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जीडीए कर्मचारी समेत तीन पर मुकदमा दर्ज
Thu, 28 Mar 2019 12:54 AM IST
ajay Kumar
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
Published by: ajay Kumar
Updated Thu, 28 Mar 2019 12:54 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की कॉलोनी गौतम विहार आवासीय योजना में विधवा महिला को आवंटित जमीन दूसरे के नाम रजिस्ट्री हो जाने के मामले में बुधवार को मुकदमा दर्ज हो गया। जीडीए के सहायक संपत्ति अधिकारी सत्येंद्र सिंह की तहरीर पर खोराबार थाने की पुलिस ने संपत्ति विभाग के ही कर्मचारी अरुण सिंह, क्रे ता टाउनहाल स्थित जलकल निवासी रमेश वर्मा और उनकी पत्नी रेनू वर्मा पर जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ।
अंजनी देवी पत्नी रमेश वर्मा के नाम करीब एक दशक पहले 216 वर्ग मीटर जमीन आवंटित हुई थी। आवंटन के कुछ समय बाद ही उनके पति की मौत हो गई। इस सदमे से उबरने के बाद जब वह जमीन रजिस्ट्री कराने पहुंची तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि उनके पति के ही नाम के दूसरे व्यक्ति को जमीन रजिस्ट्री हो गई है। प्राधिकरण में शिकायत के साथ ही उन्होंने कोर्ट में भी याचिका दाखिल कर दी। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच में संपत्ति विभाग के कर्मचारी अरुण सिंह को दोषी पाया गया है। उन्होंने पहले दूसरे के नाम प्लाट ट्रांसफर करा दिया फिर अपने एक रिश्तेदार के नाम वहीं जमीन रजिस्ट्री करा दी। रिश्तेदार ने इसे लिखित तौर पर स्वीकार भी किया है।
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अंजनी देवी पत्नी रमेश वर्मा के नाम करीब एक दशक पहले 216 वर्ग मीटर जमीन आवंटित हुई थी। आवंटन के कुछ समय बाद ही उनके पति की मौत हो गई। इस सदमे से उबरने के बाद जब वह जमीन रजिस्ट्री कराने पहुंची तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि उनके पति के ही नाम के दूसरे व्यक्ति को जमीन रजिस्ट्री हो गई है। प्राधिकरण में शिकायत के साथ ही उन्होंने कोर्ट में भी याचिका दाखिल कर दी। जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। उन्होंने बताया कि मामले की जांच में संपत्ति विभाग के कर्मचारी अरुण सिंह को दोषी पाया गया है। उन्होंने पहले दूसरे के नाम प्लाट ट्रांसफर करा दिया फिर अपने एक रिश्तेदार के नाम वहीं जमीन रजिस्ट्री करा दी। रिश्तेदार ने इसे लिखित तौर पर स्वीकार भी किया है।
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