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पुलिस ने पीछा किया तो फिर जेल पहुंचे बदमाश

Sun, 08 Jul 2018 01:06 AM IST
शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
शिवम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Sun, 08 Jul 2018 01:06 AM IST
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The police followed, then the rookie reached the jail.
क्राइम - फोटो : demo

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गोरखपुर। जमानत पर जेल से बाहर आकर खौफ पैदा करने वाले बदमाशों पर पुलिस की पैनी नजर है। ऐसे 23 बदमाशों की पैरवी कर पुलिस ने उनकी जमानत निरस्त करा दी और अब वह जेल के सलाखों के पीछे हैं। सभी हत्या, हत्या की कोशिश जैसे संगीन मामलों के आरोपी हैं। एसएसपी शलभ माथुर के आदेश पर पुलिस बदमाशों की लगातार निगरानी के साथ ही कोर्ट में पैरवी, रिपोर्ट तैयार कर जमानत निरस्त कराने का काम कर रही है। साथ ही कुछ ऐसे में भी आरोपी हैं जिनके जमानतदार कई लोगों के जमानतदार थे, इसका भी सत्यापन कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

केस दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर जेल तो भेज देती है, लेकिन फिर वह जमानत पर बाहर आने के बाद गवाहों को धमकाते हैं। ऐसे मामले बढ़ने पर एसएसपी शलभ माथुर ने बदमाशों का डोजियर तैयार करने का आदेश दिया था। ताकि उनका सही लोकेशन पुलिस के पास मौजूद हो, जिससे कार्रवाई हो सके। डोजियर तैयार होने के बाद पुलिस पैरवी कर जमानत निरस्त कराने का काम कर रही है।
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इनकी जमानत निरस्त हुई

बेलीपार में हत्या के आरोपी मेरू पांडेय, झंगहा में मारपीट कर लूट में गोविंद, गगहा में हत्या की कोशिश में सुरेंद्र यादव, बेलीपार में मानव वध में विनय सिंह, बेलीपार में ही हत्या, 7 सीएलए में उमेश, कैलाश यादव, केशव यादव, चिरंजीव यादव, अभिमन्यु यादव, जतन यादव, खोराबार में हत्या की कोशिश में राजेंद्र यादव, पिपराइच में लूट और हत्या की कोशिश में शहाबुद्दीन, कैंट में धोखाधड़ी और हत्या में तबरेज, बड़हलगंज में हत्या में विनय, विपिन, राजू, चिलुआताल में गैंगेस्टर में टुनटुन निषाद और बांसगांव में हत्या, हत्या की कोशिश के आरोपी राकेश सिंह एवं जयप्रकाश सिंह की जमानत निरस्त कराई गई।
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गंभीर धाराओं के आरोपी जमानत पर रिहा होने के बाद गवाहों को धमकाने या फिर से अपराध में लिप्त रहते हैं। पुलिस इनकी मानीटरिंग कर रही है। जमानत निरस्त कराने की पैरवी शुरू कर दी गई है। पुलिस की कोशिश है कि बदमाश जेल में ही रहें।
- शलभ माथुर, एसएसपी
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