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वाणिज्य कर : कुशीनगर में भी मिली फर्जी कंपनी, केस दर्ज
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Updated Fri, 23 Nov 2018 12:52 AM IST
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एफआईआर
गोरखपुर। वाणिज्य कर विभाग ने कुशीनगर में भी फर्जी कंपनी का मामला पकड़ा है। विभाग की एसआईबी टीम ने कारोबारी राघव साहनी के अलावा उनके कथित अधिवक्ता लखनऊ के धीरेंद्र पांडेय के खिलाफ कसया थाने में केस दर्ज कराया है। उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी के अलावा कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप है।
एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर सच्चिदानंद सिंह कुशीनगर और गोरखपुर के अधिकारियों के साथ बुधवार को कसया स्थित जीएस ट्रेडिंग कंपनी की जांच करने पहुंचे, लेकिन पंजीकृत पते पर कोई भी कंपनी नहीं मिली। कंपनी के संचालक राघव साहनी ने वही पता दिया था। उसी पते पर उन्होंने मकान की किराएदारी का एग्रीमेंट भी जमा किया था।
जिस मोबाइल नंबर को उन्होंने जीएसटीएन में दर्ज कराया था, उसका इस्तेमाल लखनऊ के धीरेंद्र पांडेय करते हुए मिले। अधिकारियों ने जब उस फोन नंबर पर संपर्क किया तो उन्होंने अपना परिचय राघव साहनी के अधिवक्ता के रूप में दी। इस फ र्म के नाम पर करीब 50 लाख का कारोबार किया गया है। जीएसटी नहीं जमा की गई है। फ र्म ने ई-वे बिल जारी कर काफ ी मात्रा में माल मंगाया भी है। मंगाए गए माल और वाहनों की डिटेल के साथ वाणिज्य कर विभाग की टीम ने कसया थाने में केस दर्ज कराया है। एडिशनल कमिश्नर वीएन द्विवेदी ने बताया कि संदिग्ध फ र्मों का सत्यापन तेज किया जाएगा। फर्जी कंपनियों पर केस दर्ज कराने के साथ जरूरी साक्ष्य पुलिस को मुहैया कराए जाएंगे, ताकि कर चोरी करने वालों पर कार्रवाई हो सके।
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एसआईबी के डिप्टी कमिश्नर सच्चिदानंद सिंह कुशीनगर और गोरखपुर के अधिकारियों के साथ बुधवार को कसया स्थित जीएस ट्रेडिंग कंपनी की जांच करने पहुंचे, लेकिन पंजीकृत पते पर कोई भी कंपनी नहीं मिली। कंपनी के संचालक राघव साहनी ने वही पता दिया था। उसी पते पर उन्होंने मकान की किराएदारी का एग्रीमेंट भी जमा किया था।
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जिस मोबाइल नंबर को उन्होंने जीएसटीएन में दर्ज कराया था, उसका इस्तेमाल लखनऊ के धीरेंद्र पांडेय करते हुए मिले। अधिकारियों ने जब उस फोन नंबर पर संपर्क किया तो उन्होंने अपना परिचय राघव साहनी के अधिवक्ता के रूप में दी। इस फ र्म के नाम पर करीब 50 लाख का कारोबार किया गया है। जीएसटी नहीं जमा की गई है। फ र्म ने ई-वे बिल जारी कर काफ ी मात्रा में माल मंगाया भी है। मंगाए गए माल और वाहनों की डिटेल के साथ वाणिज्य कर विभाग की टीम ने कसया थाने में केस दर्ज कराया है। एडिशनल कमिश्नर वीएन द्विवेदी ने बताया कि संदिग्ध फ र्मों का सत्यापन तेज किया जाएगा। फर्जी कंपनियों पर केस दर्ज कराने के साथ जरूरी साक्ष्य पुलिस को मुहैया कराए जाएंगे, ताकि कर चोरी करने वालों पर कार्रवाई हो सके।
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