फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   डंपर ने साइकिल सवार बहनों को कुचला, एक की मौत

डंपर ने साइकिल सवार बहनों को कुचला, एक की मौत

Sat, 04 Nov 2017 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Sat, 04 Nov 2017 01:20 AM IST
विज्ञापन
डंपर ने साइकिल सवार बहनों को कुचला, एक की मौत
हादसे के बाद डंपर में आग लगाने के बाद जाम लगाए लोगों को समझाती पुलिस। - फोटो : Amar Ujala
अवैध खनन की मिट्टी लादकर आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने पिपराइच रोड पर लाल बाजार के पास साइकिल सवार दो सगी बहनों को कुचल दिया। कक्षा तीन की छात्रा नंदिनी की तो मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बड़ी बहन और पांचवीं की छात्रा वसुंधरा को गंभीर हाल में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे से नाराज लोगों ने न सिर्फ डंपर में आग लगा दी बल्कि नारेबाजी करते हुए पुलिस से भिड़ गए। प्रदर्शनकारियों ने एक घंटे तक गोरखपुर-पिपराइच मार्ग जाम रखा। पुलिस ने इस मामले में नाबालिग डंपर चालक मंकू को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही डंपर मालिक दीनदयाल सिंह और चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। सड़क जाम करने और डंपर में आग लगाने वालों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन


शुक्रवार की सुबह सात बजे लाल बाजार निवासी और ट्रेवेल्स एजेंसी में काम करने वाले जय गौड़ की बेटी वसुंधरा (12) अपनी छोटी बहन नंदिनी (10) को साइकिल से लेकर भट्ठा चौराहे पर कोचिंग पढ़ने जा रही थी। दोनों घर से कुछ ही आगे पहुंची थीं कि पिपराइच की ओर से मिट्टी लादकर आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने दोनों को कुचल दिया। डंपर की चपेट में आने से नंदिनी की तो मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वसुंधरा छिटककर दूर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गई।
विज्ञापन


हादसे के बाद आसपास के लोग जुट गए। उन्होंने नशे में धुत नाबालिग डंपर चालक मंकू की पिटाई शुरू कर दी। उधर, सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई और उसने चालक को गिरफ्तार कर लिया। घायल वसुंधरा को जिला अस्पताल भेजा गया। हादसे से नाराज लोगों ने नंदिनी का शव रखकर जाम लगा दिया। इसी बीच कुछ लोगों ने डंपर में आग लगा दी। पुलिस ने जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन चल रहा है। इसी के चलते हादसा हुआ। घटनास्थल पर एसपी नार्थ गणेश साहा, सीओ चौरीचौरा प्रवीण सिंह, सीओ गोरखनाथ समीक्षा यादव, पिपराइच थानेदार अनुज सिंह, गुलरिहा थानेदार ओम हरि वाजपेयी, शाहपुर के घनश्याम तिवारी पहुंच गए। लोग किस कदर नाराज थे, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस जब उन्हें समझाने पहुंची तो वे भिड़ गए। अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम खत्म कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अवैध खनन और उसमें पुलिस की संलिप्तता के आरोपों की जांच सीओ चौरीचौरा को सौंपी गई है। जिलाधिकारी ने एसडीएम को भी नामित किया है। जांच रिपोर्ट आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब पुलिस, प्रशासनिक अफसर संयुक्त रूप से छापेमारी कर अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
- सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी

नाबालिग चालक के हाथों में थी स्टेयरिंग

अवैध खनन से ज्यादा मुनाफा कमाने की चाहत ने शुक्रवार को एक बच्ची की जान ले ली और दूसरे को गंभीर रूप से घायल कर दिया। मेहनताना कम देना पड़े, इसलिए डंपर मालिक दीनदयाल ने नाबालिग मंकू के हाथों में स्टेयरिंग थमा दी। उसने न सिर्फ शराब पी रखी थी, बल्कि ईयर फोन भी लगा रखा था। यही नहीं, डंपर की रफ्तार भी तेज थी। ऐसे में हादसे की आशंका थी ही। दो बच्चियों को कुचलने के बाद भी चालक बेखबर डंपर भगाए जा रहा था। जब लोगों ने उसे दौड़ाकर रोका, तब उसे जानकारी हुई। पिपराइच थानेदार अनुज सिंह ने बताया कि पूछताछ में चालक ने अपनी उम्र्र 17 साल बताई है। 

और बड़ा हादसा होता यदि सिलेंडर तक आग पहुंच जाती
हादसे से नाराज लोगों ने डंपर में आग लगा दी थी। पिपराइच थानेदार अनुज जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने ग्रामीणों से छुड़ाकर चालक को हिरासत में ले लिया। इसी दौरान उसने पुलिस को बताया कि डंपर में एक गैस सिलेंडर भी है। इतना सुनते ही थानेदार जाम छोड़कर आग को बुझाने की कोशिश करने लगे। दमकल को भी सूचना दी गई, लेकिन उसके आने से पहले ही आग बुझा ली गई। यदि आग डंपर में मिट्टी के बीच मौजूद सिलेंडर तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। आग बुझाने वाले एक सिपाही को जब सिलेंडर की मौजूदगी का पता चला तो वह भी सहम गया था।

मां बेसुध, घर में मचा कोहराम
हादसे में नंदिनी की मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। बेटी की मौत की जानकारी मिलते ही मां गुड्डी की तबीयत बिगड़ गई। वह बेसुध हो गईं। लोगों ने डॉक्टर को बुलाकर उनका उपचार कराया। सदमें से वह बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। पिता घायल बेटी का अस्पताल में उपचार कराने में लगे रहे। वहां भी वह एक बेटी को खोने के गम में रह-रहकर रोने लग रहे थे। 

पापा से पूछ रही नंदिनी का हाल
जिला अस्पताल में भर्ती वसुंधरा पापा जय गौड़ से रह-रहकर एक ही सवाल कर रही है कि छोटी बहन नंदिनी कहा है? उसे अभी यही बताया जा रहा है कि उसे ज्यादा चोट लगी है लेकिन वह ठीक है। दूसरे अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। 


भाई-बहनों में दूसरे नंबर की थी नंदिनी
जय गौड़ के तीन बच्चों में नंदिनी दूसरे नंबर की थी। वसुंधरा बड़ी है, जबकि भाई कृष्णा (5) छोटा है। दोनों बेटियों को पढ़ाने के लिए पिता खेती कराते थे। दोनों ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल और कोचिंग पढ़ने साथ ही जाती थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed