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कानूनगो हत्याकांड में पुलिस को करीबियों पर शक
Updated Tue, 03 Oct 2017 12:31 AM IST
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गोरखपुर। बांसगांव तहसील में तैनात कानूनगो नरसिंह कृष्ण त्रिपाठी की हत्या के मामले में घरवालों की खामोशी से गुत्थी उलझ गई है। इसे सुलझाने के लिए पुलिस ने उनके करीबियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिए हैं। कुछ करीबियों से पूछताछ भी की गई है, फिर भी पुलिस अभी खाली हाथ है।
गोरखनाथ इलाके के राजेंद्रनगर पूर्वी ललितपुरम कॉलोनी में मकान बनवाकर परिवार के साथ रह रहे कुशीनगर के कप्तानगंज बारी गांव निवासी नरसिंह कृष्ण त्रिपाठी की शनिवार सुबह लाश मिली थी। वे उसी दिन रिटायर होने वाले थे। इससे एक दिन पहले शुक्रवार शाम वह ड्यूटी से लौटने के बाद कुछ काम से घर से निकले थे। बेटी ने जब उनके मोबाइल पर कॉल की तो फोन रिसीव नहीं हुआ। दोबारा मिलाने परफोन कवरेज एरिया से बाहर बताने लगा। शनिवार सुबह गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे बेटे अनिल और सुनील कृष्ण त्रिपाठी को पुलिस ने दस नंबर बोरिंग के पास लाश मिलने की जानकारी दी। उनकी सिर कुचलकर हत्या की गई थी। इस मामले में परिवार के लोगों की खामोशी ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी है। पुलिस नरसिंह के करीबियों पर शक जता रही है। इसलिए उनके मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाकर वह सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है।
गोरखनाथ इलाके के राजेंद्रनगर पूर्वी ललितपुरम कॉलोनी में मकान बनवाकर परिवार के साथ रह रहे कुशीनगर के कप्तानगंज बारी गांव निवासी नरसिंह कृष्ण त्रिपाठी की शनिवार सुबह लाश मिली थी। वे उसी दिन रिटायर होने वाले थे। इससे एक दिन पहले शुक्रवार शाम वह ड्यूटी से लौटने के बाद कुछ काम से घर से निकले थे। बेटी ने जब उनके मोबाइल पर कॉल की तो फोन रिसीव नहीं हुआ। दोबारा मिलाने परफोन कवरेज एरिया से बाहर बताने लगा। शनिवार सुबह गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे बेटे अनिल और सुनील कृष्ण त्रिपाठी को पुलिस ने दस नंबर बोरिंग के पास लाश मिलने की जानकारी दी। उनकी सिर कुचलकर हत्या की गई थी। इस मामले में परिवार के लोगों की खामोशी ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी है। पुलिस नरसिंह के करीबियों पर शक जता रही है। इसलिए उनके मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाकर वह सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है।
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