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एडी की बेटी ने अज्ञात पर दर्ज कराया धमकी देने का केस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 07 May 2016 01:19 AM IST
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धमकी
आजमगढ़ में तैनात एडिशनल डायरेक्टर की बेटी ने शुक्रवार को अज्ञात व्यक्ति पर धमकी देने का केस दर्ज कराया। सीओ आफिस में उन्होंने पांच मोबाइल नंबरों की जानकारी दी जिससे उनके पिता के पास फोन आ रहे हैं।
शुक्रवार की सुबह सीओ कैंट से एडिशनल डायरेक्टर ट्रेजरी रामानंद पासवान की बेटी पायल मिलीं। सात अप्रैल से पिता के मोबाइल पर पांच मोबाइल नंबरों से कॉल आने और परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने की उन्होंने जानकारी दी। पुलिस को उन्होंने जो नंबर दिए हैं उनमें से चार नेपाल के हैं।
पायल ने बताया कि वह देवरिया, रामपुर कारखाना के महुआरी में उनका मूल घर है। सिघड़िया के प्रेम नगर में वे लोग परिवार के साथ रहते हैं। तीन अप्रैल को बदमाशों ने महुआरी में उनके घर पर फायरिंग की। इसमें घर पर मौजूद पिता के दोस्त श्रीराम घायल हो गए थे। बदमाशों ने परिवार की गतिविधि पर भी नजर रखे हुए हैं। सीओ के निर्देश पर कैंट पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि मामले की छानबीन चल रही है। एडिशनल डायरेक्टर से बातचीत के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
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चिट्ठी और ऋषिमुनि का नहीं लिया नाम
पुलिस को दी तहरीर में पायल ने ऋषिमुनि तिवारी के नाम से रंगदारी के लिए घर पर फेंकी गई चिट्टी का जिक्र नहीं किया है। पुलिस अधिकारी भी इससे इन्कार कर रहे हैं। मामला छुपाने के पीछे कोई रणनीति है या एडिशनल डायरेक्टर के घरवालों का डर । पुलिस भी इस मामले में ऋषिमुनि तिवारी की भूमिका को लेकर मौन है।
14 साल बाद सुर्खियों में आया ऋषिमुनि का नाम
कुशीनगर, हाटा के पिडरा भेडियारी के रहने वाले शातिर ऋषिमुनि का नाम 14 साल बाद सुर्खियों में आया है। वर्ष 2002 में गोरखनाथ क्षेत्र से हुए उद्योगपति के अपहरण के बाद गोरखपुर में उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। ऋषिमुनि पर हत्या, लूट, डकैती, गैंगेस्टर एक्ट के कुल दस मामले दर्ज हैं।
हैसियत को लेकर भी उठ रहे सवाल
एडिशनल डायरेक्टर ट्रेजरी रामानंद की हैसियत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऋषिमुनि किसी अधिकारी से पांच करोड़ रुपये क्यों मांगेगा, इसके कारणों को भी पुलिस तलाशने में जुटी है। मामले के पीछे जमीन कारोबार या पुरानी रंजिश को देखा जा रहा है।
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शुक्रवार की सुबह सीओ कैंट से एडिशनल डायरेक्टर ट्रेजरी रामानंद पासवान की बेटी पायल मिलीं। सात अप्रैल से पिता के मोबाइल पर पांच मोबाइल नंबरों से कॉल आने और परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने की उन्होंने जानकारी दी। पुलिस को उन्होंने जो नंबर दिए हैं उनमें से चार नेपाल के हैं।
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पायल ने बताया कि वह देवरिया, रामपुर कारखाना के महुआरी में उनका मूल घर है। सिघड़िया के प्रेम नगर में वे लोग परिवार के साथ रहते हैं। तीन अप्रैल को बदमाशों ने महुआरी में उनके घर पर फायरिंग की। इसमें घर पर मौजूद पिता के दोस्त श्रीराम घायल हो गए थे। बदमाशों ने परिवार की गतिविधि पर भी नजर रखे हुए हैं। सीओ के निर्देश पर कैंट पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सीओ कैंट अभय मिश्रा ने बताया कि मामले की छानबीन चल रही है। एडिशनल डायरेक्टर से बातचीत के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
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चिट्ठी और ऋषिमुनि का नहीं लिया नाम
पुलिस को दी तहरीर में पायल ने ऋषिमुनि तिवारी के नाम से रंगदारी के लिए घर पर फेंकी गई चिट्टी का जिक्र नहीं किया है। पुलिस अधिकारी भी इससे इन्कार कर रहे हैं। मामला छुपाने के पीछे कोई रणनीति है या एडिशनल डायरेक्टर के घरवालों का डर । पुलिस भी इस मामले में ऋषिमुनि तिवारी की भूमिका को लेकर मौन है।
14 साल बाद सुर्खियों में आया ऋषिमुनि का नाम
कुशीनगर, हाटा के पिडरा भेडियारी के रहने वाले शातिर ऋषिमुनि का नाम 14 साल बाद सुर्खियों में आया है। वर्ष 2002 में गोरखनाथ क्षेत्र से हुए उद्योगपति के अपहरण के बाद गोरखपुर में उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। ऋषिमुनि पर हत्या, लूट, डकैती, गैंगेस्टर एक्ट के कुल दस मामले दर्ज हैं।
हैसियत को लेकर भी उठ रहे सवाल
एडिशनल डायरेक्टर ट्रेजरी रामानंद की हैसियत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ऋषिमुनि किसी अधिकारी से पांच करोड़ रुपये क्यों मांगेगा, इसके कारणों को भी पुलिस तलाशने में जुटी है। मामले के पीछे जमीन कारोबार या पुरानी रंजिश को देखा जा रहा है।