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अमरमणि को लैपटॉप और मोबाइल देने पर अनशन पर बैठे बंदी

Mon, 01 Feb 2016 08:29 PM IST
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 01 Feb 2016 08:29 PM IST
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prissioners are on dtrike to give laptop and mobile to amarmani
मंडलीय कारागार प्रशासन पर पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी को लैपटॉप, मोबाइल आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का आरोप लगाते हुए सोमवार की सुबह बंदियों ने हंगामा कर दिया। कई बंदी अनशन पर बैठ गए। इससे जेल में हड़कंप मच गया। जेलर के समझाने पर भी वे नहीं माने। दोपहर बाद वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसके शर्मा के आश्वासन पर बंदी खाना खाने के लिए राजी हुए। बंदियों ने जेल प्रशासन से सभी के साथ एक जैसा व्यवहार करने की मांग की है।
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हाईकोर्ट की सख्ती के बाद 11 दिसंबर 2015 को मेडिकल कॉलेज से अमरमणि त्रिपाठी और मधुमणि को मंडलीय कारागार शिफ्ट किया गया था। अमरमणि को मंडलीय कारागार की शताब्दी बैरक में, जबकि मधुमणि को महिला बैरक में रखा गया है। वर्तमान समय में यहां 1474 पुरुष बंदी और 83 महिला बंदी हैं। इनमें 300 पुरुष और 11 महिला सजायाफ्ता हैं। सोमवार की सुबह जब बैरक खुली तो बंदियों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि पूर्व मंत्री अमरमणि को जेल प्रशासन सारी सुविधाएं मुहैया करा रहा है। उन्हें लैपटॉप और मोबाइल तक दिया गया है। उन्हें रहने के लिए शताब्दी बैरक के अलावा एक अन्य बैरक भी दी गई है। दूसरी तरफ एक-एक बैरक में 150 से 200 बंदियों को रखा जा रहा है।
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हंगामे के बाद बंदी अनशन पर बैठ गए। इससे जेल में हड़कंप मच गया। जेल अधिकारियों ने बंदियों को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं थे। उनकी मांग थी कि उन्हें भी अमरमणि की तरह मोबाइल इस्तेमाल करने दिया जाए। दोपहर बाद वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसके शर्मा ने बंदियों से बातचीत कर उन्हें खाना खाने के लिए राजी कर लिया।
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बैरकों की भी हुई तलाशी
बंदियों के अनशन पर बैठने के बाद वरिष्ठ जेल अधीक्षक के नेतृत्व में बैरकों की तलाश ली गई। जेल अधिकारियों को सूचना मिली थी कि जेल में बंद कुछ बंदी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि तलाशी में जेल अधिकारियों को कुछ नहीं मिला।


खाने को लेकर बंदियों ने हंगामा किया था। अमरमणि के लैपटॉप और मोबाइल इस्तेमाल करने की बात गलत है। आम बंदियों की तरह वह भी जेल में बंद हैं। दोपहर बाद बंदियों को समझाकर शांत करा दिया गया।
- एसके शर्मा, वरिष्ठ जेल अधीक्षक
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