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जमीन के लिए युवक के अपहरण से सनसनी
Updated Fri, 14 Jul 2017 07:36 PM IST
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थाने में तहरीर देने पहुंचे दिलीप चौहान (नीली शर्ट में)।
- फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर।
पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी गांव के दिलीप चौहान के अपहरण से सनसनी फैल गई। सफारी गाड़ी सवार प्रॉपर्टी डीलरों ने घर से पुलिस बनकर दिलीप को गाड़ी में बैठा लिया और फिर दोपहर तक इधर-उधर घुमाते रहे। उधर, रजिस्ट्री दफ्तर में जमीन को जबरन खरीदने के लिए दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। दोपहर में जब दिलीप को लेकर मनबढ़ रजिस्ट्री दफ्तर पहुंचे तो वहां पर दिलीप ने हस्ताक्षर करने से इंकार करते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। मनबढ़ दफ्तर में ही उसकी पिटाई करने लगे। कर्मचारियों ने बीच बचाव करने के साथ ही पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस पहुंचने से पहले मनबढ़ वहां से फरार हो गए। कैंट पुलिस दिलीप के बताए अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी है।
जंगल छत्रधारी के दिलीप चौहान ने राम अवतार से चौराहे पर छह डिस्मिल जमीन खरीदी थी। करीब 17 दिन पहले कराई गई रजिस्ट्री का अभी खारिज दाखिल नहीं करा पाए हैं। शुक्रवार की सुबह 9:30 बजे के करीब गांव अमर चौहान समेत पांच लोग घर आ गए। दिलीप का आरोप है कि सभी प्रॉपर्टी डीलर हैं। एक ने खुद को एसओजी का बताते हुए थाने ले जाने की बात कही। गाड़ी के पास जाते ही जबरन खिंचकर बैठा लिए और फिर शहर में घूमाने लगे। दोपहर में रजिस्ट्री ऑफिस लाए और जमीन को जबरन बैनामा करने को कहने लगे। इन्कार करने पर मारने-पीटने लगे।
पुलिस को दिलीप ने बताया कि राम अवतार को 3.70 लाख रुपये दे दिया है और दो लाख रुपया का बकाया है। अपहरण की सूचना पर मार्बल का काम करने वाला भाई सिकंदर भी थाने पहुंच गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पिपराइच इलाके के जंगल छत्रधारी गांव के दिलीप चौहान के अपहरण से सनसनी फैल गई। सफारी गाड़ी सवार प्रॉपर्टी डीलरों ने घर से पुलिस बनकर दिलीप को गाड़ी में बैठा लिया और फिर दोपहर तक इधर-उधर घुमाते रहे। उधर, रजिस्ट्री दफ्तर में जमीन को जबरन खरीदने के लिए दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। दोपहर में जब दिलीप को लेकर मनबढ़ रजिस्ट्री दफ्तर पहुंचे तो वहां पर दिलीप ने हस्ताक्षर करने से इंकार करते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया। मनबढ़ दफ्तर में ही उसकी पिटाई करने लगे। कर्मचारियों ने बीच बचाव करने के साथ ही पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस पहुंचने से पहले मनबढ़ वहां से फरार हो गए। कैंट पुलिस दिलीप के बताए अनुसार मामले की जांच शुरू कर दी है।
जंगल छत्रधारी के दिलीप चौहान ने राम अवतार से चौराहे पर छह डिस्मिल जमीन खरीदी थी। करीब 17 दिन पहले कराई गई रजिस्ट्री का अभी खारिज दाखिल नहीं करा पाए हैं। शुक्रवार की सुबह 9:30 बजे के करीब गांव अमर चौहान समेत पांच लोग घर आ गए। दिलीप का आरोप है कि सभी प्रॉपर्टी डीलर हैं। एक ने खुद को एसओजी का बताते हुए थाने ले जाने की बात कही। गाड़ी के पास जाते ही जबरन खिंचकर बैठा लिए और फिर शहर में घूमाने लगे। दोपहर में रजिस्ट्री ऑफिस लाए और जमीन को जबरन बैनामा करने को कहने लगे। इन्कार करने पर मारने-पीटने लगे।
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पुलिस को दिलीप ने बताया कि राम अवतार को 3.70 लाख रुपये दे दिया है और दो लाख रुपया का बकाया है। अपहरण की सूचना पर मार्बल का काम करने वाला भाई सिकंदर भी थाने पहुंच गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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