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फर्जी कंपनी बनाकर लाखों की ठगी
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Fri, 07 Apr 2017 01:20 AM IST
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FRAUD SHIMLA
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फर्जी कंपनी बनाकर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। गुरुवार को कंपनी के एजेंटों ने कंपनी के मैनेजर व मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इलाके के कई लोग इस ठगी का शिकार हुए हैं।
गुलरिहा इलाके के जंगल एकला नंबर एक निवासी गौरी प्रसाद जायसवाल और पिपराइच के रामचंदर चौरसिया ने वर्ष 2011 में कंपनी का ऑफिस खोला था। दोनों ने इसे कलकत्ता की कंपनी की शाखा बताकर कई युवाओं को एजेंट बना लिया। कंपनी में पांच साल में रुपये दोगुना होने का लालच देकर लोगों से रकम जमा कराई गई। 2014 में कोलकाता की कंपनी फरार हो गई तो दोनों ही मालिक बन बैठे और लोगों को गुमराह कर रुपये जमा कराते रहे।
होमगार्ड कृष्ण कुमार कन्नौजिया भी ठगों के शिकार बने। उन्होंने अपने रुपयों की मांग की तो रामचंदर चौरसिया ने आनाकानी शुरू कर दी। रकम न मिलने की चिंता में होमगार्ड ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद ही सभी एजेंट अपने-अपने रुपये मांगने लगे तो मैनेजर ने दफ्तर बंद कर दिया। परेशान होकर एजेंट दिनेश प्रजापति, रामेश्वर, अर्जुन गुप्ता, बलराम, रामप्रसाद, सुरेश चौरसिया, राजकुमार व राजाराम आदि ने गुरुवार को थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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गुलरिहा इलाके के जंगल एकला नंबर एक निवासी गौरी प्रसाद जायसवाल और पिपराइच के रामचंदर चौरसिया ने वर्ष 2011 में कंपनी का ऑफिस खोला था। दोनों ने इसे कलकत्ता की कंपनी की शाखा बताकर कई युवाओं को एजेंट बना लिया। कंपनी में पांच साल में रुपये दोगुना होने का लालच देकर लोगों से रकम जमा कराई गई। 2014 में कोलकाता की कंपनी फरार हो गई तो दोनों ही मालिक बन बैठे और लोगों को गुमराह कर रुपये जमा कराते रहे।
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होमगार्ड कृष्ण कुमार कन्नौजिया भी ठगों के शिकार बने। उन्होंने अपने रुपयों की मांग की तो रामचंदर चौरसिया ने आनाकानी शुरू कर दी। रकम न मिलने की चिंता में होमगार्ड ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। इसके बाद ही सभी एजेंट अपने-अपने रुपये मांगने लगे तो मैनेजर ने दफ्तर बंद कर दिया। परेशान होकर एजेंट दिनेश प्रजापति, रामेश्वर, अर्जुन गुप्ता, बलराम, रामप्रसाद, सुरेश चौरसिया, राजकुमार व राजाराम आदि ने गुरुवार को थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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