फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   कुशीनगर एक कालेज की भूमिका संदिग्ध

कुशीनगर एक कालेज की भूमिका संदिग्ध

Mon, 23 Jul 2018 01:38 AM IST
राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर।
राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर। Updated Mon, 23 Jul 2018 01:38 AM IST
विज्ञापन
कुशीनगर एक कालेज की भूमिका संदिग्ध
फाइल
गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों के पेपर लीक होने के मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपनी जांच रिपोर्ट एसटीएफ को सौंप दी है। इसके बाद कुशीनगर के एक वित्तपोषित कॉलेज प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पेपर लीक कराने में कॉलेज और यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जांच टीम ने रिपोर्ट के साथ कुछ अहम दस्तावेज भी सौंपे हैं, जिससे एसटीएफ इस मामले में जल्द ही पर्दाफाश कर सकती है।
विज्ञापन

 

यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों में 16 अप्रैल को बीए, बीएससी प्रथम वर्ष गणित के पेपर लीक होने का मामला सामना आया था। उसके बाद दूसरे दिन 17 अप्रैल को बीए द्वितीय वर्ष समाजशास्त्र और 21 अप्रैल को बीकॉम प्रथम वर्ष का सेकेंड पेपर भी लीक हो गया।

विज्ञापन

 

यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तीनों पेपर निरस्त कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया। इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच एसटीएफ को सौंप दी थी और प्रति कुलपति प्रो. एसके दीक्षित की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित कर खुद भी आंतरिक जांच शुरू करा दी। एसटीएफ ने कुशीनगर और देवरिया के कई कॉलेजों के शिक्षक और कर्मचारियों से पूछताछ की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 

सूत्रों की मानें तो इस मामले में कुशीनगर का वह एडेड कॉलेज भी है, जिसकी भूमिका संदिग्ध है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पेपर लीक मामले में गोपनीय जांच रिपोर्ट एसटीएफ को सौंप दी गई है। अब आगे की जांच एसटीएफ ही करेगी। जल्द ही मामले का पर्दाफाश हो जाएगा।

ढाई महीने अधिक लग गए जांच में

गोरखपुर। जांच टीम को 15 दिनों में रिपोर्ट देनी थी। शुरूआत में जांच तेज थी, लेकिन जैसे-जैसे टीम को सुराग हाथ लगते गए, पड़ताल का दायरा भी बढ़ता गया। सूत्र बताते हैं कि वाट्सएप, कॉपी के बंडल, कोड नंबर आदि की जांच में भी कुछ सबूत हाथ लगे हैं। सप्ताह भर पूर्व कमेटी ने अपनी जांच पूरी कर यूनिवर्सिटी प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी। विधिक राय लेने के बाद इसे एसटीएफ को सौंपा गया है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed