहले से तय होने का अनुमान जताते हुए बताया कि जाते समय कहा कि अब सीएमडी की शादी के बाद मिलेंगे। पंकज का कहना है कि कई और लोगों की भी बड़ी रकम फंसी है।
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