कुशीनगर एक कालेज की भूमिका संदिग्ध
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यूनिवर्सिटी और संबद्ध कॉलेजों में 16 अप्रैल को बीए, बीएससी प्रथम वर्ष गणित के पेपर लीक होने का मामला सामना आया था। उसके बाद दूसरे दिन 17 अप्रैल को बीए द्वितीय वर्ष समाजशास्त्र और 21 अप्रैल को बीकॉम प्रथम वर्ष का सेकेंड पेपर भी लीक हो गया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तीनों पेपर निरस्त कर दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया। इस मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच एसटीएफ को सौंप दी थी और प्रति कुलपति प्रो. एसके दीक्षित की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय टीम गठित कर खुद भी आंतरिक जांच शुरू करा दी। एसटीएफ ने कुशीनगर और देवरिया के कई कॉलेजों के शिक्षक और कर्मचारियों से पूछताछ की थी।
सूत्रों की मानें तो इस मामले में कुशीनगर का वह एडेड कॉलेज भी है, जिसकी भूमिका संदिग्ध है। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पेपर लीक मामले में गोपनीय जांच रिपोर्ट एसटीएफ को सौंप दी गई है। अब आगे की जांच एसटीएफ ही करेगी। जल्द ही मामले का पर्दाफाश हो जाएगा।